यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की अधिकतम संख्या किस राज्य में है?

भारत में महाराष्ट्र यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अधिकतम संख्या वाला राज्य है। यूनेस्को ने जुलाई के महीने में नई विश्व धरोहर स्थलों की इस साल की सूची जारी की। भारत में इस बार केवल ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद ही यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया है। अहमदाबाद भारत का पहला ऐसा शहर है जिसे यूनेस्को की विरासतीय सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ अब भारत में विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 36 हो गई है, जिसमें 28 सांस्कृतिक स्थल, 7 प्राकृतिक स्थल और 1 मिश्रित स्थल (स्थान) है। यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन, 1972 में स्थापित विश्व धरोहर का दर्जा प्रदान करता है। यूनेस्को विश्व धरोहर की सूची में 1983 में पहली बार भारत के दो स्थलों आगरा फोर्ट और अजंता की गुफाओं को शामिल किया गया था।

महाराष्ट्र राज्य अपने आप में 4 विश्व धरोहर स्थलों को संजोए हुए है और दूसरों से साझा किए गए आधार पर एक स्थल है। महाराष्ट्र की विश्व धरोहर वाले स्थल – अजंता गुफाएं (औरंगाबाद), एलोरा गुफाएं (औरंगाबाद), एलीफैंट गुफाएं (मुंबई), छत्रपति शिवाजी टर्मिनस / विक्टोरिया टर्मिनस (मुंबई) और पश्चिमी घाट (सह्याद्री उप-क्लस्टर) हैं।

तमिलनाडु राज्य अपने आप में तीन विरासतीय स्थलों को संजोए हुए है और एक विरासतीय स्थल साझा रुप से तमिलनाडु का हिस्सा है। तमिलनाडु के विरासतीय स्थल निम्न हैं – चोल वंश के महान मंदिर, महाबलिपुरम स्मारक, निलगिरी माउंटेन रेलवे और पश्चिमी घाट (अग्स्थ्यमलाई – अनमालई पहाड़ी)।

दिल्ली भारत का पहला ऐसा शहर है जो अपने आप में तीन विरासतीय स्थलों को संजोए हुए है वह विरासतीय स्थल निम्नलिखित हैं – लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायुँ का मकबरा।

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