गलताजी मंदिर

आलीशान जंतर मंतर और रोशन हवा महल वाले गुलाबी शहर जयपुर में कई मंदिर भी हैं जहां पूरे साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं। गलता मंदिर भी इनमें से ही एक है।

गलता मंदिर चारों ओर से दुर्गम इलाके से घिरा है और इसे ‘बंदरों के मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका नज़ारा भी अद्भुत है। एक पहाड़ की चोटी पर स्थित यह मंदिर खूबसूरत ‘सिसोदिया रानी का बाग’ के बिलकुल नजदीक है। इस मंदिर में ही संत गालव ने तपस्या की थी। रामानंद के धार्मिक आदेश पर भगवान कृष्ण के ढेरों भक्त यहां बड़ी संख्या में आते हैं।

दुनिया भर से लोग सूर्य देव को समर्पित इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। सवाई जय सिंह द्वितीय के सेवक दीवान कृपाराम को यह मंदिर बनाने का विचार आया था। सूर्य देवता के मंदिर तक की यात्रा एक कभी ना भूलने वाला अनुभव देती है। इस पवित्र परिसर के पूर्वी हिस्से की वास्तुकला बहुत ही दिलचस्प है।

यहां गोमुख के स्रोत वाले तीन जल प्रवाह हैं और यह इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण हैं। यह उस समय के सामाजिक मानदंडों के हिसाब से बनाया गया था और पुरुषों और महिलाओं के स्नान के लिए अलग अलग घाट बनाए गए थे। सबसे नीचे स्थित जल धारा भगवान हनुमान को समर्पित है।

गुलाबी रंग के बलुआ पत्थरों से बना यह पवित्र मंदिर अद्भुत कारीगरी का नमूना है। भगवान कृष्ण की बचपन की शरारतों के चित्रों की नक्काशी पूरे मंदिर में की गई है।

मकर संक्रांति के मौके पर उत्साही भक्त गलता मंदिर में उमड़ते हैं और यहां मौजूद कुंडों के पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं।

तो देर किस बात की? जल्दी से बैग पैक करें और इस पवित्र मंदिर के दर्शन के लिए निकलें।

राजस्थान में देखने योग्य स्थान
अल्बर्ट हॉल संग्रहालयकुम्भलगढ़ किला
आमेर किलामेहरानगढ़ किला
सिटी पैलेसरणथम्भौर नेशनल पार्क
गलताजी मंदिरसरिस्का नेशनल पार्क
हवा महलभांडेसर मंदिर
जंतर मंतररानी सती मंदिर


अंतिम संशोधन : दिसंबर 4, 2014