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सिक्किम का पाक्योंग हवाई अड्डा – एक इंजीनियरिंग चमत्कार

September 27, 2018
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सिक्किम का पाक्योंग हवाई अड्डा

सोमवार का दिन सिक्किम के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और विख्यात रहा। आखिरकार पूर्वोत्तर राज्य को पाक्योंग हवाई अड्डे के रूप में अपना पहला हवाई अड्डा मिल गया, जिसमें बहुत ही हैरतअंगेज इंजिनियरिंग का प्रयोग किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सिक्किम के पाक्योंग एयरपोर्ट का उद्घाटन किया और इसी के साथ सिक्किम ने देश के विमानन मानचित्र में अपना स्थान बना लिया है। 2009 में पहली बार इसकी नींव रखे जाने के बाद से ही सिक्किम में हवाई अड्डा होने का सपना देखा जाने लगा था। पाक्योंग हवाई अड्डे के निर्माण से पहले, सिक्किम बिना किसी परिचालन हवाई अड्डे के भारत का एकमात्र राज्य था।

इससे पहले यात्रियों या पर्यटकों के लिए सिक्किम जाना बहुत ही कठिन काम था क्योंकि राज्य में रेल मार्ग और हवाई मार्ग के माध्यम से कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं थी। पश्चिम बंगाल में बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरना और फिर गंगटोक पहुंचने के लिए 124 कि.मी. टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर ऊपर चढ़ते हुए आगे बढ़ना, वास्तव में सिक्किम की राजधानी में यात्रा बहुत ही थकाऊ थी। लेकिन इस हवाई अड्डे के निर्माण के साथ राज्य की इण्टरनेट की सक्रियता के साथ-साथ यात्रियों के लिए चीजें और भी आसान हो गई हैं। इसके अलावा, पाक्योंग हवाई अड्डा निस्संदेह किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद आनन्ददायक दृश्य है, फिर चाहे वह जमीं पर हो या आसमां में।

सिक्किम में पाक्योंग हवाई अड्डे के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य हैं –

  • पाक्योंग हवाई अड्डा भारत में 100वां हवाई अड्डा है।
  • पाक्योंग एयरपोर्ट को “ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट” भी कहा जाता है जो समुद्र तल से 4,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसकी ऊँचाई को ध्यान में रखने के बाद इसे ढलान स्थिरीकरण और मिट्टी के सुदृढीकरण जैसी सर्वोत्तम इंजीनियरिंग तकनीकों के साथ कुशलतापूर्वक बनाया गया है।
  • इस हवाई अड्डे को 600 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित बजट के साथ बनाया गया है।
  • पाक्योंग हवाई अड्डा पाक्योंग गांव से लगभग 2 कि.मी. दूर स्थित 201 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह गंगटोक से 33 कि.मी. दूर और भारत-चीन सीमा से 60 कि.मी. दूरी पर है।
  • उड़ान योजना (यूडीएएन) के तहत, इस हवाई अड्डे से उड़ानों के आवागमन की गतिविधियां 4 अक्टूबर से शुरू होंगी। स्पाइसजेट अपने 8-सीटर बॉम्बार्डियर क्यू 400 उड़ानों को पाक्योंग, गुवाहाटी और कोलकाता के बीच हर दिन यात्रियों को लाने और ले जाने के लिए संचालित करेगा। ये फ्लाइट्स 4 अक्टूबर से पाक्योंग और कोलकाता से और 16 अक्टूबर से पाक्योंग और गुवाहाटी के बीच उड़ान भरेंगी। इस हवाई अड्डे से 4 अक्टूबर से परिचालन शुरू हो रहा है, पाक्योंग स्पाइसजेट का नौवां गंतव्य होगा।
  • इस एयरपोर्ट की बिल्डिंग 80 मीटर ऊंची है, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में है।
  • भारत-चीन सीमा से 60 कि.मी. दूर स्थित पाक्योंग हवाई अड्डे के स्थान के पीछे एक रणनीति है। यह स्थान भारतीय रक्षा बलों को बढ़ावा देगा।
  • हवाई पट्टी की लंबाई 1.75 कि.मी. और चौड़ाई 30 मीटर की है।
  • 3,000 वर्ग मीटर में फैली टर्मिनल बिल्डिंग में लगभग 50 इनबाउंड और कई आउटबाउंड यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता है।
  • इस हवाई अड्डे के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि, सिक्किम में आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • हवाई अड्डे की पार्किंग क्षमता 50 अधिक वाहनों की है।
  • इस हवाई अड्डे का रनवे ज्यादा इंटेंसिटी रनवे लाइट्स के साथ बनाया गया है जो इस रनवे को रात में एक शानदार दृश्य प्रदान करेगा।
  • आने वाले दिनों में मुख्य पाक्योंग हवाईअड्डे के रनवे के पास में एक और 75 मीटर के रनवे को विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही हैं, जहां भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपने विभिन्न प्रकार के विमानों को उस रनवे पर उतार सके।

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सिक्किम का पाक्योंग हवाई अड्डा – एक इंजीनियरिंग चमत्कार
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सोमवार का दिन सिक्किम के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और विख्यात रहा। आखिरकार पूर्वोत्तर राज्य को पाक्योंग हवाई अड्डे के रूप में अपना पहला हवाई अड्डा मिल गया, जिसमें बहुत ही हैरतअंगेज इंजीनियरिंग का प्रयोग किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सिक्किम के पाक्योंग एयरपोर्ट का उद्घाटन किया और इसी के साथ सिक्किम ने देश के विमानन मानचित्र में अपना स्थान बना लिया है।
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