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मूवी रिव्यु – द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

January 12, 2019


मूवी रिव्यु – द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

जहाँ तक फिल्म के प्रमोशन की बात की जाए तो द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का काम काफी आसान हो गया है। स्क्रीनों पर हिट होने से पहले ही यह फिल्म बी-टाउन में काफी लंबे समय तक छाई रही (बज करती रही) और आगे भी कुछ समय तक इसके ऐसे ही चलने की उम्मीद है।

फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर साल 2014 में संजय बारू द्वारा लिखी गई इसी नाम की (द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर) संस्मरण पुस्तक पर आधारित है। इस फिल्म को पुस्तक में वर्णित घटनाओं के क्रम के अनुसार ही फिल्माया गया है। मनमोहन सिंह की सरकार में मीडिया सलाहकार के रूप में काम कर चुके संजय बारू इस समय एक राजनीतिक टिप्पणीकार हैं। फिल्म में प्रधानमंत्री की करीबी में काम कर चुके संजय बारू को दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने कई स्पष्ट कारणों से जिज्ञासा जताई थी।

खैर, इस बारे में तो कुछ नहीं कहा जा सकता कि फिल्म के लिए अपना समय गँवाना सही होगा या नहीं। फिर भी कुछ जानना चाहते हैं तो पढ़िए।

निर्देशक – विजय रत्नाकर गुट्टे

प्रोड्यूसर – सुनील बोहरा, धवल गाडा

लेखक – विजय रत्नाकर गुट्टे, मयंक तिवारी, कार्ल ड्यूनी, आदित्य सिन्हा

आधारित – संजय बारू द्वारा लिखित पुस्तक द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

कलाकार – अनुपम खेर, अक्षय खन्ना, सुजैन बर्नर्ट, अहाना कुमरा

संगीत – सुदीप रॉय, साधु तिवारी

सिनेमेटोग्राफी – सचिन कृष्ण

संपादक – प्रवीण के. एल.

प्रोडक्शन कंपनी – रूद्र प्रोडक्शन (यूके), बोहरा ब्रोस., पेन इंडिया लिमिटेड

कथानक

यूपीए सरकार के दौरान श्री सिंह को जो बात या भावना अक्सर सबसे ज्यादा चोट पहुँचाती थी वह थी कि “वह गलत पार्टी में एक अच्छे आदमी हैं।” अब अगर इस फिल्म पर बारीकी से ध्यान दिया जाए तो इसमें भी कुछ ऐसी ही भावना प्रतीत होती है।

फिल्म 2004 के एक टीवी न्यूज से शुरू होती है जिसमें तत्कालीन लोकसभा चुनाव में एनडीए के खिलाफ यूपीए की शानदार जीत दिखाई जा रही होती है। द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर में असल जिंदगी के भाषणों, फुटेजों और क्लिपों का उपयोग किया जाता है, पूरी फिल्म की थीम ही यही है। श्री सिंह के मीडिया सलाहकार रहे श्री बारू का किरदार अक्षय खन्ना ने बखूबी निभाया है। वाकई कई लोगों को उनका यह किरदार काफी पसंद आया होगा।

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के शीर्षक वाली इस फिल्म में यूपीए शासन के वर्षों की एक विस्तृत झलक दिखाई गई है। इसमें परमाणु मसले पर खड़े हुए बखेड़े सहित नाटक में परिवार के आंतरिक नियमों को भी चित्रित किया गया है। खन्ना के किरदार ने लोगों की जमकर तारीफें बटोरीं, यह एक काफी कठिन काम है जो शायद सबके लिए काम नहीं कर सकता।

समीक्षा

पहली घोषणा होने के बाद से ही फिल्म विवादों में घिरी रही है यूँ समझ लो कि एक ऐसा पासा जो किसी भी दिशा में लुढ़क सकता है। इसलिए, यह कुछ लोगों के लिए तो काम करेगी, लेकिन दूसरों के लिए बहुत ज्यादा नहीं। हालाँकि, एक बात तो है कि कलाकारों को चुनने में फिल्म निर्माताओं से जरा भी चूक नहीं हुई इसमें वे कामयाब रहे। पूर्व प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहे अनुपम खेर ने भी श्री मनमोहन सिंह की तरह दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फिर भी, सोनिया गाँधी का किरदार निभाने के लिए सुजैन बर्नर्ट ही मेरी पहली पसंद होंगी।

चलिए फिल्म पर ही वापस आते हैं, खेर की बनावटी आवाज की कई लोगों ने तारीख की जबकि कुछ लोगों ने इसको नापसंद भी किया, खुद मुझको ही उनकी आवाज पसंद नहीं आई। इसके अलावा, इस बात से तो कोई इंकार ही नहीं कर सकता कि मूवी एकदम सटीक समय पर रिलीज हुई है, जबकि चुनाव बिल्कुल हमारे सिर पर हैं।

हमारा फैसला

पुस्तक की तरह ही द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म भी बारू के नजरिए से कही गई केवल एक कहानी है। इसलिए इसमें जरा एक व्यक्तिपरक मामला आ जाता है। जरूरत से ज्यादा बड़ी उम्मीदें लेकर थियेटर में घुसने वालों को यह फिल्म निराश कर सकती है। भारतीय राजनीति में थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति फिल्म में दिखाई जाने वाली कहानी के बारे में बहुत कुछ पहले से ही जानता होगा।

हालाँकि, अगर आप केवल मनोरंजन के लिए फिल्म देखने जा रहे हैं तो संतुष्ट हो सकते हैं। जैसा कि पहले ही कहा गया है कि कलाकारों का चयन बहुत ही शानदार ढंग से किया गया है, जिसमें सभी कलाकार एक राजनेता के रूप में दिखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। फिल्म में ड्रामे का अपना बॉलीवुड टच है और यह दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगी।

इसलिए, अगर इस वीकेंड पर आपने कुछ प्लान नहीं किया है तो द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर देखने का विचार भी कुछ बुरा नहीं है। हमें बताइए आपने इस फिल्म के बारे में क्या सोंचा। हम उम्मीद करते हैं कि हमें राजनीतिक परिदृश्य वाली ऐसी ही और फिल्में सेंसर बोर्ड की जाँच के बगैर ही मिलें।

Summary
Reviewer
अपेक्षा दुहन
Review Date
Reviewed Item
मूवी रिव्यु – द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर
Author Rating
2