भारत में यात्रा – स्थल, होटल, भोजन, परिवहन और टूर गाइड

भारत यात्रा
भारत एक महान आध्यात्मिक विरासत वाली धरती है और ज्यादातर पश्चिमी देशों के लोगों के लिए एक रहस्य है। इस देश के बारे में दूसरे महाद्वीपों में चाहे कितने ही मिथक और गलत अवधारणाएं क्यों ना हों, पर फिर भी लाखों सैलानी हर साल भारत आते हैं। भारत यात्रा आपके लिए एक अभूतपूर्व और आकर्षक अनुभव हो सकता है बशर्ते आपने अच्छी जानकारी बटोरी हो और ठीक से यात्रा की योजना बनाई हो। अपनी यात्रा को मजेदार और सुरक्षित बनाने के लिए यह जरुरी है कि आपने लागत का हिसाब लगाने से लेकर रहने तक की व्यवस्था का इंतजाम कर लिया हो।

भारत पर्यटन
भारत के एक ट्राॅपिकल मौसम वाले देश होने के कारण गर्मियों में यहां विदेशी सैलानियों की संख्या में बहुत गिरावट आ जाती है और सर्दियों में इसके ठीक उलट हो जाता है। भारत के पर्यटन उद्योग ने पिछले दस सालों में काफी वृद्धि देखी है लेकिन फिर भी यह दूसरे एशियाई देशों जैसे चीन और कोरिया के मुकाबले कम है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन से मिले आकड़ों के अनुसार भारत में पिछले साल 6.65 मिलियन सैलानी आए थे। भारत में पर्यटन की वृद्धि में बाधा के कारणों में देश के उत्तरी भाग में आतंकवाद का संघर्ष और जातीय हिंसा की छुटपुट घटनाएं शामिल हैं।

यात्रा का सबसे अच्छा समय
विदेशी सैलानियों के लिए भारत यात्रा का सबसे अच्छा समय सर्दियों के महीने हैं। नवंबर से मार्च महीनों के दौरान सबसे ज्यादा सैलानियों का दौरा होता है, जिनमें यूरोप और अमेरिका के सबसे ज्यादा होते हैं। इन महीनों में ना सिर्फ मौसम सुहावना होता है बल्कि उमस और गंदगी भी कम होती है। यदि आप रेगिस्तान के क्षेत्र या उत्तरी राज्यों की यात्रा की योजना बना रहे हों तो सर्दियां एक बेहतर विकल्प है। हालांकि वे लोग जो ट्राॅपिकल मौसम वाले देशों की यात्रा कर चुके हों या फिर यहां की गर्मी और उमस का सामना कर सकते हों, वो मानसून में भी अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। देश के कुछ राज्य जैसे केरल, गोवा और असम मानसून के महीनों में बहुत खूबसूरत रुप ले लेते हैं।

कैसे पहुंचें
कई अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस, प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों के लिए रोजाना उड़ान भरती हैं। सबसे लोकप्रिय वाहकों में ब्रिटिश एयरवेज़, एयर एशिया, सिंगापुर एयरलाइंस, लुफ्थांसा, अमीरात आदि शामिल हैं। हालांकि आप एयर इंडिया की तरह भारतीय एयरलाईन का विकल्प भी चुन सकते हैं। अधिकांश विदेशी सैलानी दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के हवाई अड्डों का इस्तेमाल करते हैं। इन हवाई अड्डों में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं और इस तरह ये शहर भारत की यात्रा शुरु करने के लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं। आपके देश और आपके पसंदीदा हवाई अड्डे के आधार पर आप कुछ भारतीय हवाई अड्डों के लिए सीधी अंतर्महाद्वीपीय उड़ानें भी प्राप्त कर सकते हैं। कई ट्रेवल एजेंसियां हवाई अड्डे से पिकअप और रहने की व्यवस्था में मदद जैसी सुविधाएं भी देती हैं।

होटल
अपनी भारत यात्रा में रहने की व्यवस्था का पहले से ही इंतजाम करना समझदारी है। सौभाग्य से भारत में हाॅस्पिटेलिटी उद्योग का बहुत विस्तार हो रहा है और प्रीमियम भव्य होटल प्रमुख शहरों में उभर रहे हैं। जो सैलानी अपनी सुविधाओं और लक्जरी में समझौता नहीं करना चाहते उनके लिए ताज होटल्स रिसाॅर्ट्स और पैलेसेस, ओबेराय होटल और रिसाॅर्ट्स या पार्क होटल को चुनना समझदारी रहेगी। इन समूहों की प्रमुख भारतीय शहरों जैसे बंगलौर, हैदराबाद, गोवा, चैन्नई, दिल्ली में होटल हैं। राजस्थान में कुछ महल हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिए गए हैं जहां आप शाही आतिथ्य का आकर्षक स्वाद ले सकते हैं।

खाना
भारत में कई तरह के व्यंजनों की बड़ी रेंज है और हर एक का अपना मसालों, तेल और जड़ी बूटियों का अनूठा मिश्रण है। आपको उनका स्वाद जहां एक ओर लुभाता है, वहीं कुछ विदेशी इन मसालेदार व्यंजनों का मुकाबला नहीं कर पाते। भारत के कई प्रमुख हिस्सों में चावल मुख्य भोजन है, वहीं उत्तरी राज्यों में कई तरह की रोटियां खाई जाती हैं। केरल और पश्चिम बंगाल में आप क्षेत्रीय मछली से बने हुए स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं। उत्तरी राज्य अपने चटपटे मजेदार अचारों और पशु मांस आधारित व्यंजनों के लिए मशहूर हैं। यहां आप कई प्रकार के मीठे व्यंजनों का भी स्वाद ले सकते हैं जो ज्यादातर पनीर या मसालों से बने होते हैं। हालांकि बेहतर होगा आप सड़क किनारे बेचे जाने वाले चटपटे खाने के लालच से बचें, चाहे वो कितने ही आकर्षक क्यों ना लगते हों।

खरीददारी
भारत यात्रा के दौरान सजावटी सामान, मोमेंटो या और कोई सामान खरीदते हुए आपको सावधान रहने की बहुत जरुरत है। यहां कई स्थानों पर उंचे दामों में नकली सामान मिलने की संभावना होती है। यहां आपको टेक्सी चालक अपने रिश्तेदार की दुकान से सामान खरीदने की सलाह देते भी मिल जाएंगे। हालांकि प्रमुख शहरों में आपको कुछ बहुत अच्छी दुकानें भी मिल जाएंगीं जहां से आप शानदार कालीन, हस्तशिल्प, आॅर्गेनिक सामान और कपड़े खरीद सकते हैं। वो लोग जिन्हें शापिंग माॅल के माहौल की जरुरत हो उनके लिए बता दें कि भारत में हाल के सालों में कई रिटेल श्रृंखलाएं शुरु हो गई हैं।

लोकप्रिय आकर्षण
भारत में मशहूर जगहों और सामानों को आप कितना भी जान लें, उनका कोई अंत नहीं है। भारत आने वाले सैलानियों के लिए ताज महल एक बड़ा आकर्षण है और संगमरमर से बने इस विशाल मकबरे को देखने का मौका नहीं खोना चाहिए, जो कि यूनेस्को विश्व विरासत स्थल भी है। भारत के अलग अलग भागों में कई लोकप्रिय त्यौहार और मेले मनाए जाते हैं। हालांकि किसी भी धार्मिक समारोह में भाग लेने से पहले आप उसके बारे में अच्छी तरह से खोजबीन कर लें। राजस्थान के रेगिस्तान में बने विशाल किले भी सैलानियों को बहुत आकर्षित करते हैं और आप इन्हें देख कर सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर ये बने कैसे थे। प्रकृतिप्रेमी केरल के खूबसूरत बेकवाॅटर का मजा ले सकते हैं या फिर गोवा के विशाल समुद्र तटों पर धूप का आनंद ले सकते हैं। अजंता एलोरा की अद्भुत प्रेरणादायी मूर्तियां भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

यात्रा टिप
विदेशियों के लिए भारत यात्रा सही मायनों में एक मोहक अनुभव हो सकता है, लेकिन यदि किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें तब। खासतौर पर सावधानी कुछ खाने या पीने के दौरान बरतनी चाहिए। नल का या खुला पानी पीने से बचना चाहिए और सड़क किनारे मिलने वाले फूड स्टाॅल के खाने से भी परहेज करना चाहिए। दलालों और लगातार पीछे पड़े रहने वाले टैक्सी ड्राइवरों से भी बचना चाहिए। भारत यात्रा पर जाने से पहले आप जरुरी टीके लगवा लें जिससे हेपेटाइटिस और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचा जा सके। अलग अलग क्षेत्रों में मंदिर और धार्मिक स्थानों पर जाने से पहले विशेष जानकारी लें, क्योंकि हर जगह के रिवाज अलग होते हैं और कुछ स्थानों पर विदेशियों को जाने की अनुमति नहीं होती। परेशानी से बचने के लिए महिला सैलानियों को अपने पहनावे के प्रति सावधान रहना चाहिए।

यात्रा की लागत
भारत में यात्रा की लागत इस पर निर्भर करती है कि आपकी प्राथमिकताएं और योजना क्या है। कई भारतीय शहरों में बजट होटलों के साथ साथ लक्जरी पांच सितारा होटलें भी हैं। ज़ाहिर है कि पीक सीज़न में इनकी दर ज्यादा होती है और हर शहर के हिसाब से भी बदलती है। कुछ लोकप्रिय स्थल, जैसे ताज महल या लाल किला घूमने के लिए विदेशी पर्यटकों को भारतीय सैलानियों के मुकाबले कहीं ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। भारत के अंदर यात्रा करने के लिए रेल सस्ता माध्यम है और आपको उड़ान के मुकाबले एसी3 टियर डिब्बे मिल जाएंगे, जो ज्यादा किफायती होते हैं। टैक्सी लेने के लिए मुंबई, बंगलौर और दिल्ली जैसे शहरों में अन्य भारतीय शहरों के मुकाबले ज्यादा विकल्प हैंे।

यात्रा के लिए कितने दिन काफी हैं?
वास्तव में भारत एक बहुत ही विशाल देश है और यहां कई दिलचस्प स्थान हैं, जिन्हें आप खोज सकते हैं। जितना ज्यादा समय हो उतना अच्छा, लेकिन औसतन आपको दो हफ्ते लग सकते हैं देश के मुख्य पर्यटन स्थल देखने के लिए। एक बात जो आपको ध्यान में रखने की ज़रुरत है, वो ये है कि भारत में परिवहन पश्चिम देशों जितना अच्छा नहीं है और आंतरिक इलाकों में स्थिति और खराब है। राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दिलचस्पी की जगह कवर करने में आपको कई दिन लग सकते हैं। इसलिए भारत की पहली यात्रा में तीन हफ्ते का समय काफी है।

ट्रेवल एजेंट
भारत में विदेशी सैलानियों की संख्या बढ़ने के साथ साथ कई ट्रेवल एजेंसिया भी खुलती जा रही हैं। हालांकि यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां आप लापरवाह नहीं हो सकते। आपको ऐसी कई ट्रेवल एजेंसी वेबसाइट मिल जाएंगीं जो पहली नज़र में अच्छी लगेंगीं, पर चुनते वक्त विश्वसनीय एजेंसी चुनना जरुरी है। सबसे पहले ये जांच करना जरुरी है कि वो एजेंसी कितने साल से काम कर रही है और भारत के राज्यों में टूर पैकेज की पेशकश करने की उसकी कानूनी वैद्यता कितनी है। समझदारी इसमें होगी कि आप भारतीय ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन या भारतीय ट्रेवल एजेंट फेडरेशन से संबद्ध एजेंसी चुनें। किसी भी एजेंसी की सेवा चुनने से पहले आप लागत और करों से जुड़े तथ्य जान लें।

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अंतिम संशोधन : फ़रवरी 16, 2015