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पूरे विश्व में एकता का प्रतीक है दीपावली का त्योहार

November 5, 2018
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पूरे विश्व में एकता का प्रतीक है दीपावली का त्योहार

दिवाली दीपों का त्योहार है इसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है और यह पूरे विश्व में मनाया जाने वाला एक भारतीय त्यौहार है। दिवाली मनाने का भाव बुराई पर अच्छाई की जीत के जश्न पर आधारित है क्योंकि इसी दिन भगवान राम (विष्णु का अवतार) लंका के दुष्ट दानव राजा रावण को मारने के बाद अयोध्या लौटे थे। ऐसा भी माना जाता है कि दिवाली अपने साथ बेहतर समय आने का संकेत देती है। दिवाली के दौरान लोगों के घर से दरिद्र दूर भाग जाता है और सुख एवं समृद्धि प्रवेश कर लेती है।

दीपावली का त्योहार भारत में रहने वाले हिंदुओं, मुसलमानों, सिक्खों, ईसाइयों, जैनों और अन्य धर्म के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है, यह सभी त्योहारों में सबसे धर्मनिरपेक्ष त्योहार है और इसे प्रत्येक धर्म के लोग एक साथ मनाते हैं, इस त्योहार में लोग संस्कृति के मतभेदों को भूल जाते हैं और अनेकता में एकता लाने की प्रतिज्ञा करते हैं। भारत में सभी समुदाय दिवाली पर शानदार जश्न मनाते हैं और दिवाली वास्तव में हर साल अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है। इस त्योहार को सभी लोग, अपनी जाति, पंथ, आर्थिक पृष्ठभूमि और उम्र को पीछे छोड़कर, एक साथ मिलकर बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं।

भारत में कुछ अनूठे उत्सव

  • पश्चिम बंगाल में दीवाली मां काली (देवी शक्ति का एक रूप) के द्वारा दो दानव राजाओं शुम्भ और निशुंभ के बध करने की याद में मनाई जाती है। इसके अलावा यहाँ तांत्रिकों के द्वारा भी कई पूजाएं की जाती हैं। ये एक गहन आध्यात्मिक तात्रिक होतें हैं (ये पुजारी आध्यात्मिक प्रभुत्व प्राप्त करने के लिए ब्रह्माण्ड विज्ञान का पालन करते हैं)।
  • तमिलनाडु में, ऐसा माना जाता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन तेल स्नान करता है उसे पवित्र गंगा में डुबकी लेने का पुण्य प्राप्त होता है और सभी लोग “गंगा स्नानम आचा” कहकर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं।
  • सिंध में दीवाली को दियारी के नाम से जाना जाता है और इस त्योहार में सिंध के लोग दूध में सोने और चांदी के सिक्कों को धोते हैं और फिर उन्हीं से “लक्ष्मी आई, दानत वैई”, जिसका अर्थ है कि लक्ष्मी के आगमन के साथ गरीबी दूर चली जाएगी, का जप करते हुए पूजा करते हैं।
  • उत्तर भारत में, दिवाली के तीसरे दिन बली प्रतिपदा को त्योहार के रुप में मनाया जाता है। इसमें ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने अपने वामन अवतार के रूप में बली को पाताल लोक देने का निश्चय किया था और उसके भक्तिभाव से प्रसंन्न होकर उसे वर्ष में एक बार दीवाली के तीसरे संसार के दर्शन करने की भी अनुमति दी थी।
  • ओडिशा में दीवाली को कौरिया काठी के रूप में मनाया जाता है इस दिन लोग पूर्वजों की सहायता करने के लिए जूट की छड़ों को जलाते हैं क्योंकि इनका मानना है उनके पूर्वज, जो स्वर्ग में रहते हैं वे दीवाली के दिन प्रथ्वी पर उतरते हैं।
  • जैन धर्म के अनुसार दीवाली इनके वर्तमान ब्रह्मांडीय युग के 24 वें और आखिरी तीर्थंकर महावीर स्वामी के मोक्ष प्राप्त करने की सालगिरह को दर्शाती है।
  • दीवाली सिखों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस समय के दौरान 1619 ईस्वी में गुरु हरगोबिंद जी ग्वालियर किले से अपने आप के साथ 52 अन्य राजाओं को भी रिहा करके लाए थे। तभी से सिख धर्म के अनुयायी दीवाली के दिन को बड़े ही उत्साह के साथ ‘बंदी छोड़ दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
  • मुस्लिम, ईसाई, पारसी और अन्य सभी धर्म के लोग पूरे विश्व में इस उत्सव को हिंदुओं के साथ मिलकर मनाते हैं।….

दुनियाभर में दिवाली मनाने के अनोखे तरीके

  • हिंदू धर्म की बढ़ती जातीय और सांस्कृतिक विविधता के कारण दीपावली का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। गुयाना, फिजी, मलेशिया, नेपाल, मॉरीशस, म्यांमार, सिंगापुर, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में दिवाली को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। विदेश में मनाई जाने वाली दीवाली में पारिवारिक संबधों को अधिक महत्व दिया जाता है। यह त्योहार अज्ञानता को खत्म करने, सद्भआवना को बढ़ाने और एक अच्छे भविष्य की कल्पना करने के लिए जाना जाता है।
  • नेपाल में दिवाली को तिहार के रूप में जाना जाता है और यह त्योहार भी भारत में मनाई जाने वाली दीवाली की तरह ही रोशनी से भरा हुआ और पटाखे फोड़ने वाला एक 5 दिवसीय त्यौहार है। नेपाल में दिवाली की अनूठी विशेषता यह है कि यहाँ पहले दिन कौवे और अन्य इसके जैसे बोलने वाले पक्षियों पूजा की जाती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन पक्षियों के कांव-कांव करने की आवाज खराब समय को इंगित करती है और नेपाल के लोगों का मानना है कि इन पक्षियों को भोजन कराने और इनकी पूजा करने से खराब समय खत्म हो जाता है। दूसरे दिन यहाँ कुत्ते की पूजा की जाती है। यह पूजा कुत्तों और मनुष्यों में एक दूसरे के प्रति पाए जाने वाले, प्रेंम, विश्वास और वफादारी के संबंधों की सराहना करने लिए की जाती है।
  • मॉरीशस में हिंदुओं की प्रमुख आबादी वाला ट्रायलेट नाम का एक सुंदर द्वीप, जो दीवाली के जश्न को पटाखे फोडकर और दीपों की रोशनी से घरों को सजाकर दोस्तों तथा परिवार के साथ मनाता है।
  • दिवाली के दौरान उत्सव की रोशनी और रंगीन मेहराब के साथ सिंगापुर का लिटिल इंडिया शानदार दिखाई पड़ता है। इस सप्ताह के दौरान यहाँ संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और यहाँ के बाजार विशेष उपहारों से सजे हुए होते हैं।
  • गुयाना के छोटे से दक्षिण अमेरिकी देश में दीपावली का त्योहार 1853 से परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर मिठाई के पारंपरिक आदान-प्रदान तथा रंगीन रोशनी से घरों को रोशन करके मनाया जाता है। गुयाना में जश्न के अनूठे हिस्से में यहाँ के विभिन्न शहरों में वाहनों से निकाला जाने वाला जुलूस है। इसमें लोग रोशनी से सजे हुए वाहनों के साथ जुलूस निकालते हैं और इस जुलूस को देखने के लिए हजारों में लोग इकट्ठे होते हैं।
  • लीसेस्टर, इंग्लैंड में मुख्य सड़क को लाइटों से सजाकर दीवाली मनाई जाती है। इस सड़क को गोल्डन माइल कहा जाता है। यहाँ पर नृत्य, कई प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन और 110-फीट के प्रसिद्ध “व्हील ऑफ राइड” के द्वारा दिन में भी उत्सव मनाया जाता है।
  • कनाडा के ओन्टारियो में दीपावली को मध्य अक्टूबर से नवंबर तक मनाया जाता है। हालांकि ब्रैंपटन में दीपावली के इस त्योहार को सबसे शानदार तरीके से मनाया जाता है। ब्रैमेला सिटी सेंटर में दीपावली में तीन दिवसीय समारोह का आयोजन  किया जाता है और इसे नृत्य प्रतियोगिताओं और आतिशबाजी आदि के प्रदर्शन के साथ मनाया जाता है।
  • इंडोनेशिया के बाली में बिल्कुल भारत के ही जैसे दीवाली मनाई जाती है। यहाँ भी आतिशबाजी, प्रकाश से सुसज्जित घर और एक अच्छा संबध जो कि दोस्तों और परिवार को जोड़ने के लिए होता है के साथ दीपावली के त्योहार को मनाया जाता है।
  • मलेशिया में मलयों के सामंजस्यपूर्ण बहु-जातीय मिश्रण को देखा जाता है यहाँ पर हिन्दुओं की जनसंख्या 8% है । मलेशिया के लोग दीवाली को हरी दीवाली कहते हैं वे इस त्योहार को बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाते हैं।
  • भारतीयों द्वारा दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद और टोबैगो में भी दीवाली मनाई जाती है।

शांति और सद्भाव का त्योहार

दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह अज्ञानता के अंधेरे को दूर करता है। दिवाली का त्यौहार आर्थिक, जातीय और सांस्कृतिक मतभेदों को दूर करके शांति और एकता को लाने में सहायता करता है।

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मैप्स ऑफ इंडिया आपकी सुख-समृद्धि, धन एवं तन की कामना करता है।