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भारतीय वायुसेना – रैंक और भर्ती प्रक्रिया

April 3, 2018
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भारतीय वायुसेना

देखें-भारतीय वायु सेना की कमीशन से लेकर गैर-कमीशन तक की रैंक 

भारतीय वायुसेना, इंडियन डिफेंस सर्विस की हवाई शाखा, की आधिकारिक तौर पर स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय गगनमंडल की रक्षा करने के लिए की गई थी। भारत का राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना का सर्वोच्च कमांडर होता है। भारतीय वायुसेना के पद की प्रक्रिया, रॉयल एयर फोर्स की संरचना पर आधारित है। “महिमा के साथ आकाश को स्पर्श करें” यह भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है।

आइए भारतीय वायुसेना के पद की संरचना पर नजर डालते हैं और यह भी देखते हैं कि इस सेना में कमीशन (साधिकार) कैसे प्राप्त होता है।

भारतीय वायुसेना के कमीशन अधिकारी

पद- वायुसेना का मार्शल

विवरण- भारतीय वायुसेना में, वायुसेना के मार्शल (मार्शल आफ द एयर फोर्स) का पद सर्वोच्च होता है, जिसे एक मानद युद्ध के समय श्रेणी में रखा जाता है। यह पद फाइव स्टार रैंक के रूप में जाना जाता है। कई देशों में यह पद है, लेकिन सभी इसका उपयोग नहीं करते हैं। वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह, डीएफसी, भारतीय वायुसेना के एकमात्र मार्शल थे।

पद- एयर चीफ मार्शल

विवरण- यह भारतीय वायुसेना का दूसरा सर्वोच्च तथा फोर स्टार रैंक वाला पद है। केवल एक एयर चीफ मार्शल ही, एयर स्टॉफ के चीफ (सीएएस) का पद संभाल सकता है, जो मुख्य पेशेवर और भारतीय वायुसेना का कमांडर होता है। वर्तमान सीएएस एयर चीफ मार्शल (वायु सेनाध्यक्ष) बीरेंद्र सिंह धनोआ हैं, जिन्होंने 31 दिसंबर 2016 को एयर चीफ मार्शल अरूप राहा की सेवानिवृत्ति के बाद इस पद को संभाला था।

पद- एयर मार्शल

विवरण- यह भारतीय वायुसेना का थ्री स्टारीय पद है और उन अधिकारियों के आधीन होता है, जो सामान्य तौर पर गठन के बहुत बड़े पद की नियुक्तियाँ करते हैं।

पद- एयर वाइस मार्शल

विवरण- एयर वाइस मार्शल भारतीय वायुसेना का टू स्टारीय पद है।

पद- एयर कमोडोर

विवरण- यह एक एकल स्टार वाला पद है, जो स्टार श्रेणी का सबसे जूनियर पद है। वे हवाई अधिकारी कमांडिंग के लिए प्रत्यक्ष सहायता के रूप में कार्य करते हैं।

पद- ग्रुप कैप्टन

विवरण- यह भारतीय वायुसेना का एक सीनियर कमीशन वाला पद है और यह सेना के कर्नल के बराबर होता है।

पद- विंग कमांडर

विवरण- विंग कमांडर का पद ग्रुप कैप्टन से नीचे होता है, लेकिन यह भी एक सीनियर कमीशन वाला पद है।

पद- स्क्वाड्रन लीडर

विवरण- यह विंग कमांडर के पद के ठीक बाद आता है।

पद- फ्लाइट लेफ्टिनेंट

विवरण- यह वायुसेना का एक कमीशन-प्राप्त पद है, जो स्क्वाड्रन लीडर के बाद आता है। इस रैंक के अधिकारी केवल “लेफ्टिनेंट” के रूप में संबोधित नहीं किए जा सकते हैं।

पद- फ्लाइंग ऑफिसर

विवरण- फ्लाइंग ऑफिसर भी एक कमीशन प्राप्त पद है, जो केवल विमान उड़ाने वाले अधिकारियों के अधिकार में नहीं होता है। कभी-कभी ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर या हवाई दल के अधिकारी भी इस पद को संभालते हैं।

भारतीय वायुसेना के जूनियर कमीशन-प्राप्त अधिकारी

पद- मास्टर वारंट ऑफिसर

विवरण- यह वह पद है, जिसमें एक अधिकारी को वारंट द्वारा नामांकित किया जाता है और यह उन कमीशन अधिकारियों के विपरीत होता, जो एक कमीशन द्वारा एक अधिकारी के रूप में नामित किए जाते हैं। यह जूनियर कमीशन अधिकारियों का सर्वोच्च पद है।

पद- वारंट अधिकारी

विवरण- यह जूनियर कमीशन श्रेणी का दूसरा सर्वोच्च पद है।

पद- जूनियर वारंट ऑफिसर

विवरण- आमतौर पर तकनीक प्रमुख या विशेषज्ञ, जूनियर वारंट ऑफिसर का पद संभालता है।

भारतीय वायुसेना के बिना-कमीशन प्राप्त अधिकारी

पद- सार्जेंट

विवरण- यह जूनियर वारंट ऑफिसर के नीचे का पद है और यह एक बिना-कमीशन प्राप्त पद है।

पद- कॉर्पोरल

विवरण- यह एक सैन्य पद है, जो अनुभाग को निर्देशित करने या सैनिकों के दल से मेल खाता है।

पद- लीडिंग एयरक्राफ्टमैन

विवरण- यह पारिभाषिक रूप से कोई पद नहीं है, लेकिन यह एयर फोर्स (वायुसेना) में बिना-कमीशन प्राप्त अधिकारियों को दिया गया एक टाइटल है।

पद- एयरक्राफ्टमैन

विवरण- यह भारतीय वायुसेना का सबसे निम्न पद है।

वायुसेना में एक कैरियर बनाने के लिए परीक्षाएं और प्रविष्टियाँ

भारतीय वायुसेना की तीन ब्राँच (भाग) हैं

1) फ्लाइंग ब्राँच – भारतीय वायुसेना की इस फ्लाइंग ब्राँच में पायलट होते हैं। भारतीय वायुसेना में पुरुष और महिलाएं दोनों पायलट बन सकते हैं। वास्तव में इस ब्राँच के पायलट संचालन (जंगी कार्यवाई) और लड़ाइयों के दौरान विमानों को उड़ाते हैं। इस ब्राँच में तीन प्रकार के पायलट होते हैं:

  • लड़ाकू विमान पायलट
  • हेलीकाप्टर पायलट
  • परिवहन पायलट

2) ग्राउंड ड्यूटी- भारतीय वायुसेना की यह ब्राँच नियंत्रण (कंट्रोल) टावर और मौसम संबंधी कार्यों के लिए काम करती है। जो अधिकारी ग्राउंड ड्यूटी पर होते हैं, वे पायलटों के साथ समन्वय की उम्मीद करते हैं और उन्हें मौसम की स्थिति के बारे में जानकारी देते हैं।

3) टेक्निकल ब्राँच- टेक्निकल ब्राँच आमतौर पर विमान और अन्य वायुसेना के उपकरणों से संबंधित है। अन्य ब्राँचों में रसद, लेखा, शिक्षा, प्रशासन और चिकित्सा एवं डेंटल ब्राँच शामिल हैं।

एयर फोर्स में शामिल होने के लिए योग्यता

12वीं (10+2)

यह प्रविष्टि केवल पुरुषों के लिए है। वे सभी पुरुष, जो अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी कर चुके हैं, वह एसएसबी साक्षात्कार के बाद परीक्षा पास करके राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल हो सकते हैं। जब उनकी परीक्षा और प्रशिक्षण पूरा हो जाता है, तब वे वायुसेना में शामिल होने के योग्य हो जाते हैं। यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाती है।

स्नातक के बाद

स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोई भी व्यक्ति संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) की परीक्षा पास करके, भारतीय वायुसेना की किसी भी ब्राँच में शामिल हो सकता है। भारतीय वायुसेना में चयनित होने के लिए एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एएफसीएटी) भी दे सकते हैं। चयनित हो जाने के बाद भारतीय वायुसेना (आईएएफ) प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाता है और बाद में उन्हें अधिकारी पद के लिए नियुक्त किया जाता है।

परास्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद

परा-स्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोई भी भारतीय वायुसेना की टेक्निकल या ग्राउंड ड्यूटी ब्राँचों में शामिल हो सकता है। एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री हासिल करने वालों के लिए यह अधिक अनुकूल है। कोई भी व्यक्ति मौसम विज्ञान के माध्यम से किसी भी विज्ञान धारा / गणित / सांख्यिकी / भूगोल / कम्प्यूटर एप्लीकेशन / पर्यावरण विज्ञान / एप्लाइड भौतिकी / समुद्री विज्ञान / मौसम विज्ञान / कृषि मौसम विज्ञान / पारिस्थितिकी और पर्यावरण / भू-भौतिकी / पर्यावरणीय जीव-विज्ञान में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी करने के बाद प्रवेश प्राप्त कर सकता है (परंतु स्नातक स्तर के अध्ययन में गणित और भौतिकी दोनों में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है)। उम्मीदवारों के लिए प्रत्यक्ष आवेदन भी उपलब्ध हैं।

एनसीसी में प्रवेश

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), को रक्षा की चौथी लाइन के रूप में जाना जाता है। यदि आप एनसीसी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं और एयर विंग एनसीसी से सी सर्टिफिकेट प्राप्त किया है, तो आप भारतीय वायुसेना में शामिल होने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

यूईएस प्रवेश

विश्वविद्यालय प्रवेश योजना उन आवेदनकर्ताओं के लिए है, जो वर्तमान में बीई/ बीटेक डिग्री कोर्स के अंतिम-पूर्व वर्ष में अध्ययन कर रहे हैं। यदि आप वायुसेना में शामिल होना चाहते हैं, तो एसएसबी टेस्ट के समय पिछले सत्रों के कागजात का कोई बैकलोड या बकाया नहीं होना चाहिए। डिग्री पूरी होने पर, सभी पेपरों में कुल मिलाकर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

लिंग और प्रवेश योजना के आधार पर कोई भी स्थायी या शार्ट सर्विस कमीशन प्राप्त कर सकता है।

सारांश
लेख का नाम –  भारतीय वायुसेना- रैंक और भर्ती प्रक्रिया

लेखिका का नाम – आयुषी नामदेव

विवरण – इस लेख में भारतीय वायुसेना के पदों की प्रक्रिया पर नजर डाली गई है और यह भी बताया गया है कि सेना में कमीशन कैसे प्राप्त होता है।