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स्वच्छ भारत अभियान: भारत को स्वच्छ और सुन्दर बनाएं

June 20, 2017


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स्वच्छ भारत अभियान : भारत को स्वच्छ और सुन्दर बनाएं

महात्मा गाँधी ने सही कहा था, “स्वतंत्रता से ज्यादा स्वच्छता अधिक महत्वपूर्ण है”। वह उस समय भारतीय ग्रामीण लोगों की दयनीय परिस्थिति से अवगत थे और उन्होंने एक स्वच्छ भारत का सपना देखा जहाँ उन्होंने जीवन के अभिन्न अंग के रूप में स्वच्छता और स्वास्थ्य रक्षा पर जोर दिया। दुर्भाग्य से आजादी के 67 साल बाद, ग्रामीण क्षेत्र में केवल 30% शौचालय बने हुए हैं। जून 2014 में संसद के संबोधन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, “पूरे देश में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई सुनिश्चित करने के लिए एक “स्वच्छ भारत मिशन” शुरू किया जाएगा। वर्ष 2019 में मनाई जाने वाली 150 वीं जयंती महात्मा गाँधी को हमारी श्रद्धांजलि होगी।

25 सितंबर 2014 को पहला सफाई अभियान शुरू हुआ

स्वच्छ भारत अभियान की औपचारिक शुरूआत से पहले एक स्वच्छता अभियान 25 सितंबर से 23 अक्टूबर तक सभी कार्यालयों और पंचायत स्तर तक चलाया गया था। जागरूकता अभियान के एक भाग के रूप में, दिल्ली सरकार ने आठ लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को भी उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर शामिल किया।

स्वच्छ भारत 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ

नरेंद्र मोदी सरकार ने देश भर में स्वच्छता सुनिश्चित करके स्वच्छता समस्या और अपशिष्ट प्रबंधन को हल करने के लिए “स्वच्छ भारत” आंदोलन का शुभारंभ किया। 2014 के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में “स्वच्छ भारत” पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह आंदोलन देश की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा है। मिशन का मुख्य उद्देश्य सभी के लिए स्वच्छता सुविधाएं बनाना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है, 2019 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शौचालय प्रदान करना।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों में निम्नलिखित हैं।

  1. व्यक्तिगत, सामूहिक और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण
  2. खुले में शौच को बन्द कर दें या कम करें, खुले में शौच के कारणों से हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती है।
  3. शौचालयों का निर्माण और लैट्रिन उपयोग की निगरानी की जवाबदेही तंत्र की स्थापना के लिए काम करना।
  4. शौचालय उपयोग को बढ़ावा और खुले में शौच की खामियों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बनाएं।
  5. शौचालय उपयोग के व्यवहार में बदलाव लाने और उसे बढ़ावा देने के लिए समर्पित ग्राउंड स्टाफ की भर्ती।
  6. उचित स्वच्छता के उपयोग के लिए लोगों की मानसिकता को बदलें।
  7. गाँवों को साफ रखें।
  8. ग्राम पंचायतों के माध्यम से ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करें।
  9. 2019 तक सभी घरों में पानी की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी गाँवों में पानी की पाइपलाइनें लगाई जा रही हैं।

मोदी का मत क्या है?

मोदी ने राष्ट्र के आर्थिक स्वास्थ्य के साथ स्वच्छ भारत आंदोलन को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा है। उनके अनुसार यह मिशन जीडीपी विकास में योगदान दे सकता है, रोजगार का स्रोत प्रदान करता है और स्वास्थ्य लागत को कम करता है, जिससे एक आर्थिक गतिविधि से जुड़ सकता है। सफाई पूरी तरह से देश के पर्यटन और वैश्विक हितों से निःसंदेह जुड़ी है। इस समय भारत के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों में उच्चतम स्तर की स्वच्छता प्रदर्शित हुई है ताकि वैश्विक धारणा को बदल सकें।

स्वच्छ भारत अधिक पर्यटकों को ला सकता है, जिससे राजस्व बढ़े। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वच्छता के लिए हर साल 100 घंटे समर्पित करें। मोदी ने न केवल स्वच्छता कार्यक्रम पर बल्कि ठोस कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट जल प्रबंधन पर भी जोर दिया। ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वैज्ञानिक रूप से सिद्ध उन्नत तकनीकों का उपयोग करने वाली ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियां शुरू की जाएंगी। नरेंद्र मोदी ने यह भी निर्देश दिया है कि 15 अगस्त, 2015 तक देश के हर स्कूल में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराये जाएंगे।

स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए मोदी के नामांकित व्यक्ति

2 अक्टूबर 2014 को मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से नए युग के विपणन पर विचार करते हुए मिशन के प्रचार के लिए विभिन्न क्षेत्रों से नौ हस्तियों को नामांकित किया है। नामांकित व्यक्तियों में अनिल अंबानी, मृदुला सिन्हा, बाबा रामदेव, कमल हसन, प्रियंका चोपड़ा, सचिन तेंदुलकर, सलमान खान, शशि थरूर की टीम और टीवी सीरियल तारक मेहता का उलटा चश्मा शामिल हैं।

25 दिसंबर को मोदी ने कॉमेडियन कपिल शर्मा, सौरव गांगुली, किरण बेदी, पद्मनाभ आचार्य, नागालैंड के गवर्नर, सोनल मानसिंह, इनादु ग्रुप के रामोजी राव और अरुण पुरी आदि नौ लोगों को अपने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को आगे बढ़ाने के लिए नामांकित किया। कुछ संगठन जैसे कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, ईनाडू और मुंबई के लोकप्रिय “डब्बेवाले” को भी मशालदार बनने के लिए नामित किया गया था।

फंड आवंटन

इस परियोजना के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है। केन्द्र और राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों के मध्य फंड शेयरिंग को 75:25 के अनुपात में आवंटित किया गया है। यह आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि उत्तर पूर्वी और विशेष श्रेणी राज्यों के लिए धन का आवंटन 90:10 के अनुपात में है। परियोजना को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विश्व बैंक से वित्तीय और तकनीकी सहायता मांगी है। साथ ही सभी बड़ी कंपनियों और निजी संगठनों को उनके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की पहल के तहत आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा जाता है।

201516 के केंद्रीय बजट में प्रस्तावित उपाय

स्वच्छ भारत अभियान को “निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छ भारत अभियान निर्माण के लिए कार्यक्रम” के रूप में वर्णित करते हुए, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रस्ताव दिया कि स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छ गंगा को दिए गए दान आयकर अधिनियम के तहत कर कटौती के लिए पात्र होंगे। बजट में भी चयनित सेवाओं पर स्वच्छ भारत उपकर 2 प्रतिशत की दर से प्रस्तावित किया गया। इस उपकर से उत्पन्न संसाधनों को अभियान की दिशा में पहल करने के लिए लाभ होगा।

जनवरी 2015 तक 31.83 लाख शौचालयों का निर्माण

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2015 में इस स्वप्न परियोजना के तहत 7.1 लाख व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। अक्टूबर 2014 में अपनी शुरुआत के बाद से किसी भी महीने में इस संख्या को सर्वोच्च माना जाता है। जनवरी 2015 तक 31.83 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ है। अभी तक कर्नाटक ने लक्ष्य का 61% प्राप्त करके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जबकि पंजाब लक्ष्य का 5% हासिल करके सबसे खराब प्रदर्शनकर्ता है।

सभी के लिए शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के एक हिस्से के रूप में हम सभी को वचनबद्ध करने के लिए कहा है।

“मैं स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध हूँ और इसके लिए समय देना होगा। स्वच्छता के लिए स्वेच्छा से काम करने के लिए मैं प्रति वर्ष 100 घंटे समर्पित करता हूँ, जो कि हर सप्ताह के दो घंटे हैं। मैं न तो खुद कूड़ा करूँगा और न ही दूसरों को कूड़ा करने दूँगा, मेरा परिवार, मेरा इलाका, मेरा गाँव और मेरा कर्म स्थल के साथ सफाई के लिए खोज शुरू कर दूँगा”।

स्वच्छ भारत अभियान को एक सफलता बनाओ

प्रधानमंत्री ने यह सही कहा है कि स्वच्छ भारत अभियान को सरकार और साथ ही लोगों दोनों के संयुक्त प्रयास के रूप में होना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन पिछली सरकार द्वारा 1999 में इसी मिशन के साथ शुरू किया गया दूसरा निर्मल भारत अभियान न बने जो सफलता से बहुत दूर था।

स्वच्छ भारत अभियान एक मात्र पुनर्नामित अभ्यास नहीं होना चाहिए। इस तथ्य के बारे में कोई संदेह नहीं है कि बदलाव घर से शुरू होता है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार पर निर्भर होने की अपेक्षा देश के हर नागरिक को स्वयं कार्य करना चाहिए। हमें यह भी उम्मीद है कि हम स्वच्छता की ओर लोगों के रवैये को बदल सकते हैं और हम जो बदलाव देखना चाहते हैं वह हो सकता है।

हाल ही हुए विकास

  • सरकार ने सबसे स्वच्छ शहरों की रिपोर्ट जारी कर दी है। 476 शहरों में किए गए सर्वेक्षण में मैसूर को भारत का सबसे साफ शहर दिखाया गया है। पश्चिम बंगाल ने इस सूची में एक मजबूत स्थान बनाया है क्योंकि राज्य के 25 शहरों ने इसे शीर्ष 100 की सूची में बनाया है। अधिक विवरण के लिए आप निम्न लिंक का उपयोग कर सकते हैः (http://hindi.mapsofindia.com/government-of-india/swachh-bharat-abhiyan.html)
  • स्वच्छ भारत मिशन के प्रमुख विजयलक्ष्मी जोशी ने सितंबर 2015 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा स्वच्छ भारत मिशन के एक वर्ष पूरा करने से पहले भी आया था।