उत्तर प्रदेश

Uttar Pradesh Map in Hindi

उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश का नक्शा (मानचित्र) जिला, जिला मुख्यालय, पड़ोसी राज्यों एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ.

उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण तथ्य

राज्यपालराम नाईक
मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ (भारतीय जनता पार्टी)
आधिकारिक वेबसाइटup.gov.in
स्थापना का दिनजनवरी 1950
क्षेत्रफल240,928 वर्ग किमी
घनत्व828 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011)199,812,341
पुरुषों की जनसंख्या (2011)104,480,510
महिलाओं की जनसंख्या (2011)95,331,831
जिले75
राजधानीलखनऊ
धर्महिंदू, इस्लाम, ईसाई, बौद्ध, जैन
नदियाँगंगा, यमुना, सरयू, गोमती, रामगंगा
वन एवं राष्ट्रीय उद्यानदुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य, नवाबगंज पक्षी अभयारण्य आदि
भाषाएँहिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, अवधी, भोजपुरी, बुन्देली, ब्रज आदि
पड़ोसी राज्यउत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार।
राजकीय पशुदलदली हिरण
राजकीय पक्षी सारस
राजकीय वृक्षसाल
राजकीय फूलपलाश
राजकीय नृत्यकथक
राजकीय खेलफील्ड हॉकी
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2011)26355
साक्षरता दर (2011)77.08%
1000 पुरुषों पर महिलायें908
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र403
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र80

उत्तर प्रदेश के बारे में


उत्तर प्रदेश शब्द का वास्तव में अर्थ ‘उत्तरी प्रांत’ है और यह भारत के उत्तरी भाग में स्थित है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, कानपुर इसकी औद्योगिक और आर्थिक राजधानी है।

उत्तर प्रदेश राज्य पड़ोसी देश नेपाल और उत्तर में उत्तराखंड राज्य से घिरा है। यह उत्तर-पश्चिम में दिल्ली और हरियाणा से, पश्चिम में राजस्थान से, दक्षिण-पश्चिम में मध्य प्रदेश से, पूर्व में बिहार और दक्षिण-पूर्व में झारखंड से घिरा है।

यह राज्य 2,40,928 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित है और इसमें 75 जिले हैं। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार यहां 19,98,12,341 से ज्यादा लोग रहते हैं और यह देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश में कई ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक और मानव निर्मित पर्यटन स्थल हैं, जैसे ताजमहल, कौशाम्बी, वाराणसी, कुशीनगर, चित्रकूट, लखनउ, झांसी, मेरठ, इलाहाबाद और मथुरा आदि।

उत्तर प्रदेश का पुराना नाम

प्राचीन काल से ही उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण राज्य रहा है, इसका कारन है यहाँ की नदियों द्वारा सिंचित भूमि, सर्वप्रथम इस राज्य को मध्य प्रान्त के नाम से जाना जाता था, फिर इस प्रान्त में अनेक राजवंसो का उदय हुआ और ये विभाजित हो गया, १९४७ से पूर्व तक इसको संयुक्त प्रान्त के नाम से जाना जाता था जिसमे अवध प्रान्त और ब्रज प्रान्त संयुक्त रूप से था।

उत्तरी प्रदेश का इतिहास


उत्तर प्रदेश में समृद्ध ऐतिहासिक विरासत है जिसका आज के उत्तर प्रदेश को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश का इतिहास आर्य काल तक पुराना है जब आर्यों ने आकर देश के मध्य में बस्तियों की स्थापना की। उस समय वे इसे ‘मध्यदेश’ कहते थे। इतिहास में यहां कई राजवंशों का शासन रहा। 1 सहस्त्राब्दी के मध्य के आसपास यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ, जिन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार किया। भगवान बुद्ध ने अपना पहला धर्मोपदेश उत्तर प्रदेश के सारनाथ में दिया, जो कि वाराणसी जिले में स्थित है। उस समय इस क्षेत्र पर मगध का राज था। इसके बाद नंदा राजवंश और फिर मौर्य का शासन यहां आया।

इस राज्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बहुत हद तक मुस्लिम शासन की शुरुआत से जुड़ी है। इस समय में राजपूतों की हार देखी गई। मुगल शासन के दौरान, खासकर अकबर के शासन काल में इस राज्य की समृिद्ध अपने उत्कर्ष पर थी। मुगल शासन के दौरान ही राज्य में कुछ ऐतिहासिक स्मारकों का निर्माण हुआ जिनका नाम हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा।

जैसे जैसे समय बीतता गया, उत्तर प्रदेश में मुगल शासन का पतन हुआ और ब्रिटिश शासन की शुरुआत हुई। मुगलों का प्रभाव सिर्फ दोआब क्षेत्र तक ही सीमित रह गया। सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश राज्य की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। उत्तर प्रदेश में कई राजवंशों का राज रहा जिनमें शामिल हैं:
  • नंदा
  • मौर्य
  • राष्ट्रकूट
  • मगध
  • गुप्त
  • गुर्जर
  • शुंग
  • कुषाण
  • पाल राज्य
  • मुगल

उत्तर प्रदेश का भूगोल और मौसम


उत्तर प्रदेश राज्य का कुल क्षेत्र 2,40,928 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यह भारत के उत्तरी भाग में स्थित है। यह राज्य अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमा नेपाल से साझा करता है। राज्य का ज्यादातर क्षेत्र मैदानी है और हिमालय राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है। उत्तर प्रदेश को तीन भागों में बांटा जा सकता है जिसमें पहला उत्तर में हिमालय क्षेत्र है। यह बहुत बीहड़ और विविध क्षेत्र है। इसकी टोपोग्राफी 300 मीटर से 5000 मीटर की उंचाई तक पहुंचते पहुंचते भिन्न होती जाती है। दूसरा भाग मध्य में स्थित गंगा के मैदानी इलाके हैं। यह बहुुत उपजाउ जलोढ़ मिट्टी वाला क्षेत्र है और इसका लैंडस्केप सपाट है। यहां कई झीलें और नदियां आदि हैं। तीसरा भाग दक्षिण में विंध्य पर्वत और पठार का है। इसमें कई सख्त चट्टानों की परत है और मैदानों, पहाड़ों, घाटियों और पठार की विविध टोपोग्राफी है। इस क्षेत्र में पानी सीमित है। यह राज्य भारत के जिन राज्यों से अपनी सीमा साझा करता है वह हैं:

उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां यमुना, गंगा, घाघरा और सरयू हैं। कृषि के महत्व के अलावा इन नदियों का धार्मिक महत्व भी बहुत है। इस क्षेत्र का मौसम मुख्यतः सबट्राॅपिकल विशेषता वाला है। इसमें चार प्रकार के मौसम और नम संतुलित मौसम होता है।

उत्तर प्रदेश में ट्राॅपिकल मानसून प्रकार की जलवायु है जिसमें उंचाई के साथ बदलाव आते हैं। हिमालय क्षेत्र बहुत ठंडा है और मैदानी इलाकों में मौसम के साथ साथ तापमान में परिवर्तन आता है। राज्य में तीन अलग मौसम होते हैं। सर्दियां अक्टूबर से फरवरी, गर्मियां मार्च से मध्य जून और बरसात का मौसम जून से सितंबर का होता है।

मैदानी इलाकों में पूर्व में सबसे ज्यादा बरसात होती है और बाढ़ यहां की बार-बार आने वाली एक समस्या है। बाढ़ से फसलों, संपत्ति और जीवन को बहुत नुकसान होता है। गर्मियां सूखी और गर्म होती हैं जिसमें औसत 45 डिग्री तापमान के साथ धूल भरी हवाएं भी होती हैं। सालाना बरसात औसत तौर पर 990 मिमी. होती है जिसमें से 85 प्रतिशत मानसून में होती है। बरसात के दिनों में तापमान में थोड़ी कमी आती है। सर्दियां बहुत ठंडी होती हैं जिसमें पारा 4 डिग्री तक गिर जाता है और कोहरे से राज्य के कई इलाकों में हालात पर असर पड़ता है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था


अर्थव्यवस्था के हिसाब से उत्तर प्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े भाग कृषि और सेवा क्षेत्र हैं। सेवा क्षेत्रों में यात्रा, पर्यटन और होटल उद्योग, रियल एस्टेट, वित्तीय और बीमा परामर्शी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश का प्रमुख व्यवसाय कृषि है। गेंहू मुख्य फसल और गन्ना मुख्य वाणिज्यिक फसल है। देश का लगभग 70 प्रतिशत गन्ना उत्तर प्रदेश से आता है। राज्य में स्थानीय और बड़े उद्योग हैं जो स्टील, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रानिक, चमड़े, केबल, इंजीनियरिंग उत्पाद, आॅटोमोबाइल, रेलवे कोच और वेगन, विद्युत उपकरण आदि का निर्माण करते हैं। राज्य में कई लघु उद्योग इकाइयां भी हैं। उत्तर प्रदेश साॅफ्टवेयर और इलेक्ट्राॅनिक के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी आकर्षित कर रहा है। लखनउ और नोएडा सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का हब भी बनते जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकी


उत्तर प्रदेश राज्य में 199.8 मिलीयन लोग हैं जो इसे आबादी के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य बनाते हैं। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या में विभिन्न समुदायों की स्थिति इस प्रकार हैः
  1. हिंदू लगभग 80 प्रतिशत हैं
  2. मुस्लिम लगभग 18 प्रतिशत हैं
  3. अन्य समुदायों में बौद्ध, सिख, जैन और ईसाई हैं।

उत्तर प्रदेश में सरकार और राजनीति


उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा संख्या में सदस्य संसद में जाते हैं। भारतीय संसद में लोक सभा में इस राज्य की 80 सीटें और राज्य सभा में 31 सीटें हैं। इस राज्य ने देश को आठ प्रधान मंत्री दिए हैं।

उत्तर प्रदेश की सरकार भारत की एक द्विसदनीय विधायिका है। यह एक लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित निकाय है जिसका प्रमुख राज्यपाल होता है। राज्यपाल का कार्यकाल पांच साल का होता है। राज्यपाल राज्य का औपचारिक प्रमुख होता है जो मुख्यमंत्री और मंत्रियों की परिषद को नियुक्त करता है। हालांकि राज्यपाल राज्य का प्रमुख होता है लेकिन राज्य के दिन-प्रतिदिन के कामकाज का प्रबंधन मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद द्वारा किया जाता है। मंत्रियों की परिषद में राज्य मंत्री, केबिनेट मंत्री और उप मंत्री शामिल होते है। मंत्रियों की परिषद का सहायक राज्यपाल का सचिव होता है जो कि सचिवालय का प्रमुख होता है।

समाज और संस्कृति


राज्य की संस्कृति और समाज की जड़ें यहां की परंपरा, साहित्य, कला और इतिहास की जड़ों में हैं। उत्तर प्रदेश की संस्कृति बहुरंगी है और समय के साथ यह बहुत समृद्ध हुई है। इसे सांस्कृतिक विविधता का वरदान प्राप्त है। राज्य में अनेक धार्मिक स्थल और तीर्थ स्थान हैं जहां कई श्रद्धालु जाते हैं। इस राज्य से बहने वाली दो पवित्र नदियों गंगा और यमुना का वर्णन भारतीय पुराणों में भी है।

उत्तर प्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक है। आगरा शहर में विश्व के सात अजूबों में से एक अजूबा ताजमहल है। वाराणसी को विश्व के सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाता है। उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले का आयोजन होता है जिसमें एक करोड़ से ज्यादा हिंदू श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान करते हैं। इसे दुनिया में मानवों का सबसे बड़ा धार्मिक सम्मेलन माना जाता है।

राज्य में एक प्राचीन नृत्य और संगीत परंपरा है। कथक एक शास्त्रीय नृत्य रुप है जो यहां निखरा और बढ़ा है। रसिया गीत भी यहां की लोक विरासत में हैं जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाते हैं। कुछ अन्य लोक नृत्य और नाटक की शैलियों में रासलीला, रामलीला, नौटंकी, ख्याल, कव्वाली आदि हैं।

धार्मिक प्रथाएं और त्यौहार राज्य के समाज और संस्कृति का अभिन्न अंग हैं, ठीक वैसे ही जैसे वो भारत में अन्य स्थानों पर हैं। जाति और धर्म से परे यहां कई त्यौहार मनाए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहारों में दीपावली, होली, दशहरा, नवरात्र, ईद, महावीर जयंती और बुद्ध जयंती हैं।

भाषाएं


उत्तर प्रदेश में वैदिक साहित्य के कई ग्रंथ और भजनों की रचना की हुई है। इन ग्रंथों में संस्कृत साहित्य की सबसे पुरानी कृतियां और हिंदू धर्म के प्राचीन शास्त्र शामिल हैं। इस राज्य को कई बार ‘भारत की हिंदू पट्टी’ भी कहा जाता है। हिंदी सन् 1951 के भाषा अधिनियम के तहत आधिकारिक भाषा बनी। सन् 1989 मेें इस अधिनियम में बदलाव करके उर्दू को उत्तर प्रदेश की अन्य मूल भाषा बनाया गया। यहां की पांच प्रमुख मूल भाषाएं अवधी, ब्रज भाषा, बुन्देली, कन्नौजी और खड़ी बोली हैं।

उत्तर प्रदेश में मेले और त्यौहार


बाराबंकी से 10 किलोमीटर दूर देवा में हर साल हाजी वारिस अली शाह के पवित्र स्थल पर देव मेला आयोजित होता है। अक्टूबर और नवंबर के महीने में बाराबंकी में आयोजित होने वाला यह देव मेला उत्तर प्रदेश और भारत के सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाता है। यहां खेल, संगीत, कवि सम्मेलन और खरीददारी के कई बड़े अवसर होते हैं। यह मुख्यतः एक धार्मिक मेला है जिसमें भारत, पाकिस्तान और मध्य पूर्व के भागों से श्रद्धालु आते हैं। यह मुख्य रुप से मुस्लिम धार्मिक अवसर है। उर्स या सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में भारत भर से मुस्लिम यहां आते हैं। उत्तर प्रदेश के अन्य मशहूर त्यौहार हैं:
  • होली
  • मुहर्रम
  • छठ पूजा
  • दीपावली
  • बुद्ध जयंती
  • राम नवमीं
  • दशहरा
  • महावीर जयंती
  • कृष्ण जन्माष्टमी
  • ईद
  • गुरु नानक जयंती
  • महाशिवरात्री
  • बारह वफत
  • क्रिसमस
  • बकरीद

उत्तर प्रदेश में शिक्षा


उत्तर प्रदेश में विश्व के कुछ सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान हैं। भारत के अन्य विकसित राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश ने भी देश में शिक्षा के क्षेत्र मेें बहुत योगदान दिया है। पिछले कुछ सालों में राज्य सरकार ने शिक्षा में विभिन्न स्तरों पर बहुत निवेश किया है। सरकार ने राज्य में शिक्षा के परिदृश्य में सुधार के लिए निजी क्षेत्र के योगदान को भी स्वीकारा है और उसकी सराहना भी की है।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन


उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों की अगर बात करें तो हिमालय की संुदर तलहटियों के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है। खूबसूरत लैंडस्केप में स्थित हिमालय के पर्यटन स्थल सैलानियों के पसंदीदा स्थान हैं। अपनी समृद्ध और विविध टोपोग्राफी, जीवंत संस्कृति, त्यौहारों, स्मारकों और प्राचीन धार्मिक जगहों के कारण उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटकों के मामले में 71 मिलीयन से ज्यादा के सालाना आंकड़े के साथ पहले स्थान पर है। राज्य में कुछ मशहूर रुचिकर स्थानों में हैं: मंदिरों का शहर वाराणसी, आगरा - विश्व के सात अजूबों में से एक ताजमहल के लिए प्रसिद्ध, इलाहाबाद - कुंभ मेले के लिए मशहूर, कानपुर - उत्तर प्रदेश का व्यवसायिक और वाणिज्यिक हब, लखनउ - उत्तर प्रदेश की राजधानी, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, झांसी, सारनाथ - जहां गौतम बुद्ध ने धर्म पर पहला उपदेश दिया था, कुशीनगर - माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने मृत्यु के बाद यहां निर्वाण पाया था, मेरठ, मिर्जापुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा - आईटी, इलेक्ट्रिॅानिक और शिक्षा हब, आदि।

उत्तर प्रदेश के शीर्ष पर्यटक आकर्षण हैं:

उत्तर प्रदेश में परिवहन


उत्तर प्रदेश में परिवहन के विभिन्न साधनों द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। राज्य में दो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं - वाराणसी का लाल बहाहुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और लखनउ का चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट। इसके अलावा राज्य में चार घरेलू हवाई अड्डे भी हैं। उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। गोरखपुर और इलाहाबाद पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के मुख्यालय हैं। बहुत बड़े सड़क नेटवर्क के कारण यह राज्य देश में नौ पड़ोसी राज्यों से भी जुड़ा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम राज्य के भीतर और आस पास के राज्यों में अपनी सेवाएं संचालित करता है।

अंतिम संशोधन : मार्च 27, 2017