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गर्मियों की बीमारियों से छुट्टियों को न होने दें बर्बाद

May 15, 2018


गर्मियों की बीमारियों से छुट्टियों को न होने दें बर्बाद

गर्मियों के मौसम का आगमन हो चुका है। बच्चे गर्मियों की छुट्टियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि बच्चों को अपना भारी स्कूली बैग (जो हर साल पुस्तकों के बोझ से अधिक वजन वाला हो जाता है) नहीं ढोना पड़ता है और परीक्षा और टेस्ट के बोझ से भी एक विराम मिल जाता हैं। बच्चे पूरे दिन बाहर रहना पसंद करते हैं, और उच्च तापमान (तेज गर्मी) की उन्हें कोई फिक्र नहीं होती है।

बच्चों को संभालना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है, लेकिन यह न भूलें कि गर्मी के संपर्क में आने से त्वचा संक्रमण, मच्छर काटने और क्या कुछ नहीं हो सकता है। तापमान में वृद्धि होते ही गम्भीर बीमारियों की शुरुआत होने लगती है, जिससे बचा जाना चाहिए और इन बीमारियों से बचने के लिए केवल सनस्क्रीन लगाना पर्याप्त नहीं है। यहाँ पर प्रमुख रोगों की सूची दी गई है जो गर्मी के दिनों में हम पर हमला करते हैं:

लू लगना (हीट स्ट्रोक)

यदि आप या आपके बच्चे बहुत अधिक समय से उच्च तापमान (अधिक गर्मी) का सामना कर रहे हैं, तो इससे उन्हें लू (हीट स्ट्रोक) लग सकती है। सिरदर्द, जी मिचलाना और चक्कर आना लू लगने के सामान्य लक्षण हैं। जब आपके दिल की धड़कन तेज हो और आप बुखार महसूस कर रहे हो, तो स्थिति काफी चिंताजनक हो सकती है। और इस बीमारी से व्यक्ति के मानसिक संतुलन खोने की संभावना भी रहती है, यही वजह है कि पूरे दिन पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन करते रहना आवश्यक है।

विषाक्त भोजन (फूड प्वाइजनिंग)

इसमें कोई शक नहीं है कि भारत में स्ट्रीट फूड काफी स्वादिष्ट होते हैं। लेकिन, जब मौसम गर्म और नम होता है, तो इस मौसम में जीवाणुओं (बैक्टीरिया) के पनपने की अधिक संभावना रहती है, विशेष रूप से  खाद्य पदार्थ इसका मुख्य कारण बनते हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अपने सड़क विक्रेता और उसकी “फलों की चाट” पर कितना भरोसा करते हैं जो खाद्य विषाक्तता का मुख्य कारण हो सकता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप पिछले दिनों के बचे हुए भोजन को अपने खाद्य पदार्थों में शामिल न करें।

कष्टप्रद आँखें (आँख आना)

जब आपका बच्चा अचानक सुबह सूजी हुई आंखों के साथ उठता है, तो हैरान न हों। आँखों पर सूजन आना एक जीवाणु संक्रमण या एलर्जी है जो 7 दिनों तक रहती है। अगर परिवार में किसी भी व्यक्ति के यह बीमारी है, तो संभावना रहती है कि अन्य भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। जब बच्चे प्रत्येक बार खेल के मैदान से वापस आएं, तो बच्चों को अपनी आंखें धोने के लिए कहें, और यह भी सुनिश्चित करें कि बिस्तर पर जाने से पहले भी वे अपनी आँखें धो लें। बच्चों को स्वयं इसका नियमित पालन करने को कहे।

निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन)

चूँकि, गर्मियों के मौसम में हमारे शरीर से अधिक पसीना निकलने लगता है जिसे हम अक्सर महसूस नहीं कर पाते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हमें अपने शरीर में पानी की पूर्ति करते रहना चाहिए। यदि आप कसरत करने में अत्याधिक पसीना बहा रहे हैं तो, आपको सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके पास पानी की कितनी बोतले हैं। अगर आप प्रत्येक दिन 8 गिलास पानी पीते है, तो यह हमेशा पर्याप्त नहीं होता है। निर्जलीकरण को एक साधारण समस्या नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इससे सिरदर्द, जी मिचलाना और थकान जैसी समस्या हो जाती है।

जल जनित रोग

गर्मियों की शुरुआत होते ही डॉक्टर हमेशा लोगों को डाइरिया, दस्त, हैजा और टायफाइड से बचने की सलाह देते हैं। बच्चे शीघ्र ही इन घातक बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। जिन्हें अन्य की तुलना में अधिक समय तक यह बीमारी जकड़े रहती है। क्या आप जानते हैं कि यदि फल को बहुत अधिक समय तक काट कर रख दें, तो वह भी जल जनित रोग का कारण बन सकते हैं। बाहर के भोजन को खाने से बचें और इससे आप खुद को बीमारी से दूर रखेंगे।

मच्छर के काटने से संक्रमण

भारत अभी भी मच्छर से पैदा होने वाली बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि से निजात पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। मच्छरों को दूर भगाने वाली चीजों का उपयोग करें जिसमें कम से कम 30% डीईईटी होती है और इससे अधिक सावधान रहने के लिए, कपड़ों पर विषाक्त कीटनाशक चीजों को लगाने की जरूरत है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मच्छरों ने कहीं प्रजनन स्थान तो नहीं बनाया है, अपने पानी के टैंक और कूलर की नियमित सफाई करें। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा जिस स्थान पर खेल-कूद रहा है वह स्थान भी अच्छी तरह से मच्छरों से मुक्त होना चाहिए।

स्कूलों में गर्मियों के मौसम के दौरान छुट्टियां कर दी जाती हैं ताकि बच्चों और किशोरों को गर्मी के मौसम का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित करना अब आपकी बारी है कि ये हानिकारक बीमारियां आपके बच्चों के अवकाश के समय में बाधा न बनें। इसके लिए केवल थोड़ी सतर्कता बरतने से, आप और आपके बच्चे अपनी छुट्टियों का अच्छी तरह से लुत्फ उठा सकते हैं।

सारांश
लेख का नाम- गर्मियों में होने वाली बीमारियों से अपनी छुट्टियों की योजना न बदलें

लेखिका का नाम-   रीका ग्रोवर

विवरण–  बच्चों को संभालना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है, लेकिन यह न भूलें कि गर्मी के संपर्क में त्वचा संक्रमण, मच्छर काटने, निर्जलीकरण, जल जनित रोग और भोजन विषाक्तता हो सकती है। इस गर्मी में अपने बच्चों का ख्याल रखें और छुट्टियों की योजनाओं का आनंद लेने के लिए उन्हें स्वतंत्र से घूमने दें।