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सीविजिल ऐप – आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट करना हुआ आसान

October 18, 2018


सीविजिल ऐप

पूरे देश में मतदाताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सीविजिल ऐप को लांच किया जा रहा है। यह ऐप सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जा रहा एक है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता मतदान-क्षेत्र के मामले को लेकर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। मतदाता सीविजिल ऐप का उपयोग करके उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कदाचार की घटना को रोकने के लिए रिपोर्ट कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से अब, नागरिकों को चुनाव आयोग के कार्यालय की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। आप इस ऐप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करके आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन वाला फोटो अपलोड करके या वीडियो रिकॉर्ड करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ऐप के बारे में अधिक जानने के लिए नीचे पढ़ें –

आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) क्या है?

आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए दिशा- निर्देशों का एक संग्रह है, जिसमें राजनीतिक दलों और उम्मीदवार, दोनों जो चुनाव लड़ रहे होते हैं, के द्वारा इसका पालन किया जाता है।

आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) चुनाव के दौरान सामान्य आचरण, बैठकों, प्रचार आदि पर दिशा-निर्देश प्रदान करता है। यह आदर्श आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहती है।

ऐप की विशेषताएं –

  • ऐप उपयोगकर्ता के लिए संचालन में अनुकूल और आसान है।
  • यह एंड्रॉइड आधारित है इसलिए इस ऐप के लिए आपको एक एंड्रॉइड स्मार्टफोन की आवश्यकता है जिसमें कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन और जीपीएस एक्सेस हो।
  • संचालन प्रणाली एंड्रॉइड जेलीबिन तथा उससे ऊपर होनी चाहिए।

ऐप का उपयोग करके शिकायत कैसे दर्ज करें –

  • गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करें।
  • 2 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड करें या एक फोटो पर क्लिक करें और इसे ऐप पर अपलोड करें।
  • स्वचलित स्थान मानचित्रण का कार्य ऐप द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के उपयोग से किया जाएगा। जो उस क्षेत्र का पता लगाने में चुनाव आयोग की मदद करेगा।
  • इस ऐप के माध्यम से आपको साक्ष्य प्रस्तुत करने में आसानी होगी, उपयोगकर्ता को इसकी रिपोर्ट देने के लिए एक विशेष आईडी मिलेगी जिससे वे प्राप्त होने वाली अपडेट को फॉलो कर सकेंगे।
  • यदि कोई उपयोगकर्ता अपनी पहचान नहीं बताना चाहता है, तो उसके पास उसे गोपनीय रखने का विकल्प भी है।

सूचना के आधार पर उठाए  गए कदम –

  • शिकायत दर्ज होने के बाद, जानकारी कंट्रोल रूम को दी जाएगी।
  • आगे की कार्रवाई करने के लिए फील्ड यूनिट्स, फ्लाइंग स्क्वाड आदि को तुरंत सतर्क कर दिया जाएगा।
  • अगर व्यक्ति की पहचान अज्ञात नहीं है तो व्यक्ति को 100 मिनट के भीतर एक कार्रवाई की गई रिपोर्ट भी प्राप्त होगी।
  • फील्ड यूनिट द्वारा कार्रवाई करने के बाद, प्रासंगिक दस्तावेज अपलोड काराया जाएगा और ‘सीविजिल डिस्पैचर’ के माध्यम से रिटर्निंग अधिकारी को ‘कार्रवाई की गई एक रिपोर्ट’ के रूप में यह संदेश भेजा जाएगा।
  • यदि जानकारी सही है, तो आवश्यक कार्रवाई करने के लिए यह सूचना भारत निर्वाचन आयोग के नेशनल ग्रीवेन्स पोर्टल को भेजी जाएगी।

सीविजिल ऐप का उपयोग करने के लाभ –

  • सीविजिल ऐप एक नागरिक को रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय तक दौड़ लगाने की आवश्यकता के बिना मिनटों के भीतर चुनाव स्थल पर हो रहे दुर्व्यवहार की घटनाओं की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है क्योंकि आप इसे आसानी से ऑनलाइन कर सकते हैं।
  • इससे पहले, शिकायत दर्ज कराने में साक्ष्य की कमी एक बाधा थी। साथ ही, आगामी समस्याओं की वजह से साक्ष्य प्रदान करना मुश्किल था जो अब समाप्त हो चुका है।
  • सीविजिल ऐप फास्ट ट्रैक कम्प्लेन रिसेप्शन और रेड्रेसल सिस्टम (निवारण प्रणाली) के रूप में कार्य करेगा।

क्या ऐप का उपयोग सुरक्षित है और इसका दुरुपयोग हो सकता है?

  • यह ऐप 100% सुरक्षित है और इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है। वास्तव में, कई अंतर्निहित विशेषताएं (फीचर्स) हैं जो इसके दुरुपयोग को रोकेंगी।
  • सीविजिल ऐप केवल आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में शिकायत प्राप्त करेगा।
  • यह ऐप दुरुपयोग को रोकने के लिए पहले से रिकॉर्ड चीजों, वीडियो या पुराने फोटो को अनुमति नहीं देगा।
  • रिकॉर्ड किए गए वीडियो और क्लिक की गई तस्वीरें फोटो गैलरी में सहेजी नहीं जाएंगी।
  • एक बार नागरिक के मतदान क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद यह ऐप निष्क्रिय हो जाएगा।

ऐप के बारे में त्वरित तथ्य –

  • एक व्यक्ति गुप्त रूप से भू-टैग किए गए वीडियो और चुनाव के दौरान वितरित गैर कानूनी रूप से ली गई राशि की तस्वीरें भेज सकता है।
  • घृणास्पद भाषण के वीडियो, अवैध तरीके से प्रलोभन आदि देना, जो चुनाव के दौरान किए जाते हैं, भी अपलोड किए जा सकते हैं।
  • ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
  • इस ऐप को राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और राजस्थान राज्यों में संचालित किया जाएगा।
  • ऐप तभी काम करेगा जब मतदान-क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) सक्रिय होगी।
  • किसी भी जोखिम के बिना अधिक जानकारी देने के लिए उपयोगकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
  • जैसा कि फ़ोटो और वीडियो जियोग्राफिकल लोकेशन द्वारा स्वचालित रूप से टैग किए जाएंगे इसलिए उस मतदान स्थल का पता लगाना आसान हो जाएगा, जहां आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है।
  • अगर शिकायत वास्तव में सही है, तो व्यक्ति को 100 मिनट के भीतर ही सूचित करना होगा।
  • यह ऐप केवल तभी संचालित किया जाएगा जब चुनाव की घोषणा हो जाएगी।

अब तक, शिकायतों की संख्या कम थी और उनका अनुसरण तुरंत नहीं किया जाता था जिससे उल्लंघनकर्ता एक्शन स्क्वाड से आसानी से बचने में सफल रहते थे। इससे पहले शिकायत दर्ज करने में बाधा थी, क्योंकि शिकायत दर्ज करने के लिए कोई दस्तावेज उपलब्ध नही हो पाते थे। साथ ही, किसी भी जानकारी के बिना भौगोलिक स्थान का पता लगाना मुश्किल था। लेकिन अब, यह उम्मीद की जा रही है कि ये जितनी भी कमियां थीं वह अब सीविजिल ऐप की मदद से खत्म हो जाएंगी। यदि इस ऐप के कारण सबकुछ अच्छा होता है तो यह ऐप 2019 में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोजन में सहयोग करेगा।

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सीविजिल ऐप – आचार संहिता के उल्लंघन की आसान रिपोर्ट
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मतदाता सीविजिल ऐप का उपयोग करके उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कदाचार की घटना को रोकने के लिए रिपोर्ट कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से अब, नागरिकों को चुनाव आयोग के कार्यालय की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। आप इस ऐप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करके आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन वाला वीडियो रिकार्ड कर सकते हैं या फिर इस ऐप पर फोटो अपलोड कर सकते हैं।