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मूवी रिव्यूः नमस्ते इंग्लैंड

October 20, 2018
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नमस्ते इंग्लैंड: बेदम कहानी दर्शकों को खींचने में रही नाकाम 

निर्देशक: विपुल अमृतलाल शाह

प्रोडक्शन हाउस: रिलायंस एंटरटेनमेंट

लेखक: सुरेश नायर, रितेश शाह

कास्ट: अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा

संगीत: मनन शाह, बादशाह, ऋषि रिच, प्रसाद साश्टे

छायांकन: यानिस मैनोलोपोलस

संपादक: अमिताभ शुक्ला

प्रोडक्शन कंपनी: पेन इंडिया लिमिटेड, नमस्ते उत्पादन लिमिटेड, रिलायंस एंटरटेनमेंट, ब्लॉकबस्टर मूवी एंटरटेनर्स

अवधि: 2 घंटा और 21 मिनट

फिल्म का कथानकः इश्कज़ादे (2012) के बाद, विपुल अमृतलाल शाह ने अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा को एक बार फिर से पर्दे पर उतारा है। यह फिल्म वर्तमान में पंजाब से विदेश जाने के जुनून के इर्द-गिर्द घूमती है। जसमीत, परम के साथ शादी कर लेती है लेकिन अपने सपने को पूरा करने की वजह से वह लंदन चली जाती है। हालांकि परम जो अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए वीज़ा के लिए आवेदन करने में असमर्थ रहता है, जिस वजह से वह अवैध आप्रवासन का रास्ता चुनता है।

मूवी रिव्यूः यदि कोई व्यक्ति अपना करियर बनाने के चक्कर में अपनी पत्नी को छोड़कर दूर चला जाता है तो उसको बहुत ही ख़राब दृष्टि से देखा जाता है। इस बार फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक प्रगतिशील विवाहित जोड़ा विदेश में जाकर बसने का फैसला करता है ताकि महिला अपने सपनों को पूरा कर सके। पंजाब में बसा उसका परिवार उसे जॉब करने की इजाजत नहीं देता है। जो शायद ठीक भी है? प्यार समझौता, त्याग जैसे महत्वों से भरपूर हो सकता है लेकिन यह आपको अवैध अप्रवासन के माध्यम से लंदन नहीं पहुंचा सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि परम खुद को ‘सरल देसी’ लड़के के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहा है, हम सभी जानते हैं कि कोई भी साधारण लंदन में ‘अवैध रूप से’ अपना रास्ता प्रबंधित नहीं कर सकता है। विपुल ने बहुत कोशिश की है कि फिल्म को बेहतरीन बनाया जा सके, लेकिन इनकी सारी कोशिशें नाकाम रहीं हैं। यहां तक इसका कथानक भी बेहद खराब तरीके से लिखा गया है। फिल्म समाज में प्रतिगमन की खोज कर सकती थी और शुरुआती कथानक में कुछ विशिष्ट चीजों को शामिल कर सकती थी जिसमें भारत के कई राज्यों में महिलाओं को काम करने की इजाजत नहीं है। फिल्म का पहला हॉफ काफी धीमा है और इंटरवल के बाद एक अप्रत्याशित मोड़ आता है जिससे फिल्म मेलोड्रामा में चली जाती है।

हमारा फैसलाः इस फिल्म को अपने जोखिम पर देखें। यदि आपके पास खाली समय का आनंद लेने के लिए वास्तव में कोई बेहतर तरीका नहीं है, तो आप टिकट खरीदकर अपना फालतू का समय जाया कर सकते हैं और दो जाने-माने अभिनेताओं द्वारा अपने करियर की एक खराब भूमिका को निभाते हुए देख सकते हैं।

Summary
Reviewer
रेखा ग्रोवर
Review Date
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मूवी रिव्यूः नमस्ते इंग्लैंड
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