कौन क्या है।

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिष्ठित नेता हैं। उन्हें सांस्कृतिक समभाव, उदारवाद और राजनीतिक तर्कसंगतता के लिए जाना जाता है। वे तीन बार भारत के प्रधान मंत्री बने। उनके कार्यकाल में ही भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किया। नई दिल्ली-लाहौर बस सेवा शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति की उम्मीदों को नया आयाम दिया। आज तक उनकी सरकार ऐसी इकलौती गैर-कांग्रेस सरकार है जिसने [...]

जीजाबाई (1594-1674) महान मराठा शासक और योद्धा शिवाजी की माताजी थी। शिवाजी मुगल साम्राज्य के खिलाफ मजबूती से लड़े और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की। जीजाबाई का जन्म 1594 में महाराष्ट्र के एक गांव सिंधखेड़ में हुआ था। उनके पिता शाही दरबारी और प्रमुख मराठा सरदार थे, जिनका नाम लखुजी जाधवराव था, जबकि उनकी माता का नाम म्हालसा बाई था। उनके पिता अहमदनगर में निजामशाही की सेवा करते थे और उन्हें अपने ऊंचे रुतबे और [...]

25 दिसंबर 1861 को एक धर्मनिष्ठ एवं समर्पित हिंदू परिवार में जन्में पंडित मदन मोहन मालवीय एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, एक शिक्षाविद और समाज सुधारक थे और एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर भारत उनका उद्देश्य था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर काबिज होने के साथ ही उन्होंने 1931 में पहले गोल मेज सम्मेलन में महात्मा गांधी के साथ भाग लिया था। बनारस में प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की स्थापना की। वह एक समाज [...]

खुदीराम बोस एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे युवा क्रांतिकारियों में से एक के तौर पर जाना जाता है। उनका जन्म 3 दिसंबर 1889 को हुआ था। उनके पिता त्रैलोक्यनाथ बसु शहर के तहसीलदार थे और मां लक्ष्मीप्रिया देवी एक धर्मनिष्ठ महिला। उनका जन्म पश्चिम बंगाल के मेदिनिपुर जिले के बहुवैनी में हुआ था। खुदीराम बोस पर भगवद गीता के कर्म अध्याय का गहरा असर था। वह भारत माता को [...]

बेगम हजरत महल एक महान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थी, जिन्होंने भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम (1857-58) में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्हें अवध की बेगम के तौर पर भी जाना जाता हैं। वह लखनऊ के तत्कालीन शासक नवाज वाजिब अली शाह की पत्नी थी। उनका वास्तविक नाम मुहम्मदी खानुम था और उन्हें ‘हजरत महल’ यह उपाधि उनके बेटे बिरजिस कादर के जन्म के साथ मिली थी। बेगम हजरत महल न विनम्र स्वभाव और खूबसूरती [...]

अहिल्याबाई होल्कर (1725-1795) एक महान शासक थी और मालवा प्रांत की महारानी। लोग उन्हें राजमाता अहिल्यादेवी होल्कर नाम से भी जानते हैं और उनका जन्म महाराष्ट्र के चोंडी गांव में 1725 में हुआ था। उनके पिता मानकोजी शिंदे खुद धनगर समाज से थे, जो गांव के पाटिल की भूमिका निभाते थे। उनके पिता ने अहिल्याबाई को पढ़ाया-लिखाया। अहिल्याबाई का जीवन भी बहुत साधारण तरीके से गुजर रहा था। लेकिन एकाएक भाग्य ने पलटी खाई और [...]

अशोक को हम सभी मौर्य काल के महान सम्राट अशोक के तौर पर याद करते हैं। वह सम्राट बिंदुसार के बेटे थे। उनका जन्म सम्राट की पत्नियों में से एक धर्मा के गर्भ से हुआ था। यह माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने सम्राट अशोक के जन्म से बहुत पहले ही उनके बारे में भविष्यवाणी कर दी थी। ‘गिफ्ट ऑफ डस्ट’ कहानी में उन्होंने इसका जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि पाटलिपुत्र में [...]

नूरजहां (1577-1645) मुगल काल की एक महारानी थी, जिन्हें भारत के इतिहास में मुगल शासक जहांगीर की सबसे पसंदीदा पत्नी के तौर पर याद किया जाता है। उनका असली नाम मेहर-उन-नीसा था। उनका जन्म अफगानिस्तान के कंधार में 1597 में पर्शिया के एक कुलीन परिवार में हुआ था। उनके दादा शाह तहमास्प प्रथम की सेवा में थे। मेहरूनिसा मिर्जा घियास बेग और उनकी पत्नी अस्मत बेगम की चौथी संतान थी। परिवार के भारत आने के [...]

कैलिम्पुडी राधाकृष्ण राव सांख्यिकी और गणित के भारतीय आकाश के सबसे ज्यादा चमकने वाले सितारों में से एक है। एक विलक्षण शिक्षाविद् के तौर पर उन्होंने अपना पूरा जीवन सांख्यिकी के विकास में लगा दिया और इसकी बदौलत ही उन्हें पद्म भूषण जैसे भारत के सर्वोच्च अलंकरणों में से एक से नवाजा गया। सी.आर. राव का जन्म 10 सितंबर 1920 को कर्नाटक के हडगली में हुआ था। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम आ गया [...]

जिसने एक शक्तिशाली साम्राज्य के रूप में में चोल साम्राज्य की नींव रखी, वह व्यक्ति महान राजराजा (शासन काल 985 से 1014 ईसवी) के अलावा कोई नहीं है। कला और धर्म के संरक्षक, वह एक संगठनात्मक और राजनीतिक प्रतिभाशाली भी थे। जब राजराजा शासक बने,उन्होंने दक्षिण की सीमा तक में दक्षिणी भारत और श्रीलंका के राज्यों  और कलिंग पूर्वोत्तर में (उड़ीसा) पर विजय प्राप्त की। उन्होंने उत्तर में चालुक्यों तथा दक्षिण में पंड्या से अनेको युद्ध लड़े। उन्होंने दक्षिण पश्चिम में पारंपरिक चेरा विरोध का भी [...]