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59 मिनट में 1 करोड़ का ऋण: लघु एवं मझोले उद्यम को मोदी की तरफ से दिवाली का तोहफा

November 5, 2018


एमएसएमई के लिए ऋण अब उंगलियों पर 

छोटे व्यवसायों के लिए अच्छी खबर ! नई घोषणा के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार, अब मध्यम, छोटे और लघु उद्यमों के लिए 59 मिनट में 1 करोड़ रुपये तक के लोन के आडे आने वाली सभी बाधाएं समाप्त हो गई हैं। इसके अलावा ! पात्र संगठन, जो माल और सेवा कर के तहत पंजीकृत हैं, को अब 1 करोड़ रुपये की सीमा में अतिरिक्त कर्ज पर ब्याज दर में 2% ब्याज सहायता दी जाएगी।

एमएसएमई क्या है?

एमएसएमई का तात्पर्य है लघु, छोटे और मध्यम उद्यम। निवेश के मामले में ये उद्यम छोटे माने जाते हैं। ये आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये देश में बड़े समय के नियोक्ता हैं। दूसरी बात, प्रतिवर्ष औद्योगिक उत्पादन का लगभग 40% इन उद्यमों द्वारा निर्मित किया जाता है।

एक सूक्ष्म उद्यम के लिए: टर्नओवर (कुल बिक्री) प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये से कम या इसके बराबर हो

एक छोटे उद्यम के लिए: टर्नओवर (कुल बिक्री) प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये से अधिक और 75 करोड़ रुपये से कम हो

एक मध्यम उद्यम के लिए: टर्नओवर (कुल बिक्री) प्रतिवर्ष 75 करोड़ रुपये से अधिक और 250 करोड़ रुपये से कम हो

प्रक्रिया क्या है?

सिडबी (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) ने https://www.psbloansin59minutes.com/home पर एक पोर्टल स्थापित किया है। सभी योग्य उद्यमों को वहां पंजीकरण करना है और ऋण के लिए आवेदन करना है। सर्वोत्तम ब्याज दरें संभव बनाने के लिए उनके आवेदन 2-3 बैंकों तक प्रसारित किए जाएंगे। एक अनुमोदन प्राप्त करके इस प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। लगभग सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इसमें भाग ले रहे हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस कार्यक्रम में सरकार का मुख्य उद्देश्य भारत के एमएसएमई (लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र को मजबूत करना है। इसका उद्देश्य व्यवसायियों को ऋण प्राप्त करने में उनके लंबे समय तक के इंतजार को कम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा है कि, “छोटे व्यवसायी सस्ती ब्याज दर पर, अक्सर बैंक शाखाओं के चक्कर लगाए बिना आसानी से एक करोड़ रुपये का ऋण मात्र 59 मिनट में प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए यह पहली आवश्यकता होती है। “वित्त मंत्री पैनल भी स्थापित किया गया है जो छोटे व्यवसायों के साथ डील करके उनके मुद्दों को हल करेगा।

इसके अलावा, मोदी के प्रशासन की नई घोषणा से यह भी पता चलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अब एमएसएमई से अपने इनपुट, पिछले 20 प्रतिशत की तुलना, का 25 प्रतिशत खरीदना होगा। 25% में से, इसका 3% महिला नेतृत्व वाली एमएसएमई या महिला उद्यमियों द्वारा प्राप्त किया जाएगा।

एमएसएमई के लिए अन्य ‘दिवाली उपहार’

  • एमएसएमई को बेहतर नकदी चक्र का लाभ मिलेगा क्योंकि अब सभी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जिनके पास 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार है, अनिवार्य रूप से ट्रेड रिसीवबल इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम के पोर्टल पर पंजीकृत होंगी।
  • फार्मा एमएसएमई कंपनिया उनके लिए समूहों (क्लस्टर) का सृजन करेंगी। केंद्र सरकार इसकी लागत का 70% वहन करेगी। क्लस्टर कंपनियों को आसानी से ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
  • एमएसएमई (लघु एवं मझोले उद्यम) इंस्पेक्टर राज से मुक्त हो जाएंगे।
  • एमएसएमई (लघु एवं मझोले उद्यम) के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। वायु और जल अधिनियम के तहत, अब उन्हें “स्थापित करने की सहमति” और “पर्यावरणीय मंजूरी” के लिए केवल एक अनुमोदन की आवश्यकता है।
  • कंपनी अधिनियम के तहत मामूली अपराधों में दंड को सरल बनाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया गया है। यह छोटे व्यवसायों के मालिकों के अनावश्यक उत्पीड़न को रोक देगा।
  • सरकार ने छोटे व्यवसायों के लिए प्रौद्योगिकी के केंद्रों को बढ़ाने के लिए 6,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करने का फैसला किया है।
  • अब, 8 श्रम कानूनों के नियमों के संबंध में सिर्फ एक वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा।
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59 मिनट में 1 करोड़ का ऋण: एमएसएमई को मोदी का दिवाली उपहार
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नई घोषणा के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार, अब मध्यम, छोटे और लघु उद्यमों के लिए 59 मिनट में 1 करोड़ रुपये तक के लोन के आडे आने वाली सभी बाधाएं समाप्त हो गई हैं।