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वर्ष 2017 की महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं जिससे बदल गया भारत का स्वरूप

January 16, 2018


वर्ष 2017 की महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं जिससे बदल गया भारत का स्वरूप

प्रत्येक वर्ष हम ऐसी सरकारी योजनाओं के शुभारंभ की आशा रखते हैं, जिससे आम आदमी को लाभ मिल सके। एनडीए सरकार ने सत्ता में आने के बाद से बड़े पैमानों पर योजनाओं का शुभारंभ किया है जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना ने प्रत्येक वर्ष लोगों को काफी उत्साहित किया है। पिछले वर्षों की तुलना में 2017 अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण रहा और फिर भी इस वर्ष लोगों के लाभ के लिए कई योजनाओं की शुरूआत की गई। हालांकि, प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएम जेडीवाई) के विपरीत, इन योजनाओं का शुभारंभ आम जनता को नहीं बल्कि समाज के कुछ हिस्सों को ध्यान में रखकर किया गया, हालांकि यह कोई योजना नहीं है, इस में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को रोल आउट किया गया है। यह 2017 में किए गए बड़े सुधारों का एक महत्वपूर्ण वृत्तांत है।

सौभाग्य – प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना

सितंबर 2017 में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16320 करोड़ रुपये से सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना की शुरूआत की थी। इस योजना का उद्देश्य दिसंबर 2018 के अंत तक भारत के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 40 लाख घरों को बिजली उपलब्ध कराना है। औसतन, अगर एक गाँव में लगभग 10 प्रतिशत घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे गाँव को विद्युतीकृत माना जाएगा। ऐसे परिवार इस योजना से बाहर रहेंगे जो विद्युतीकरण के दायरे में नहीं आते हैं। इस योजना से बिजली की समस्या का समाधान होगा, लेकिन बिलों पर कोई भी सब्सिडी प्रदान नहीं की जाएगी।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रोल आउट

हालांकि, इस योजना का कोई पारंपरिक अर्थ नहीं है, स्वतंत्रता के बाद से भारत द्वारा किए गए सबसे बड़े कर सुधारों में से वैट (वैल्यू एडेड टैक्स), सेवा कर, मनोरंजन कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क जैसे कई अन्य करों की जगह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को रखा गया है। विपक्ष की आलोचनाओं के बावजूद, जीएसटी को रोल आउट किया गया और “व्यापार रैंकिंग में आसानी से” भारत की छलांग के कारण विश्व बैंक सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संगठनों द्वारा इसे उद्धृत किया गया। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को जुलाई 2017 में लागू किया गया था, हालांकि कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी को बाद में लागू किया गया था।

खेलो इंडिया कार्यक्रम योजना 2017-18

अगस्त 2017 में भारत सरकार द्वारा खेलो इंडिया कार्यक्रम योजना 2017-18 की शुरूआत की गई थी। इस योजना का उद्देश्य पूरे देश के युवा और उनकी उभरती खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें उस खेल के लिए तैयार करना है। लगभग 1000 युवा खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी और प्रत्येक खिलाड़ी को 5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। लगातार 8 वर्षों तक उन खिलाड़ियों की देख-रेख और उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना में एक फिटनेस कार्यक्रम भी शामिल होगा जो कि शारीरिक गतिविधि और फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 20 करोड़ बच्चों को राष्ट्रीय शारीरिक फिटनेस अभियान में शामिल किया जाएगा, जो उन्हें प्रोत्साहित करेगा। इस योजना के लिए आवंटित कुल बजट 1756 करोड़ रूपये निर्धारित किया गया है। सरकार ने युवा खिलाड़ियों को बाहर तक पहुंचने और उस खेल को सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज पोर्टल का शुभारंभ किया है।

शादी शगुन” योजना

अगस्त 2017 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शादी शगुन योजना की शुरुआत करने की घोषणा की, इसके माध्यम से जो मुस्लिम लड़कियां अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर चुकी है, उन्हें 51,000 रूपये उपहार स्वरूप दिए जाएंगे। इससे मुस्लिम लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी। यह योजना केवल मुस्लिम लड़कियों के लिए ही चलाई गई है और उन लड़कियों को नकद उपहार नहीं दिया जाएगा, जिनकी पूर्व स्नातक की पढ़ाई पूरी होने से पहले शादी हो चुकी है। वर्तमान में मौलाना आजाद शैक्षिक संस्थान को इस योजना के लिए एक वेबसाइट तैयार करने के लिए चुना गया है, जहाँ इस योजना से संबंधित विवरण उपलब्ध होगा और योग्य लड़कियाँ अपना आवेदन कर सकें। इस वेबसाइट के शुभारंभ के चलते इस योजना को शुरू करने में देरी हो रही है।

उड़ान योजना

अप्रैल 2017 में भारत सरकार द्वारा उड़ान योजना की शुरूआत की गई थी। उड़ान योजना का उद्देश्य (उड़े देश का आम नागरिक) के लिए प्रतीक है। यह उड़ान योजना एक क्षेत्रीय हवाई अड्डे के विकास की योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम आदमी के लिए हवाई यात्रा सस्ती करना और क्षेत्रीय उड़ान कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के द्वारा हवाई परिवहन की बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देना है। प्रारंभिक चरण में, देश के मुख्यधारा के हवाई कनेक्टिविटी नेटवर्क में 43 शहरों को शामिल किया जाना है। इसमें करीब 31 शहर ऐसे शामिल हैं, जहाँ हवाई अड्डे मौजूद हैं लेकिन कोई वाणिज्यिक उड़ानें संचालित नहीं हैं। इन हवाई अड्डों से वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी जो उन्हें देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती हैं।

संकल्प से सिद्धि योजना

सितंबर 2017 में संस्कृति मंत्रालय द्वारा संकल्प से सिद्धि (संकल्प के माध्यम से प्राप्ति) योजना को शुरू किया गया था। यह योजना वर्ष 2017 से 2022 तक एक कार्यान्वयन समय के साथ पाँच साल तक चलने वाली योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एक अच्छे शासन पर ध्यान केन्द्रित करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने, स्वच्छता लाने, और जाति के अवरोधों, सांप्रदायिकता और वर्ग विभाजन के रूप में सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया गया है। यह एक छात्र योजना है इसमें सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं और अन्य जो अभी भी चल रही हैं को शामिल किया जाएगा।

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Showing 3 Comments :
Pritam motilal chavhan September 5, 2018 at 10:11 am

Nice work done by pm.narendra modiji

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it is ery useful for every students/

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It is very important and useful news to our youth generation and our indians citizens ….
So, I would say to thank u soo much and give us always this type of news and aware us.

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