पालक की पत्तियों में पोषक तत्व बहुत अधिक मात्रा में होते हैं क्योंकि इसमें आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। पालक का नियमित उपयोग आपको अनेक बीमारियों से बचाता है। भारत में पालक का उपयोग अनेक प्रकार के व्यंजनों जैसे पालक पनीर, पालक का साग इत्यादि में किया जाता है। मैं आपको अपने आहार में पौष्टिक पालक लेने का एक अद्भुत तरीका बताती हूँ और मुझे विश्वास है कि आपके बच्चे भी इस रेसिपी को पसंद करेंगे। पूरे भारत में पूड़ियाँ पसंद की जाती हैं। शुद्ध भारतीय रोटी गेहूं के आटे से बनाई जाती है। पिछले कुछ सालों से मैंने पालक के पत्तों का पेस्ट बनाकर गेहूँ के आटे के साथ गूँथकर मसालेदार पालक की पूड़ी बनाना शुरू किया है जिसे मैं भारतीय करी के साथ नियमित रुप से पेश करती हूँ। पालक की पूड़ियों में पालक के पत्तों के फायदों के साथ एक अद्भुत स्वाद और प्यार निहित होता है। इन पूड़ियों का स्वाद नियमित रूप से उपयोग की जाने वाली पूडियों से अलग एवं अद्भुत है। आप भी अपने आहार में पालक की पत्तियों का फायदा पाने के लिए पालक पूड़ी रेसिपी का उपयोग करें।
आवश्यक सामग्री (चार व्यक्तियों के लिए)
- पालक – 250 ग्राम
- गेहूं का आटा – 2 कप
- नमक – 1 चम्मच
- तेल तलने के लिए
पालक पूड़ी कैसे बनाएं
- पालक के पत्तों को धोकर काट लें।
- एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और जब पानी उबलना शुरु हो जाए तब उसमें नमक और पालक के पत्ते डाल दें।
- लगभग 2-3 मिनट तक पकाएं।
- पालक के पत्तों को निचोड़कर ठंडे पानी में चलाएं।
- पालक के पत्तों को पीसकर अच्छा पेस्ट बनाएं।
- पालक के पेस्ट को गेहूं के आटे में डालें और आवश्यक पानी मिलाकर गूंथ लें।
- एक पैन में तेल गर्म करें।
- गूँथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोईयां बनाकर 4-5 इंच के व्यास के आकार में बेलें।
- गर्म तेल में पूड़ी को दोनों तरफ तलें।
- अपनी पसंदीदा भारतीय करी के साथ गर्मा-गरम परोसें।