Home / Government

Category Archives: Government

भारत में उत्सर्जन मानक: वर्तमान परिदृश्य

उद्योगों और वाहनों के द्वारा बढ़ते वायु प्रदूषण की पृष्ठभूमि में वायु की गुणवत्ता दुनिया भर में बढ़ती सामाजिक चिंता का एक विषय बन गई है। सड़क पर बढ़ते वाहनों से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्याओं के कारण, विकासशील देशों, भारत जैसे देश को गंभीर पर्यावरणीय खतरों का सामना करना पड़ रहा है। भारत यात्री वाहनों का एक प्रमुख निर्माणकर्ता बनने की कगार पर है क्योंकि 2016 में इसका उत्पादन 3,707,348 यूनिट था जो कि [...]

भारतीय अर्थव्यवस्था

  कई विकासशील देशों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था एक वैश्विक रोल मॉडल बन गई है। भारत में दुनिया की बहुत बड़ी आबादी रहती है और क्षेत्र के मामले में सातवां सबसे बड़ा देश है, इस प्रकार, यह भारत के आर्थिक विकास की उल्लेखनीय यात्रा की कहानी बनाता है। भारतीय अर्थव्यवस्था आर्थिक संकट के खंडहर में घूम रही थी, जिसने 200 वर्षों के औपनिवेशिक शासन में देश को घेर रखा था। हाल ही में सकल घरेलू [...]

सैनिटरी नैपकिन और भारत : जीएसटी का सफरनामा

जब मासिक धर्म के बारे में बात करना लगभग प्रत्येक महिला के लिए एक सामाजिक कलंक के बारे में बात करने के बराबर था, तो एक चीज इस चुप्पी को तोड़ने में कामयाब रही है। माल और सेवा कर (जीएसटी) ने बहुत सारे कारणों से अनेक लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, जिनमें से एक सैनिटरी नैपकिन पर लगने वाली टैक्स दरें है। जब पहली बार जीएसटी की घोषणा की गई थी, तो [...]

मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया

हाल ही के दिनों में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ बहस का मुद्दा बना हुआ है, जिसके कारण दोनों में अंतर के बीच एक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हम में से अधिकांश लोग इन पहलों को एक ही अवधारणा के रूप में सोचते हैं लेकिन निश्चित रूप से ये दो अलग-अलग आर्थिक कार्यक्रम हैं। इन पर विस्तार से चर्चा करने से सरकार द्वारा शुरू की गई दोनों पहलों पर उचित [...]

सुकन्या समृद्धि खाता योजना

भारत में हर लड़की के लिए पैसे बचाना है। इस विचार पर दोबारा भरोसा जगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  22 जनवरी, 2015 को ‘सुकन्या समृद्धि अकाउंट योजना’ शुरू की। यह लघु बचत योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है। इसे घरेलू बचत का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार की एक पहल भी माना जा रहा है, जो 2008 में जीडीपी का 38 प्रतिशत थी, जबकि 2013 में घटकर 30 प्रतिशत रह गई। यह योजना [...]

एनडीए सरकार के एजेंडे में जनता के लिए वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, और कम लागत वाले लाभ देना प्रमुखता से है। जब से नरेंद्र मोदी सरकार केंद्र में सत्तारूढ़ हुई है, प्रधानमंत्री मोदी, वित्तमंत्री जेटली और कैबिनेट ने आम आदमी की वित्तीय सुरक्षा के लिए नई योजनाएं लागू करने के लिए अथक प्रयास किए हैं। सामाजिक सुरक्षा हासिल करने की दिशा में पहला कदम था प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाय)। पहले चरण को बड़ी सफलता बताया [...]

भारत विभिन्न प्रकार के जानवरों, पक्षियों और मछलियों का आवास स्थल है जिसमें बकरी, मुर्गी, गाय, भैंस, सूअर आदि जैसे कुछ महत्वपूर्ण कृषि पशु भी शामिल हैं। भारत वन्य जीवों जैसे कि बंगाल टाइगर, हिरण, भेड़िया, अजगर, भारतीय शेर, भालू, सांप, बंदर, कई प्रकार के जंगली बैल, एशियाई हाथी और मृग प्रजातियों वाला देश है। भारत दुनिया के सत्रह विशाल विविधता वाले देशों में से एक है। भारत सहित, यह सत्रह बड़े विविध देश, दुनिया के जैव [...]

जीएसटी बिल क्या है कई वर्षों तक चली बहस चली। गुड्स और सर्विस टैक्स या वस्तु और सेवा कर या जीएसटी के हर पहलू पर चर्चा हुई। पक्ष-विपक्ष में कई तरह के तर्क दिए गए। आखिरकार 3 अगस्त 2016 को जीएसटी से जुड़े संविधान (संशोधन) विधेयक ने राज्यसभा की बाधा भी पार कर ली। इसे भारत में अब तक के सबसे बड़े आर्थिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। एक देश, एक टैक्स [...]

जानिए अविश्वास प्रस्ताव क्या है

अविश्वास प्रस्ताव या निंदा प्रस्ताव एक संसदीय प्रस्ताव है, जिसे पारंपरिक रूप से विपक्ष द्वारा संसद में एक सरकार को हराने या कमजोर करने की उम्मीद से रखा जाता है या उदाहरण के रूप में यह एक तत्कालीन समर्थक द्वारा पेश किया जाता है, जिसे सरकार में विश्वास नहीं होता। यह प्रस्ताव नये संसदीय मतदान (अविश्वास का मतदान) द्वारा पारित किया जाता है या अस्वीकार किया जाता है। वर्तमान में चल रही मोदी सरकार के [...]

दिल्ली के कचरा की समस्या और सरकार की भूमिका

दिल्ली लगातार बढ़ते कचरे के बोझ से दबती जा रही है जो शहर की सड़कों और नालियों के मार्ग को अवरुद्ध कर रहा है। लुटियंस दिल्ली विस्तृत मार्गों वाला क्षेत्र है, जो हरे रंग के मुख्य मार्ग, स्वच्छ और साफ-सुथरी सड़कों के साथ घिरा हुआ है, जबकि “बाकी दिल्ली” में संकुचित सड़कें, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, झोपड़ियां और जे जे समूह, गंदी सीवर लाइनों के साथ अनधिकृत कालोनियां तथा कचरा सदैव नुक्कड़ और कोने पर [...]