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दक्षिण भारत के शीर्ष 10 व्यंजन – दक्षिण की पाक कला

April 24, 2018
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दक्षिण भारत के शीर्ष 10 व्यंजन

दक्षिण भारतीय रेस्तरां के पास से गुजरते हुए कभी-कभी आपने सरसों के बीजों के चिटकने की आवाज सुनी होगी या भारी मात्रा में तैयार किए जा रहे गर्मा-गरम सांभर की महक का अनुभव तो किया ही होगा, लेकिन दाल सूप या आमतौर पर दिखाए जाने वाले वड़ो की तुलना में यहाँ डेक्कन व्यंजनों के लिए बहुत कुछ है। प्रायद्वीपीय भोजन इंद्रधनुष के रंगों की तरह भिन्न-भिन्न होते हैं। इसके बावजूद भी, इसमें आधारभूत अवयवों चावल, नारियल और दाल का एक शानदार मिश्रण हमेशा देखा जा सकता है।  इन स्वादिष्ट और मजेदार दक्षिण भारतीय व्यजनों को बनाने में आमतौर पर विभिन्न मसालों का उपयोग किया जाता है, अगर आप किसी भी दिन पकवानों का धमाल मचाना चाहते हैं तो यह व्यंजन एकदम सही हैं। दक्षिण भारतीय पकवानों की फेहरिस्त तो लंबी है लेकिन फिर भी यहाँ पर दक्षिण भारत के शीर्ष 10 व्यंजन आपका ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

मसाला डोसा

इस सूची में सबसे पहले है देवताओं का भोजन (मसाला डोसा), जिसको परिचय की आवश्यकता नहीं है। इसे अक्सर सभी डोसों में प्रमुख माना जाता है, यह दक्षिण भारत के सबसे स्वादिष्ट व्यंजनों में से एक है, जो कि पूरे देश और यहां तक कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है। कम पके हुए आलू, करी पत्ता, सरसों के बीज, तला हुआ प्याज और मसाला छिड़ककर आसानी से खमीर पर डालकर रोल में लपेट कर कुरकुरा तैयार किया जाता है। शाकाहारी सब्जियों के मिश्रण में मसाले और करी पत्ते मिलाकर थोड़े खट्टे अंदाज में तैयार करने पर यह एक अनोखा स्वाद प्रदान करता है।

मसाला डोसा

वड़ा और सांभर

वड़ा और सांभर

अभी तक एक और बेहतरीन व्यंजन का कई लोगों द्वारा आनंद लिया जाता है। इस व्यंजन की परिभाषित विशेषता यह है कि यह गोल आकार में भूरे रंग का बीच में छेद युक्त होता है, इसको हल्के नाश्ते के रूप में बनाया जाता है। अंदर से हल्का और मुलायम तथा बाहर से खस्ता (कुरकुरा) नारियल चटनी और सांभर में डुबाकर खाने पर इसका स्वाद और अधिक बढ़ जाता है। यह व्यंजन बड़े पैमाने पर पोषण के लिए भी उचित है क्योंकि वड़ा प्रोटीन युक्त दालों से बना होता है और सांभर आमतौर पर ब्रोकोली, सेम, गाजर और मूली जैसे कई सब्जियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।

इडली और सांभर

इडली और सांभर

क्रम्बली (भुरभुरी) इडली कभी किसी को प्रभावित करने में असफल नहीं रहती। यह दक्षिण का एक लोकप्रिय नाश्ता है और प्रोटीन से समृद्ध आहारों में से एक हैं, वास्तविकता यह है कि ये उरद दाल से बने होते हैं। नरम और हल्की इडली सांभर के साथ डुबोकर खाने पर एक अलग स्वाद आता है। दोनों का स्वाद काफी अच्छा होता है। वड़े की तरह इसे भी नारियल चटनी के साथ खाया जाता है।

हैदराबादी बिरयानी

हैदराबादी बिरयानी

दक्षिण भारतीय रेस्तरां की अगली यात्रा पर यह हैदराबाद के व्यंजन की विशेषताओं में से है। हैदराबादी बिरयानी को ताजा मांस के टुकड़ों दही, केसर, मक्खन और तीखे मसाले के साथ बनाया जाता है और फिर कम उबले हुए चावल में पुदीना, भुना हुआ प्याज और पका हुआ मटन (बकरे का माँस) डालकर बनाते हैं। इस दक्षिणी बिरयानी के बनने का इंतजार करके आप एक खुशी की अनुभूति कर सकते हैं।

उत्तपम

उत्तपम

पैनकेक और पिज्जा को मिलाकर उत्तपम बनाया जाता है।अच्छी बात यह है कि इसके स्वाद की उस व्यंजन से तुलना करना मुश्किल है जिस व्यंजन को आपने पहले कभी खाया है। इसका अनूठा स्वाद हमेशा आपकी खुशी को बढ़ाता है। हालांकि, डोसा की तरह इसको बनाना भी काफी आसान है। इस छिद्रपूर्ण मुलायम उत्तपम के ऊपर कटा हुआ प्याज, टमाटर, मिर्च के साथ छिड़काव करके लंच के लिए तैयार कर सकते हैं। कई अन्य दक्षिण भारतीय व्यंजनों की तरह, उत्तपम का भी सांभर या चटनी के साथ आनंद लिया जा सकता है।

उपमा

उपमा

यह अभी तक एक प्रायद्वीपीय पकवान है जो संस्कृति और क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर प्रसिद्ध नहीं हो सका जबकि पूरे देश में इसकी काफी लोकप्रियता है। यह मूल रूप से पके हुए चावल, प्याज और मिर्च के साथ मिला कर बनाया जाता है और दक्षिण का एक लोकप्रिय नाश्ता है।

गोंगुरा ममसम

आंध्र प्रदेश का यह पकवान अधिक मसालेदार होने के लिए प्रसिद्ध है और अभी तक यह व्यंजन बहुत कुछ कहने के लिए बाध्य करता है। जैसा कि नाम से पता चलता है, कि  गोंगुरा पत्तियां रसेदार मांस के नुस्खे के साथ बनाई जाती हैं, जिससे यह दूसरों को एक बेहतर स्वाद प्रदान करती हैं। करी पत्ता, जीरा, लौंग, प्याज और मक्खन के साथ तैयार किया गया यह शानदार, मसालेदार व्यंजन बहुत ही स्वादिष्ट होता है।

गोंगुरा ममसम

रागी मुद्दे और सोप्पू सारु

रागी मुद्दे और सोप्पू सारु

रागी मुद्दे और सोप्पू सारू का मिश्रण दक्षिण में रहने वाले लोगों के लिए पसंदीदा गर्म व्यंजनों में से है। चूंकि इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, इसलिए यह व्यंजन कर्नाटक में एक स्वास्थ्यवर्धक भोजन के रूप में खाया जाता है। रागी मुद्दे जौं के आटे से उंगली की सहायता से छोटे-छोटे आकार में बनाई जाती हैं। सोप्पू सारु को अच्छी ग्रेवी के साथ तूर दाल और मैश की हुई सब्जियों के साथ बनाया जाता है। साथ ही इन सबके मिश्रण के साथ आप इस व्यंजन का चटकारे के साथ स्वाद ले सकते हैं।

ओलन

ओलन

ओलन ओणम के प्रमुख व्यंजनों में से है, केरल के इस व्यंजन ने अपने समृद्ध और मलाईदार बनावट तथा स्वाद के साथ लोगों को काफी प्रभावित किया है। हालांकि, कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती है, यह आंखों तक पहुंचती है और दिल में बस जाती है। इसका बेहतरीन स्वाद लोगों को काफी प्रभावित करता है। यह नरम करी लोबिया (काऊपी) सफेद कद्दू, और अंत में नारियल के दूध के सम्मिश्रण के साथ तैयार करके बनाया जाता है जब इसे चावलों के साथ परोसा जाता है तब इसके स्वाद से मुँह में पानी आने लगता है।

चिकन 65

चिकन 65

इसके अद्वितीय नाम से कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। उनमें से एक लोकप्रिय यह है कि इस मसालेदार व्यंजन को पसंद करने वाले सभी चिकन मेनू संख्या 65 पर थे ताकि इसे संख्या से संबंधित विशेष नाम दिया जा सके। यह गहरा तला हुआ कई अलग-अलग खाना पकाने की शैलियों से तैयार किया जाता है: हैदराबादी शैली, आंध्र शैली, मदुरै शैली और अन्य। लेकिन खाना पकाने की विधि से कोई फर्क नहीं पड़ता, इसका मुख्य स्वाद हमेशा लाल मिर्च से आता है। इस व्यंजन को आप आमतौर पर प्याज और नींबू से भी सजा सकते हैं।

सारांश
लेख का नाम –  दक्षिण भारत की शीर्ष 10 विशेषताएं – दक्षिण की पाक कला की यात्रा

लेखिका का नाम –  हर्षिता शर्मा

विवरण – स्वादिष्ट दक्षिण भारतीय भोजन आमतौर पर विभिन्न मसालों के साथ तैयार किया जाता है, जो कि किसी भी दिन एक शानदार पाक-कला विधि के लिए सही है। अगली बार दक्षिण भारतीय रेस्तरां पर आपको क्या खाना चाहिए, यह जान लें।