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Category Archives: History

डॉ. बी आर अंबेडकर

डॉ. बी आर अंबेडकर (भीमराव रामजी अम्बेडकर) जिन्हें बाबासाहेब के नाम से जाना जाता है, महार के अछूत जाति परिवार में पैदा हुए थे। लेकिन उनके लिए इस चरम पर पहुँचना कोई बड़ी बात नहीं थी । वह एक महान शिक्षक, वक्ता, दार्शनिक, नेता बन गए और इस तरह के कई अधिक पुरस्कार अर्जित किए। इसके अलावा वह भारत में कॉलेज शिक्षा प्राप्त करने वाले अपनी जाति में पहले व्यक्ति थे, क्योंकि अछूतों को शिक्षा पाने [...]

सिख धर्म: मानवता और समानता के संदेश का प्रसार

गुरु नानक देव जी द्वारा संस्थापित, सिख धर्म विश्व का पाँचवां सबसे बड़ा धर्म माना जाता है। यह धर्म अपने 25 करोड़ अनुयायियों के माध्यम से विश्वव्यापी ईश्वर तथा साथ ही परमात्मा की दृष्टि में सभी के लिए समान स्थित और अवसरों के संदेशों का प्रसार करता है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्मदिन गुरुपुरब शुभकामना संदेश के साथ एक त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह एक ऐसे धर्म के [...]

औरंगाबाद में अजंता की गुफाएं-

स्थान: औरंगाबाद, महाराष्ट्र भारतीय कला का शानदार नमूना महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित एक पृथक घाटी में छिपा हुआ है। विश्व प्रसिद्ध विरासत स्थल, अजंता गुफाएं भारत में सबसे पुरानी गुफा स्मारकों में से एक हैं, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में निर्मित की गई हैं। इन गुफाओं को बौद्ध भिक्षु कारीगरों द्वारा कलात्मक रूप से पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी, जो यही पर रहना, पूजा करना और शिक्षा देना का कार्य [...]

भारत, कई महान गणितज्ञ, खगोलविद् और इतिहासकारों की जन्मभूमि है,  जिनके अविष्कार और ज्ञान उनके समय से ही प्रगति कर रहे हैं। उनके कार्यों ने न केवल उनके समय को, बल्कि आज के भारतीय जीवन को भी प्रभावित किया है। उन विद्वानों में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और बौधायन जैसे महान पुरुष शामिल हैं और भारत के विद्वानों की सूची काफी विस्तृत है। समान रूप से भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में गणित, भारतीय तर्कशास्त्र, दर्शन शास्त्र, [...]

राम नवमी

प्रस्तावना हिंदू पंचांग के अनुसार राम नवमी का त्यौहार चैत्र महीने (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अप्रैल में) के नौवें दिन मनाया जाता है, इस प्रकार, इसे चैत्र मास की शुक्लपक्ष की नवमी के रूप में नामित किया गया है। राम नवमी का यह त्यौहार नवरात्रि वसंत उत्सव का एक हिस्सा है। इस दिन अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र भगवान राम का जन्म हुआ था। महत्व भगवान राम, हिन्दू देवता, भगवान विष्णु के दशावतार में [...]

शिव कुमार बटालवी

मैंने पंजाब में पढ़ाई की इसलिए पंजाबी भाषा को मैंने स्नातक तक एक विषय के रूप में पढ़ा। अपनी पढ़ाई के समय, मैं एक प्रसिद्ध कवि शिव कुमार बटालवी द्वारा लिखी गई कविताओं को पढ़ा करता था। बटालवी की रचनाओं की सबसे विशिष्ट विशेषता “वेदना” है और जब आप इस महान व्यक्ति की कविताएं पढ़ते हैं, तो आप अपने दिल में एक पल का दर्द महसूस करते हैं। बटालवी की सभी कविताएं उनके जीवन की [...]

March 14, 2018

15 अक्टूबर 1542 को जन्मे अकबर, अपने पिता सम्राट हुमायूं की असामयिक मृत्यु के बाद, महज 14 वर्ष की आयु में ही भारत के सम्राट बन गए थे। पूरे भारत में, अकबर को  एक समावेशी नेतृत्व शैली के साथ मुगल साम्राज्य का विस्तार करने और समृद्ध बनाने के लिए याद किया जाता है। अकबर या अबुल-फतह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर या शहंशाह अकबर-ए-आज़म, तीसरे मुगल सम्राट थे, जो अपने उदार विश्वास और उत्कृष्ट प्रशासन के लिए [...]

मौर्य साम्राज्य, भौगोलिक दृष्टि से प्राचीन भारत का विशाल साम्राज्य था। इस साम्राज्य पर मौर्य वंश ने 322 ईसा पूर्व से 185 ईसा पूर्व तक शासन कियाथा। चंद्रगुप्त मौर्य, मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे और उन्होंने पाटलिपुत्र (वर्तमान समय पटना) को अपनी राजधानी बनाया था। अपनी सुंदर इमारतों और शाही महलों की वजह से राजधानी पाटलिपुत्र उस समय के सबसे अद्भुत शहरों में से एक थी, लेकिन इनमें से अधिकांश इमारतें लकड़ी की बनी होने [...]

भारत के द्रविड़ कौन थे?

कुछ लोग दावा करते हैं कि द्रविड़ मूलतः भारत के उत्तरी भाग में रहते थे और बाद में आर्यों द्वारा इन्हें देश के दक्षिणी भाग में रहने के लिए बाध्य किया गया था। इसलिए भारत में लगभग 28 प्रतिशत द्रविड़ हैं और दक्षिण भारत में रहने वाले द्रविड़ अपनी मुख्य भाषा द्रविड़ के साथ-साथ तमिल, मलयालम, तेलुगू, कन्नड़ और तुलु का भी प्रयोग करते हैं। द्रविड़ भाषा के तीन उपसमूह हैं, अर्थात् उत्तरी द्रविड़, केन्द्रीय [...]

हमारी आजादी की लड़ाई का कोई भी संदर्भ असंख्य महिलाओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की पहचान किए बिना पूर्ण नहीं होगा, जिसमें अधिकतम महिलाएं अशिक्षित एवं गरीब परिवारों की थीं और जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को अपना भरपूर समर्थन दिया था, जबकि उस समय महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगाई जाती थी। ये महिलाएं गुप्त रूप से स्वतंत्रता सेनानियों के लिए खाना बनाती थीं और उनके लिए संदेश वाहकों का काम [...]