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वैलेंटाइन डे 2019 – जानिए क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे

February 14, 2019


वेलेंटाइन डे 2018 - जानिए वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे की कहानी

वैलेंटाइन डे की शुरुआत पश्चिम में हुई थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस वैलेंटाइन डे की लोकप्रियता भारत सहित पूरे विश्व में देखी गई है। यहाँ, प्यार के इस पर्व पर हम आपके लिए कुछ रोचक जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

कब है वैलेंटाइन डे?

वैलेंटाइन डे आपके साथी के प्रति अपने प्यार का इजहार करने का दिन होता है। यह हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है। इस साल वैलेंटाइन डे गुरुवार को मनाया जाएगा।

वैलेंटाइन डे के पीछे का इतिहास और कहानी

वैलेंटाइन डे युवा पीढ़ी के दिल के बेहद करीब है, लेकिन इस दिन के पीछे का इतिहास थोड़ा दुखद है।

वैलेंटाइन डे की कहानी तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व की है, जब रोमन साम्राज्य में क्लॉडियस द्वितीय नाम के एक राजा का शासन था। क्लॉडियस की क्रूरता और निर्दयता के कारण उसका उपनाम क्रूर राजा क्लॉडियस रख दिया गया था। क्लॉडियस ने कई युद्ध लड़े। इन युद्धों की वजह से क्लॉडियस ने अपने कई सैनिकों को खो दिया। लोग काफी डरे हुए थे और उनकी सेना में शामिल होने के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए आगामी युद्ध के लिए क्लॉडियस के पास पर्याप्त संख्या में सैनिकों का अभाव हुआ। उसका मानना था कि लोग अपने प्यार और परिवार को छोड़ना नहीं चाहते, इसलिए क्लॉडियस ने रोम में सभी विवाह और सगाइयों पर रोंक लगा दी।

बाद में, वैलेंटाइन नाम के एक ईसाई पादरी ने प्यार के लिए आवाज उठाई। क्लॉडियस के आदेश के बावजूद भी ईसाई पादरी वैलेंटाइन ने गुप्त तरीके से सैनिकों की शादी करवाना शुरू कर दिया। जब क्लॉडियस को पादरी वैलेंटाइन के कारनामों के बारे में पता चला, तो उसने पादरी को सलाखों के पीछे डाल दिया। क्लॉडियस ने पादरी वैलेंटाइन को मौत की सजा देने का फैसला किया।

वैलेंटाइन अपनी मौत की सजा का इंतजार कर रहा था लेकिन उसी समय, उसे एक अंधी लड़की से प्यार हो गया, जो जेलर की बेटी थी। वैलेंटाइन के पास एक अत्यंत छोटा सा रोमांटिक जीवन शेष था। वैलेंटाइन ने अपना जीवन प्यार के लिए समर्पित कर दिया। वैलेंटाइन को दो युवा जोड़ों को शादी के बंधन में बाँधने के लिए प्रेरित करने पर मृत्यु दण्ड की सजा मिली।

यहाँ तक कि उनकी मौत के बाद भी, प्यार और मानवता के लिए उनके इस बलिदान को आज भी याद किया जाता है। वैलेंटाइन के मरणोपरांत उन्हें कैथोलिक चर्च द्वारा संत घोषित किया गया था और आज के समय में उन्हें संत वैलेंटाइन के रूप में जाना जाता है।

14वीं शताब्दी में सफल हुए इस सच्चे प्यार की दास्तां को प्यार के दिन के रूप में मनाया जाता है। तब से इस दिन की शुरुआत हुई और तभी से लोग अपने प्रियजनों को विभिन्न उपहार देकर अपने प्यार का इजहार करते हैं।

वैलेंटाइन डे समारोह और वैलेंटाइन वीक

हालांकि, इस दिन को मनाने के लिए कोई भी सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है, लेकिन यह त्यौहार युवाओं के बीच काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह जश्न वैलेंटाइन डे से एक हफ्ते पहले ही शुरु हो जाता है, जिसे आमतौर पर वैलेंटाइन वीक के नाम से भी जाना जाता है। प्रत्येक दिन का अपना एक अलग ही महत्व होता है।

7 फरवरी- रोज डे

8 फरवरी- प्रपोस डे

9 फरवरी- चॉकलेट डे

10 फरवरी- टेडी डे

11 फरवरी- प्रॉमिस डे

12 फरवरी- हग डे

13 फरवरी- किस डे और अंत में आता है

14 फरवरी – वैलेंटाइन डे

लोग अपने प्रियजनों को रोमांटिक उपहार, फूल, कार्ड, चॉकलेट, खिलौने आदि भेंट करते हैं और इस पूरे सप्ताह को प्यार के हफ्ते के रूप में मनाते हैं। प्रेमी युगल एक-दूसरे से रोमांटिक संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं, रात के खाने के लिए डेट्स पर जाते हैं और एक दूसरे को प्यार करते हैं। बहुत से लोग इस दिन अपने प्यार का इजहार कर एक-दूसरे से शादी करने की प्रतिज्ञा लेते हैं।