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प्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के बारे में रोचक तथ्य

January 24, 2019
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प्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के बारे में रोचक तथ्य

हम प्रत्येक वर्ष भारतीय गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को बहुत गर्व और उत्तेजना के साथ मनाने के लिए तत्पर रहते हैं। हम गणतंत्र दिवस पर सैन्य क्षमताओं के शानदार प्रदर्शन या परेड देखने के लिए उत्सुक होते हैं। कौन सा राज्य इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर झांकियों को प्रस्तुत करेगा? मुख्य अतिथि कौन होंगे? क्या हम इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के युवा प्राप्त कर्ताओं को देख पाएंगे? गणतंत्र दिवस के इस मौके पर सभी गणमान्य व्यक्तियों और मुख्य अतिथियों के सामने कार्यक्रमों का प्रदर्शन करने के लिए कौन-सा विद्यालय चुना जाएगा? ये ऐसे कुछ सवाल हैं, जो पूरे देश भर में गुंजायमान होते हैं। हालांकि, इन सबके बीच, हम 26 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम गणतंत्र दिवस के महत्व पर विचार करना भूल गए हैं।

इतिहास

“आज भारत एक गणराज्य बन गया है” यह एक लोकप्रिय ब्रिटिश अखबार की पंक्ति है। वह तिथि थी 26 जनवरी 1950, आजादी मिलने के करीब ढाई साल बाद भारत गणराज्य बन पाया। भारत को गणराज्य बनने के लिए इतने समय तक इंतजार क्यों करना पड़ा? 1600 के दशक में, ब्रिटिशों ने भारत के साथ व्यापार करना शुरू किया था, लेकिन 1700 के दशक के मध्य तक, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की भूमि के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था और यह कंपनी के शासन की शुरुआत थी। वर्ष 1858 में भारत सरकार अधिनियम के पारित होने के साथ, ब्रिटिश राज द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप के प्रशासन पर प्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण कर लिया और इस प्रकार भारत में ब्रिटिश राज का आरम्भ हुआ। कई दशकों तक, आजादी के लिए भारतीयों का प्रतिरोध छिटपुट और अलग-अलग होता रहा। हालांकि,1900 के प्रारंभिक चरण में, भारत के स्वतंत्रता संग्राम ने अपनी गति बढ़ानी शुरू कर दी थी। इसके बाद कट्टरपंथी नेताओं का उदय हुआ, जो अपने प्रभुत्व की स्थिति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे और पूर्ण स्वराज की मांग में स्वतंत्रता के लिए एक जुट होकर संघर्ष कर रहे थे।

अगस्त 1947 में, ब्रिटिश भारत को, भारत और पाकिस्तान के रूप में स्वतंत्र राष्ट्रों में विभाजित किया गया। हालांकि, इसके साथ ही स्वतंत्र भारत राज्य के प्रमुख के रूप में किंग जॉर्ज VI एक संवैधानिक राजशाही बने रहे। अर्ल माउंटबेटन भारत के गवर्नर-जनरल के रूप में बने रहे। वर्ष 1946 में भारत की संविधान सभा की स्थापना की गई थी और इसके लिए सदस्यों का चयन भी किया गया था। भारत का संविधान, उन लोगों के सामने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य था- दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र के संविधान का प्रारूपण तैयार करना। बहुत तर्क-वितर्क करने के बाद, विस्तृत और व्यापक विचार-विमर्श और समेकित दृष्टिकोण की मदद से इन सदस्यों ने दुनिया के सामने सबसे विस्तृत संविधान लिखा, जिसमें 22 भागों में 444 अनुच्छेद 12 अनुसूचियाँ और 118 संशोधन (अभी तक) हैं और 146,385 शब्दों में लिखा गया है।

भारत का संविधान, संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था और 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू हुआ। जिस दिन से भारत ने नया संविधान अपनाया, उसी दिन से भारत गणराज्य बन गया।

कुछ रोचक तथ्य

  • 26 जनवरी 1950 को भारत सुबह 10:18 बजे एक गणराज्य बन गया।
  • उसके कुछ मिनट बाद, सुबह 10:24 बजे डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करवाई गई थी।
  • भारत के पहले संविधान को हिंदी और अंग्रेजी में लिखा गया था। संविधान सभा के सदस्यों द्वारा 24 जनवरी 1950 को इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। ये प्रतियाँ संसद के पुस्तकालय में अभी भी सुरक्षित हैं और स्वतंत्र भारत के महत्वपूर्ण अवशेषों में से एक हैं।
  • वर्ष 1950 और 1954 के बीच, भारत में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए एक निश्चित स्थान नहीं था। शुरूआत में गणतंत्र दिवस का समारोह, लाल किले, फिर नेशनल स्टेडियम, फिर किंग्सवे कैंप में और फिर रामलीला मैदान में आयोजित किया गया। अंत में वर्ष 1955 में राजपथ को स्थायी स्थल के रूप में चुना गया था। यह पहला गणतंत्र दिवस परेड था।
  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों ने राष्ट्रगान- जन गण मन को भी अपनाया। यह राष्ट्रगान रवींद्रनाथ टैगोर ने बंगाली में लिखा था और बाद में इसका हिंदी में अनुवाद किया गया।

गणतंत्र दिवस सम्मेलन

  • भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हैं और इस व्याख्यान की बहुत उत्सुकता से प्रतीक्षा की जाती है।
  • गणतंत्र दिवस परेड से पहले भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और 21 तोपों की सलामी से उनका स्वागत किया जाता है।
  • भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह, 26 जनवरी से 29 जनवरी तक, पूरे तीन दिन तक मनाया जाता है। यह समारोह राजपथ पर राष्ट्रपति के आने पर ध्वज फहराने और परेड से शुरू होता है और विजय चौक में बीटिंग द रिट्रीट के साथ इसका समापन किया जाता है।
  • गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती (2 अक्टूबर) भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाश हैं।

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