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बंगाल का स्वाद

October 6, 2018
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बंगाल का स्वाद

दुर्गा पूजा के लिए नौ दिन ही शेष बचे है और बंगाली अपने उत्सव की योजना बना रहे हैं, हम बंगाल के कुछ खाद्य पदार्थों पर एक नज़र डालेंगे, जो निश्चित रूप से उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हैं। मन को लुभाने वाले व्यंजनों की अधिकता के साथ बंगालियों को भोजन प्रेमियों के रूप में जाना जाता है। ये लोग अपने भोजन के प्रति इतने जुनूनी होते हैं कि वे इसकी तैयारी के लिए किसी भी कीमत को चुका सकते हैं।

यहां मुख्य रूप से – बंगाल और घोटी – दो अलग-अलग स्वाद हैं, जो बंगाली व्यंजनों में प्रचलित है। बंगाली वे लोग हैं जिनके पूर्वजों को 1947 के विभाजन के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित कर दिया गया था। घोटी पश्चिम बंगाल के वे लोग हैं जिन्होंने विभाजन के दौरान अपने पैतृक घरों को न खोने का विशेषाधिकार प्राप्त किया।

विभाजन के बाद लोगों के एकीकरण के साथ, व्यंजनों का स्वाद भी लगभग समान हो गया है। लेकिन लोग अभी भी हिल्सा का बंगाली विधि से और झींगा का घोटी विधि से आनंद लेते हैं।

आइए हम बंगाल के कुछ मुंह में पानी लाने वाले व्यंजन और इनकी तैयारी के तरीके में भाग लें।

भापा इलिश (स्टीमड हिल्सा)

हिल्सा (इलिश): हिल्सा बंगालियों की पसंदीदा मछली है और एक औसत बोंग एक किलो हिल्सा को हजारों रुपयों में बेचने को तैयार रहता है। हिल्सा ताजे पानी में रहने वाली मछली है और यह बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल की नदियों में पाई जाती है। मछली विभिन्न तरीकों से तैयार की जा सकती है। लेकिन भापा इलिश (स्टीमड हिल्सा) – हम सभी बोंग्स को – सबसे पसंदीदा हैं।

भापा इलिश (स्टीमड हिल्सा)

बनाने की विधि:

एक सामान्य घराना निश्चित रूप से मछली विक्रेता से कटी हुई हिल्सा खरीदता है और वह जानता हैं कि इसे कैसे बनाना है। मछली के टुकड़ों को अच्छी तरह धो लें और उन पर नमक और हल्दी पाउडर छिड़कें। अपने मिक्सर में, पीली सरसों, काली सरसों, हरी मिर्च, अदरक और नमक का एक चिकना पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को एक कटोरे में रखें जिस पर ढक्कन कसकर लगाया जा सके। पेस्ट में एक कप पानी डाले और अच्छी तरह मिलाएं। पेस्ट में सभी मछलियों के टुकड़ो को डुबाएं। सुनिश्चित करें कि मछली के टुकड़े समान रूप से मिश्रण में डूब जाएं। मिश्रण में कुछ सरसों का तेल डालें। कटोरे के ढक्कन को कस दें।

कटोरे को एक पैन में रखें और इसमें पानी डालें, जैसे कि पानी का स्तर कटोरे की ऊंचाई के केवल दो-तिहाई तक पहुंचता है। पैन को ढक्कन से ढककर पच्चीस मिनट तक भाप दें। आपका भापा इलिश चावल के साथ गर्म-गर्म परोसने के लिए तैयार है।

गोल्डा चिंगरी मलाईकरी

लॉबस्टर और प्रॉन (गोल्डा चिंगरी और चिंगरी): ये समुद्री खाद्य पदार्थ दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं। हालांकि, बोंग्स इसे अपने तरीके से तैयार करते हैं। चलो हम अपनी पसंदीदा गोल्डा चिंगरी मलाईकरी को बनाने के बारे में जानें। झींगे के सिर के साथ एक शाही नुस्खा है। मालाईकरी शब्द हिंदी में नारियल क्रीम या मालाई के उपयोग से आता है।

गोल्डा चिंगरी मलाईकरी

बनाने की विधि:

झींगे को पूरी तरह से साफ करें, सुनिश्चित करें कि इसका सिर अलग न हो क्योंकि रसदार सिर इस पकवान के स्वाद को और ज्यादा लजीज बनाता है। झींगों पर हल्दी पाउडर, नमक छिड़कें और इसे गूंथ लें। एक पैन में, सरसों का तेल गर्म करें और सावधानीपूर्वक प्रत्येक झींगे को अलग-अलग तलें जब तक कि वे समान रूप से सुनहरे न हो जाएं। पैन से झींगे बाहर निकाल लें। आंच पर उसी तेल में, आधा कप प्याज का पेस्ट डाल दें। अदरक पेस्ट, थोड़ी हरी मिर्च डालें और मिश्रण को एक मिनट के लिए तेल में चलाएं। घर पर आपके पास रखे हुए सभी सूखे मसालें, थोड़ी चीनी डालें और इसे अच्छी तरह से मिलाएं। अच्छी तरह से पकाएं जब तक किनारे से तेल बाहर निकलता शुरू न हो जाए। अब आंच को कम कर दें और नारियल क्रीम डालें। इसे अच्छी तरह से मिलाएं और गर्म पानी डालें तथा इसे उबलने तक चलाते रहें। तले हुए झींगा डालें और हल्के से चलाएं। पैन को ढ़क दें और इसे 5 मिनट तक उबलने दें। आंच को बंद कर दें और सावधानी से झींगा को इधर-उधर पलटें। चावल के साथ इसे परोसें।

मटन काशा

चावल या रोटी के साथ परोसा जाने वाला मटन काशा बंगाली पकवान मन को लुभा जाता है इसकी सुगंध वास्तव में सभी मटन प्रेमियों के लिए मुंह में पानी ला देने वाली होगी। आइए अब हम सब इस रेसिपी को बनाने के बारे में सीखें।

मटन काशा

रेसिपी

इसे बनाने के लिए आपको स्पष्ट रूप से मटन की आवश्यकता होगी जो किसी भी स्थानीय मटन की दुकान में कटी हुई मिल जाएगी। दही, सरसों का तेल, हल्दी पाउडर और नमक के साथ मटन मिलाकर रातभर के लिए रख दें। तैयारी के लिए, प्रेशर कुकर में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें कटा हुआ प्याज डालें। थोड़ा नमक, चीनी डालें और प्याज को सुनहरा होने तक चलाते रहें। सभी गरम मसाले, लाल सूखी मिर्च, काली मिर्च पाउडर डालें और प्याज को भूरा होने तक अच्छी तरह से पकाएं। अब हरी मिर्च, अदरक और लहसुन का पेस्ट डालें। पकाना जारी रखें और कुछ समय बाद तले हुए आलू को दो टुकडों में काटकर डालें। मसाले में आलुओं को मिलाएं। मसालेदार मटन डालें और कुकर में मसाले के साथ अच्छी तरह से मिलाएं। कुछ समय तक अच्छी तरह से पकाएं और टमाटर प्यूरी डालें इसके बाद गरम मसाला पेस्ट और लाल मिर्च पाउडर डालें। इसके अलावा 10 से 15 मिनट तक मध्यम आंच पर पूरी सामग्री को अच्छी तरह से पकाएं। बंगाली में इस प्रकिया को ‘कोशानो’ कहा जाता है और इसलिए इसका नाम मटन काशा रखा गया है।

इस प्रक्रिया को पूरा करके 2 कप पानी डालें और 10 मिनट तक प्रेशर कुकर में मटन को पकाएं। भाप निकलने दें और प्रेशर कुकर के ढक्कन को खोलें। आप देखेंगे कि तेल मटन से बाहर निकल रहा होगा। आपका पसंदीदा बंगाली मटन काशा तैयार है।

उपरोक्त मांसाहारी व्यंजनों के साथ, आप सोच सकते हैं कि बंगालियों के पास शाकाहारियों को पेश करने के लिए कुछ भी नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है वहां शुकतो, मोचर घोंटो, डोई फुलकोपी इत्यादि जैसे बहुत सारे शाकाहारी व्यंजन हैं जिन्हें देखकर आपका मन विचलित हो जाएगा। तो चलिए मोचर घोंटो बनाने के बारे में जानें।

मोचर घोंटो

यह केले की फली, नारियल और आलू का एक अनूठा व्यंजन है। एक सूखा शाकाहारी व्यंजन जो ज्यादातर बंगाली चावल या रोटी के साथ खाना पसंद करते हैं। मोचा (या केले की फली) न केवल एक अच्छा खाद्य पदार्थ है बल्कि यह आयरन से भी भरपूर है और दिमाग को मजबूत बनाने में सहायक है।

मोचर घोंटो

बनाने की विधि:

केले की फली को साफ करें और इन्हें बारीक से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे नमक और हल्दी के साथ पानी में डुबा कर रखें। 5 मिनट के लिए नमक और पानी के साथ केले की फली को पकाएं। एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें और इसमें जीरा, तेजपत्ता तथा दालचीनी डालें। इसको एक बार गर्म करके इसमें थोड़े कटे हुए आलू के टुकड़े डालें और इन्हें सुनहरे पीले होने तक तलें। इसमें बारीक कटा हुआ अदरक डालें और 2-3 मिनट के लिए तलें। एक कटोरे में आधा कप पानी लें और जीरा, धनिया और लाल मिर्च डालें। पैन में टमाटर प्यूरी के साथ यही सब डालें। अच्छी तरह से मिलाएं और 2 – 3 मिनट के लिए ठंडा होने दें। अब उबले हुए केले की फली के पानी को निकालें और आलू के साथ पैन में डालें। अच्छी तरह से मिलाएं और 10 मिनट के लिए कम आंच में पकाएं। एक बार करी सूख जाए तो इसे आंच से हटा दें और इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए गरम मसाला पाउडर और घी डालें। इसे चावल के साथ परोसें।