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भारतीय नौसेना – रैंक, कैरियर और चयन प्रक्रिया

May 19, 2018
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भारतीय नौसेना - रैंक, कैरियर और चयन प्रक्रिया

इंडियन नैवी, जिसे भारतीय नौसेना भी कहा जाता है, भारतीय सशस्त्र बलों की नौसेना एक शाखा है जिसके इतिहास का 1612 से पता लगाया जा सकता है। देश की सेवा करते हुए दुनिया को देखने का यह एक अद्भुत तरीका है।

यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा और विश्वसनीय 3-आयामी बल है जो पानी के नीचे और ऊपर काम करने में सक्षम है। भारतीय नौसेना के तहत विनाशकारी, पनडुब्बियों, माल और अन्य जहाजों का बेड़ा काम करता है। भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है।

भारतीय नौसेना में रैंक

भारतीय नौसेना में रैंको को कमीशन, जूनियर कमीशन और नॉन-कमीशन अधिकारी तीन रूपों में विभाजित किया गया है।

भारतीय नौसेना में रैंक

कमीशन अधिकारी पद (रैंक)

  1. बेड़े का एडमिरल: जहाजों के बेड़े का एडमिरल भारतीय नौसेना में उच्चतम रैंक का सैन्य नौसेना अधिकारी होता है। यह एक मानद रैंक है, जो युद्ध या औपचारिक नियुक्तियों के लिए आरक्षित है। अभी तक, भारतीय नौसेना में इस रैंक से किसी भी अधिकारी को सम्मानित नहीं किया गया है।
  2. एडमिरल (नौसेना अध्यक्ष): भारतीय नौसेना में नौसेना अध्यक्ष (एडमिरल) कमांडर और उच्च रैंकिंग अधिकारी होता है। नौसेना अध्यक्ष का पद एडमिरल के चार सितारा (4-स्टार) अधिकारी द्वारा आयोजित किया जाता है।
  3. उप एडमिरल: उप एडमिरल एक वरिष्ठ नौसेना ध्वज अधिकारी रैंक है, जो रियर एडमिरल से पद में बड़ा और एडमिरल के पद से छोटा होता है।
  4. रियर एडमिरल: रियर एडमिरल को आम तौर पर “एडमिरल” रैंकों में से सबसे छोटा माना जाता है, जिसे कभी-कभी “ध्वज अधिकारी” या “ध्वज रैंक” के रूप में भी जाना जाता है। यह कमोडोर के पद से बड़ी और एक उप एडमिरल से पद से छोटी रैंक है।
  5. कमोडोर: कमोडोर नौसेना की रैंक नौसेना के कप्तान से बेहतर रैंक है, लेकिन रियर एडमिरल से छोटी है।
  6. कप्तान: कप्तान की रैंक, सेना में कर्नल की रैंक के बराबर होती है। कोई भी नौ सेना अधिकारी जो जहाज चलाने का आदेश देता है नौसेना कस्टम द्वारा “कप्तान” के रूप में संबोधित किया जाता है।
  7. कमांडर: कमांडर भारतीय सेना में एक लेफ्टिनेंट कर्नल के बराबर की नौसेना अधिकारी रैंक है। कमांडर किसी भी सशस्त्र बलों की इकाई को कमांड करने वाला अधिकारी भी है।
  8. लेफ्टिनेंट कमांडर: लेफ्टिनेंट कमांडर भारतीय नौसेना में एक कमीशन अधिकारी रैंक है। यह रैंक एक लेफ्टिनेंट से उच्च और कमांडर के अधीनस्थ होती है।
  9. लेफ्टिनेंट: लेफ्टिनेंट भारतीय नौसेना में एक कमीशन अधिकारी रैंक है। यह आमतौर पर जूनियर अधिकारी रैंक की सबसे वरिष्ठ रैंक है। नौसेना की लेफ्टिनेंट रैंक सेना के एक कप्तान के बराबर है।
  10. उप लेफ्टिनेंट: उप-लेफ्टिनेंट भारतीय नौसेना में एक कमीशन अधिकारी रैंक है, जो लेफ्टिनेंट के पद से नीचे होती है।

जूनियर कमीशन अधिकारी पद

1.मास्टर चीफ पैटी आफिसर (प्रथम श्रेणी): मास्टर चीफ पैटी ऑफीसर (प्रथम श्रेणी) भारतीय नौसेना में जूनियर कमीशन अधिकारी का वरिष्ठ पद है। यद्यपि वे कमीशन अधिकारी हैं, लेकिन सबसे वरिष्ठ गैर-कमीशन अधिकारियों की तरह अपनी भूमिका निभाते हैं।

2.मास्टर चीफ पैटी आफिसर (द्वितीय श्रेणी): एक मास्टर चीफ पैटी ऑफिसर (द्वितीय श्रेणी) भारतीय नौसेना में एक अधिकारी होता है जिसे कमीशन से अलग जूनियर कमीशन अधिकारी के रूप में नामित किया जाता है, और एक गैर-कमीशन अधिकारी जिसे अक्सर वरिष्ठता के आधार पर नामित किया जाता है।

3.चीफ पैटी ऑफिसर: भारतीय नौसेना में यह मुख्य नौसेना अधिकारी की जूनियर कमीशन रैंक है। यह रैंक कमीशन रैंक से नीचे और गैर-कमीशन रैंक से ऊपर होती है। जूनियर अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की एक चीफ पैटी ऑफिसर की जिम्मेदारी होती है और नाविकों (सेलर्स) और छोटे अधिकारियों के विभाजन का नेतृत्व करता है।

गैर-कमीशन अधिकारी पद

  1. पैटी ऑफिसर: भारतीय नौसेना में पैटी ऑफिसर एक गैर-कमीशन अधिकारी होता है। यह रैंक भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में एक सर्जेंट के बराबर है।
  2. मुख्य सीमैन: मुख्य सीमैन (नाविक) एक गैर-कमीशन जूनियर रैंक है जो सेना और वायु सेना की कारपोरल रैंक के बराबर है।
  3. सीमैन 1 और 2: सीमैन भारतीय नौसेना की एक रैंक है और दुनिया भर के अधिकांश नौसेना में सबसे कम रैंको में से एक है।

भारतीय नौसेना में कैरियर

भारतीय नौसेना (इंडियन नैवी) में शानदार और चुनौतीपूर्ण कैरियर अन्य व्यवसायों से बिल्कुल अलग है। युवाओं को अपने नेतृत्व कौशल प्रदर्शित करने का मौका देने के अलावा, यह कैरियर एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी सौंपता है। भारतीय नौसेना में का कैरियर अधिक सुविधाएं जैसे, प्रथम श्रेणी की जीवनशैली, किसी के जीवन की खोज करने का एक अद्भुत तरीका और निश्चित रूप से देश की सेवा करके प्रतिष्ठा बनाए रखना, प्रदान करता है। यदि आप अपने देश में भारतीय जल सीमा क्षेत्रों की रक्षा करते समय लंबे समय तक जहाज पर जाने और अपने प्रियजनों से दूर होने के तनाव से निपटने के लिए तैयार हैं, तो आप नौसेना में अपना कैरियर बना सकते हैं। आप भारतीय नौसेना में या तो एक अधिकारी या एक जल सैनिक के रूप में शामिल हो सकते हैं।

अधिकारी

भारतीय नौसेना का एक अधिकारी जटिल प्रणालियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो युद्धपोत (जंगी जहाज) को नियंत्रित करता है और जहाज का रणनीतिक-युद्ध के साधन के रूप में उपयोग करता है। भारतीय नौसेना के अधिकारियों को पनडुब्बी-विरोधी युद्ध, संचार, नेविगेशन (वायुयान संचालन), सैन्य तंत्र, बन्दूक चलाना, डुबकी लगाना और जल सर्वेक्षण जैसी विशेषताओं के साथ प्रशिक्षित किया जाता है। कोई भी विमानन या पनडुब्बी के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटा सकता है।

हवाई यातायात निगरानी, सैन्य कैडर, लॉ कैडर और शिक्षा की श्रेणियों में महिलाओं को भारतीय नौसेना में शामिल होने की अनुमति है।

नाविक

नाविक संचालन मशीनरी, हथियार, सेंसर (अभिलेखों का पता लगाने या मापने का उपकरण) आदि को चलाने और बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। नौसेना में नाविकों को कार्य के दौरान विभिन्न अंतराल पर आवश्यक प्रशिक्षण के साथ भेजा जाता है। शाखा और व्यापार नाविकों को अधिकारी, विद्युत, इंजीनियरिंग, विमान, और पनडुब्बियां की सुविधा प्रदान करता है।

भारतीय नौसेना में भर्ती प्रक्रिया

अधिकारी

आवेदन करने के तरीके: इस पद पर प्रवेश या तो स्थायी आयोग या लघु सेवा आयोग के माध्यम से होता है।

स्थायी आयोग: स्थायी आयोग के लिए एनडीए / एनए कैडेट और सीडीएसई (स्नातक) के माध्यम से चयन किया जाएगा, आपको सेवा चयन बोर्ड के एक साक्षात्कार के बाद यूपीएससी द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा देनी होगी।

लघु सेवा आयोग: लघु सेवा आयोग के माध्यम से आवेदन करने वाले उम्मीदवार लिखित परीक्षा छोड़ सकते हैं। महिलाएं केवल इस विधि के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।

लघु सेवा आयोग की अवधि: 10 साल, 14 साल से ऊपर भी अवधि को बढ़ाया जा सकता है।

नाविक

नाविकों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता है, इसके बाद शारीरिक परीक्षा और चिकित्सा परीक्षा होती है। नाविक के पद के लिए प्रवेश करने के कई तरीके हैं

डिप्लोमा धारक के लिए सीधी प्रविष्टि: कुछ मेडिकल मानकों और शारीरिक फिटनेस टेस्ट (स्वास्थ्य की जाँच) के बाद, नौसेना उन उम्मीदवारों को भर्ती करती है जिन्होंने भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से तीन साल के डिप्लोमा को निम्नलिखित क्षेत्रों में से किसी एक में जैसे यंत्र संबंधी, विद्युत संबंधी, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, वैमानिकी, जहाज निर्माण, इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरिंग, और धातु विज्ञान में पूरा किया हो।

आर्टिफिसर अप्रैन्टिस: एक आर्टिफिसर अप्रैन्टिस के लिए शैक्षिक योग्यता भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के साथ कक्षा 12 पास होना चाहिए।

वरिष्ठ माध्यमिक भर्ती: वरिष्ठ माध्यमिक भर्ती के लिए योग्यता आर्टिफिसर अप्रैन्टिस के समान होती है।

एक नाविक कुछ शर्तों, प्रदर्शन और परीक्षा परिणामों के आधार पर कमीशन अधिकारी बन सकता है।

भारतीय नौसेना में शामिल हों और इस प्रतिष्ठित संगठन का हिस्सा बनें।

सारांश
लेख का नाम-   भारतीय नौसेना रैंक, कैरियर और चयन प्रक्रिया

लेखिका का नाम-  साक्षी एकावडे

विवरण-   भारतीय नौसेना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करके एक शानदार और चुनौतीपूर्ण कैरियर के लिए इसका हिस्सा बनें।