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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा : भूगोल का पाठ्यक्रम

June 14, 2018
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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा :भूगोल का पाठ्यक्रम

 

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में भूगोल का पाठ्यक्रम उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है, भूगोल प्रारंभिक और मुख्य घटक के साथ-साथ मुख्य (मेन्स) का वैकल्पिक विषय भी है। भूगोल विषय संसाधन, जनसंख्या और अर्थशास्त्र के ऊपर विस्तार से चर्चा करते हुए भारत और दुनिया की भौतिक विशेषताओं, वायुमंडल एवं मानव प्रभाव पर केंद्रित है। भूगोल को अक्सर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाला विषय माना जाता है, क्योंकि विषय से संबंधित प्रश्नों की प्रकृति मुख्य रूप से अनुप्रयोग और विश्लेषणात्मक होती है।

प्रारंभिक का भूगोल पाठ्यक्रम

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन पेपर-प्रथम में 15-20 प्रतिशत प्रश्न भूगोल विषय से संबंधित पूछे जाते हैं, इसी वजह से, यह उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। भूगोल का पाठ्यक्रम भारत और दुनिया के भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल से संबंधित है। हाल ही के वर्षों में, यह देखा गया कि भूगोल अनुभाग से संबंधित अधिकांश प्रश्न भारतीय भूगोल से संबंधित प्रश्न होते है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह विश्व भूगोल के महत्व को कम करता है क्योंकि यह विषय का एक प्रमुख पहलू है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए भूगोल पाठ्यक्रम

भारतीय भूगोल

भारत के बारे में सामान्य विचार

क) अक्षांश, देशांतर, स्थान और समय क्षेत्र

ख) पड़ोसी राज्य

ग) अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के समीप भारतीय राज्य और उनके क्षेत्र

) स्ट्रेट्स (जलग्रीवा)

भारत की भौतिक विशेषताएं

क) हिमालय रेंज

  • भूगर्भीय संरचना
  • भौगोलिक विभाजन
  • जलवायु, वनस्पति, मृदा और जैव विविधता
  • प्रमुख दर्रा
  • महत्व
  • वर्तमान मुद्दे

ख) उत्तरी भारत के प्रमुख मैदान

  • भूगर्भीय संरचना
  • भौगोलिक विभाजन
  • जलवायु, वनस्पति, मृदा और जैव विविधता
  • महत्व

ग) प्रायद्वीपीय पठार

  • भूगर्भीय संरचना
  • दक्कन पठार
  • मध्य पहाड़ी इलाके
  • पश्चिमी और पूर्वी घाट
  • सामाजिक-अर्थव्यवस्था

घ) महान भारतीय रेगिस्तान

ड़) तटीय मैदान और द्वीप समूह

भारतीय नदी प्रणाली

  • हिमालयी नदियां
  • प्रायद्वीपीय नदियां
  • नदी घाटियां
  • हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स, पावर प्लांट्स और मुख्य बाँध
  • क्षेत्रीय विकास और योजना
  • पश्चिम और पूर्व में बहती नदियां
  • नदियों को जोड़ना

भारत की जलवायु

मानसून

  • ड्राइविंग मैकेनिस्म (मुख्य तंत्र)
  • एल-निनो और ला-निनो के प्रभाव
  • हाल ही के शोध और सिद्धांत

         भारत में मौसम

         प्राकृतिक आपदाएं

खनिज और उद्योग

  1. खनिजों का वितरण
  2. औद्योगिक नीतियां
  3. स्थान और कारक
  4. उद्योगों के मुद्दे और चुनौतियां
  5. औद्योगिक अव्यवस्था

कृषि और सहयोगी विशेषताएं और समस्याएं

  1. भूमि उपयोग
  2. कृषि कार्य के प्रकार
  3. मिट्टी और फसल
  4. कृषि रुझान (हरित क्रांति)
  5. सिंचाई
  6. प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
  7. भूमि सुधार
  8. सरकारी नीतियां और योजनाएं
  9. पशुपालन (पशुधन संसाधन)

प्राकृतिक वनस्पति और जीवजंतु – लक्षण, महत्व, तुलना और विशेषता

  1. प्राकृतिक वनस्पति का वर्गीकरण
  2. वर्षा वितरण
  3. वन्यजीव अभ्यारण्य
  4. राष्ट्रीय वन नीति
  5. बायोस्फीयर रिजर्व
  6. राष्ट्रीय उद्यान
  7. पर्यावरण मामले
  8. लुप्तप्राय प्रजातियां

आर्थिक आधारभूत संरचना

  1. परिवहन, सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग) – रेलवे- हवाईमार्ग- जलमार्ग और इसका महत्व
  2. ऊर्जा और बिजली क्षेत्र
  3. ऊर्जा के पारंपरिक और गैर परंपरागत स्रोत
  4. ऊर्जा संकट और संरक्षण
  5. वर्तमान घटनाक्रम

मानवीय भूगोल

  1. जनसंख्या की सभी विशेषताएं
  2. वर्तमान जनगणना – 2011

विश्व का भूगोल

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में भूगोल का पाठ्यक्रम उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है, भूगोल प्रारंभिक और मुख्य घटक के साथ-साथ मुख्य (मेन्स) का वैकल्पिक विषय भी है। भूगोल विषय संसाधन, जनसंख्या और अर्थशास्त्र के ऊपर विस्तार से चर्चा करते हुए भारत और दुनिया की भौतिक विशेषताओं, वायुमंडल एवं मानव प्रभाव पर केंद्रित है। भूगोल को अक्सर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाला विषय माना जाता है, क्योंकि विषय से संबंधित प्रश्नों की प्रकृति मुख्य रूप से अनुप्रयोग और विश्लेषणात्मक होती है।

प्रारंभिक भूगोल का पाठ्यक्रम

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन पेपर-प्रथम में 15-20 प्रतिशत प्रश्न भूगोल विषय से संबंधित पूछे जाते हैं, इसी वजह से, यह उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। भूगोल का पाठ्यक्रम भारत और दुनिया के भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल से संबंधित है। हाल ही के वर्षों में, यह देखा गया कि भूगोल अनुभाग से संबंधित अधिकांश प्रश्नों में भारतीय भूगोल से संबंधित प्रश्न होते है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह विश्व भूगोल के महत्व को कम करता है क्योंकि यह विषय का एक प्रमुख पहलू है।

प्रारंभिक के लिए भूगोल पाठ्यक्रम

भारतीय भूगोल

भारत के बारे में सामान्य विचार

क) अक्षांश, देशांतर, स्थान, और समय क्षेत्र

ख) पड़ोसी राज्यों

ग) अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के समीप भारतीय राज्य और उनके क्षेत्र

) स्ट्रेट्स (जलग्रीवा)

भारत की भौतिक विशेषताएं

क) हिमालय रेंज

  • भूगर्भीय संरचना
  • भौगोलिक विभाजन
  • जलवायु, वनस्पति, मृदा और जैव विविधता
  • प्रमुख दर्रा
  • महत्व
  • वर्तमान मुद्दे

ख) उत्तरी भारत के प्रमुख मैदान

  • भूगर्भीय संरचना
  • भौगोलिक विभाजन
  • जलवायु, वनस्पति, मृदा और जैव विविधता
  • महत्व

ग) प्रायद्वीपीय पठार

  • भूगर्भीय संरचना
  • दक्कन पठार
  • मध्य पहाड़ी इलाके
  • पश्चिमी और पूर्वी घाट
  • सामाजिक-अर्थव्यवस्था

घ) महान भारतीय रेगिस्तान

ड.) तटीय मैदान और द्वीप समूह

भारतीय नदी प्रणाली

  • हिमालयी नदियां
  • प्रायद्वीपीय नदियां
  • नदी घाटियां
  • हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स, पावर प्लांट्स और मुख्य बाँध
  • क्षेत्रीय विकास और योजना
  • पश्चिम और पूर्व में बहती नदियां
  • नदियों को जोड़ना

भारत की जलवायु

मानसून

  • ड्राइविंग मैकेनिस्म (मुख्य तंत्र)
  • एल-निनो और ला-निनो के प्रभाव
  • हाल ही के शोध और सिद्धांत

भारत में मौसम

प्राकृतिक आपदाएं

खनिज और उद्योग

  1. खनिजों का वितरण
  2. औद्योगिक नीतियां
  3. स्थान और कारक
  4. उद्योगों के मुद्दे और चुनौतियां
  5. औद्योगिक अव्यवस्था

कृषि और सहयोगी विशेषताएं और समस्याएं

  1. भूमि उपयोग
  2. कृषि कार्यों के प्रकार
  3. मिट्टी और फसल
  4. कृषि रुझान (हरित क्रांति)
  5. सिंचाई
  6. प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
  7. भूमि सुधार
  8. सरकारी नीतियां और योजनाएं
  9. पशुपालन (पशुधन संसाधन)

प्राकृतिक वनस्पति और जीवजंतु – लक्षण, महत्व, तुलना और विशेषता

  1. प्राकृतिक वनस्पति का वर्गीकरण
  2. वर्षा वितरण
  3. वन्यजीव अभ्यारण्य
  4. राष्ट्रीय वन नीति
  5. बायोस्फीयर रिजर्व
  6. राष्ट्रीय उद्यान
  7. पर्यावरण मामले
  8. लुप्तप्राय प्रजातियां

आर्थिक आधारभूत संरचना

  1. परिवहन, सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग) – रेलवे- हवाईमार्ग- जलमार्ग और इसका महत्व
  2. ऊर्जा और बिजली क्षेत्र
  3. ऊर्जा के पारंपरिक और गैर परंपरागत स्रोत
  4. ऊर्जा संकट और संरक्षण
  5. वर्तमान घटनाक्रम

मानवीय भूगोल

  1. जनसंख्या की सभी विशेषताएं
  2. वर्तमान जनगणना – 2011

विश्व का भूगोल

ब्रह्माण्ड

  1. सौर प्रणाली के सिद्धांत
  2. सम्पूर्ण जगत की रचना का सिद्धांत
  3. वर्तमान अद्यतन

पृथ्वी की बुनियादी समझ

  1. पृथ्वी की गति-परिक्रमण और घूर्णन
  2. अक्षांश और देशांतर
  3. पृथ्वी की धुरी और भारतीय मौसम पर इसका प्रभाव
  4. सूर्य और चंद्र ग्रहण

भू आकृति विज्ञान

  1. पृथ्वी की एक्सो-जेनेटिक और एंडो-जेनेटिक गति
  2. ज्वालामुखी संबंधी गतिविधियां और भूकंप
  3. महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत, टेक्टोनिक प्लेट थ्योरी, विस्तृत समुद्र का तल
  4. पृथ्वी का आंतरिक भाग
  5. स्थलमंडल
  6. स्थलमंडल के अन्य क्षेत्रों के साथ विचार विमर्श
  7. जन भूमि आंदोलन, कटाव और निपेक्ष
  8. भौगोलिक भू आकृतियों और उनके महत्व के बारे में मूलभूत जानकारी
  9. चट्टान प्रणाली और चट्टानों का वर्गीकरण

जलवायु विज्ञान

  1. वातावरण की संरचना और संयोजन
  2. तापमान विस्तार को नियंत्रित करने वाले घटक
  3. सूर्यातप और स्थलीय विकिरण
  4. हीट बजट
  5. ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन परत
  6. आद्रता और संक्षेपन
  7. बादल

बादलों का वर्गीकरण

  1. वर्षा
  2. वर्षा तंत्र
  3. वर्षा के विभिन्न प्रकार और रूप
  4. दबाव बेल्ट
  5. वायुमंडलीय परिसंचरण

हवाएं

  1. ग्रह संबंधी हवाएं
  2. मौसमी और स्थानीय हवाएं

उष्णकटिबंधीय चक्रवात और शीतोष्ण चक्रवात

चक्रवात, विशेषताओं और प्रभाव का गठन

जेट स्ट्रीम

विभिन्न वायुमंडलीय घटना

हाइड्रोस्फीयर (जलमंडल)

  1. महासागर नितल
  2. खारापन और तापमान परिवर्तन
  3. समुद्र की धाराएं
  4. महासागरीय निक्षेप
  5. महासागरीय संसाधन
  6. महासागरीय संदर्भ में हाल ही के मुद्दे और विकास- उदाहरण: यूएनसीएलओएस

बायोस्फियर (जीवमंडल)

  1. मुख्य बायोमेस
  2. औषधि और जीव
  3. जैव विविधता के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन
  4. जैव विविधता का संरक्षण
  5. वर्तमान समस्याएं

आर्थिक भूगोल

नक्शा काम

खबरों की जानकारी

मुख्य (मेन्स) के लिए भूगोल का पाठ्यक्रम

भूगोल विषय यूपीएससी मुख्य (मेन्स) का एक अभिन्न अंग है क्योंकि यह विषय सामान्य अध्ययन पेपर -1 के साथ-साथ एक वैकल्पिक विषय का हिस्सा है। सामान्य अध्ययन पेपर -1 के लिए भूगोल पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है:

  • भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योग के भौगोलिक स्थान के उत्तरदायी कारक; दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप सहित दुनिया भर में प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का बंटवारा।
  • भौगोलिक विशेषताएं एवं उनके स्थान- महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताएं में जल निकायों और हिमच्छद, वनस्पतियाँ और जीव पर होने वाले परिवर्तन शामिल हैं। सूनामी, भूकंप, चक्रवात, ज्वालामुखीय गतिविधि इत्यादि जैसी महत्वपूर्ण भौगोलिक घटनाएं।
  • भूगर्भ विज्ञान – पृथ्वी के आंतरिक, भौतिक घटना, टेक्टोनिक्स, पर्वत निर्माण, ज्वालामुखी, मौसम और अपक्षरण, चट्टानें, भूकंप, भूमिगत आदि।
  • जलवायु विज्ञान – वायुमंडल, तापमान विभाजन, वर्षा, चक्रवात, दबाव और वायु पद्धति, जेट स्ट्रीम्स, वायु द्रव्यमान, मोर्चों, आर्द्रता, दुनिया के जलवायु क्षेत्र, भौगोलिक घटना आदि।
  • महासागरीय – महासागर धाराएं, तापमान विस्तार, महासागर राहत, लवणता, मूंगा विरंजन, समुद्र स्तरीय परिवर्तन, समुद्री प्रदूषण, संयुक्त राष्ट्र कानून, इत्यादि।
  • वृत्तांत – मिट्टी प्रकार, संरक्षण, पतन, जैविक क्षेत्र, महत्वपूर्ण भौगोलिक सुविधाओं में परिवर्तन, वनों की कटाई और संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण आदि।

यूपीएससी पर अधिक जानकारी के लिए…………

पढ़ें – यूपीएससी सिविल सेवा का प्रारंभिक और मुख्य पाठ्यक्रम