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लुप्त मूवी रिव्यू

November 3, 2018
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लुप्त मूवी रिव्यू

निर्देशक – प्रभुराज

निर्माता – हनवंत खत्री, ललित किरी

लेखक – प्रभुराज

कलाकार – जावेद जाफरी, विजय राज़, करण आनंद, निकी अनेजा वालिया, मीनाक्षी दीक्षित, ऋषभ चड्ढा

संगीत – अमर मोहिल (स्कोर), विकी-हार्दिक, सिद्धार्थ परशर

फिल्म कथानकः जब बात आती है बॉलीवुड हॉरर फिल्मों की तो – चरचराती हुई कुर्सियां, अज्ञात आवाजें, बत्ती का दिपदिपाना और प्लास्टिक की गुडिया की लहूलुहान आँखें लगभग हर एक फिल्म का हिस्सा होती है। फिल्म लुप्त में कोई अपवाद नहीं है – यह कहानी है टंडन परिवार और उनकी सड़क यात्रा बारे में, जो एक डरावने दुःस्वन के रूप में बदल जाती है। जब उनके परिवार पर एक बुरी आत्मा द्वारा हमला किया जाता है। इंडियन टंडन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का चीफ कमांडर हर्ष टंडन (जावेद जाफरी) एक बड़ा बिजनेसमैन है जो पुरानी क्रोनिक इंसोम्निया से पीड़ित हैं। नींद विकार के कारण हर्ष को आत्मा या भूत दिखाई देने लगते हैं। जो शायद उसके चारों ओर मौजूद ही नहीं हैं। उनकी मनोचिकित्सक उन्हें काम से ब्रेक लेने की सलाह देती है। इसलिए, हर्ष अपनी आज्ञाकारी पत्नी (निकी वालिया), बेटी (मीनाक्षी दीक्षित), उनके शरारती बेटे (ऋषभ चड्ढा) और उनकी बेटी का प्रेमी (करण आनंद) के साथ नैनीताल के लिए निकल पड़ते हैं। और फिर रात होते ही शुरू होता है डरावना खेल। जब एक आत्मा उनकी गाड़ी को बेकाबू करके एक अंधेरे स्थान पर ले जाती है, जिसमें उनकी गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसके बाद फिल्म बढ़ती है अंतिम पल में जो अपरिहार्य है।

मूवी रिव्युः अगर हम बात करें फिल्म में डरावने दृश्यों की, तो सेटअप सम्माननीय है। लेकिन जब भूतिया आंकड़े दिखाए जाते हैं और रहस्यमय परिस्थितियां प्रकट होती हैं, तो ऐसा लगता है कि एक ही दृश्य बार-बार दिखाया जा रहा है। फिल्म में डरावना हिस्सा मौजूद नहीं है। सस्पेंस भी कमजोर है जो कभी-कभी डरावना नहीं बल्कि हास्यकर दिखाई देता है। वस्तुएं और प्रवर्धित आवाजें अनावश्यक हैं जो फिल्म में डरावनों दृश्यों से मेल नहीं खातीं।

बात की जाए कलाकारों के प्रदर्शन की तो जावेद जाफरी और घोस्ट ही विश्वसनीय दिखते हैं सहायक कलाकारों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। कलाकरों ने अपने प्रदर्शन के साथ कोई विशेष छाप नहीं छोड़ी है।

हमारी रायः फिल्म लुप्त में शायद ही कोई नया या डरावना दृश्य हो। बेहद नाजुक पटकथा और एक अपरिहार्य कहानी ने इस फिल्म को बेहद खराब बना दिया है। इस फिल्म को तभी देखें यदि आप जावेद जाफरी के सच्चे प्रशंसक हों।

Summary
Reviewer
आयुषी नामदेव
Review Date
Reviewed Item
मूवी रिव्यूः लुप्त
Author Rating
1