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मूड स्विंग्स से निजात पाने के तरीके

February 11, 2019


मूड स्विंग्स से निजात पाने के तरीके

क्या आप उन लोगों में से हैं जो एक मिनट में अच्छा और बेहतर महसूस करते हैं और कुछ ही पल में ऐसा लगता है कि उदासी की लहर उनकी शांति को बहाकर लिए जा रही है? ठीक है, यदि हाँ, तो आपको आपके मूड स्विंग्स के पीछे क्या कारण है और आप ऐसा क्यों महसूस कर रहे है, इस पर मंथन करने की जरूरत है। आपके दिमाग में मामूली सी बात पर भावानात्मक तरीके से जो खलबली सी पैदा हो जाती है, वह आपके मूड स्विंग्स का प्रमुख कारण है। कुछ के लिए, जैसा कि हम कहते हैं, “मूड स्विंग” तब हो सकता है जब कोई तनाव से ग्रस्त हो और चिंता के बादल उन्हें घेर लें। कभी-कभी, यह शरीर के भीतर हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है। ऐसा हमेशा नहीं होता है कि हम उन घटनाओं, जो हमारी शांति को बर्बाद कर रही होती हैं, को रोक सकें लेकिन हम निश्चित रूप से उनसे बचने के लिए खुद का ख्याल रख सकते हैं।

यहां कुछ वास्तविक सुझाव दिए गए हैं जो आपके मूड स्विंग को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेंगे –

अपने लिए समय निकालें – एक बार बुद्ध ने कहा था : “आप पूरे ब्रह्मांड में किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश कर सकते हैं जो आपसे अधिक आपके प्रेम और स्नेह के लायक है और वह व्यक्ति आपको कहीं नहीं मिलेगा। जितना इस ब्रह्माण्ड में कोई और आपके प्रेम और स्नेह के अधिकारी है, उतना ही आप खुद हैं।“ यह उद्धरण आत्म-देखभाल के महत्व को दर्शाता है। एक बार खुद की देखभाल शुरू करने पर हमारी आधी समस्याएं हल हो जाएंगी। हमें यह विश्लेषण करने की आवश्यकता है कि कौन सी चीजें हमें परेशान करती हैं, क्या हमें खुश करती हैं और क्या हमारे लिए शांति लाती हैं। अकेले रहने के लिए समय निकालें। अकेले बैठें और उन सभी समस्याओं को हल करने की कोशिश करें जो आपको पहेली बनाती हैं। सतर्क दृष्टि से, अपने आस-पास की चीजों का निरीक्षण करें। एक-एक करके अपनी समस्याओं को सामने लाओ और उनका समाधान करो। एक बार जब समस्यात्मक पैटर्न आपके मस्तिष्क से बाहर हो जाता है तो आप बेहतर तरीके से अपने मूड स्विंग का निपटारा कर पाएंगे।

कैफीन और अन्य ड्रग्स के सेवन से बचें – कैफीन निश्चित रूप से आपके बदले मिजाज का कारण हो सकता है और मूड स्विंग को जन्म दे सकता है। यदि आप जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो यह रक्तचाप और चिंता को बढ़ा सकता है। यदि किसी भी तरह से आप जानते हैं कि कैफीन आपको प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है और आपके मूड स्विंग में योगदान देता है तो आपको इसका सेवन कम से कम करना चाहिए। ओवरडोज निश्चित रूप से आपको चिड़चिड़ा बना देगा और यहां तक कि अगर आप चिड़चिड़ेपन से ग्रस्त नहीं हैं तो कैफीन, जो एक उत्तेजक है, की अधिक खपत के कारण आप प्रभावित होंगे।

हेल्थी भोजन करें और बार-बार खाएं – कई बार भूख लगने पर आप चिड़चिड़े हो जाते हैं। आपका मस्तिष्क ठीक तरह से काम नहीं कर पाता है और आप हर समय उत्तेजित रहते हैं। अशांति की ऐसी भावनाओं से बचने के लिए अच्छा खाना वास्तव में महत्वपूर्ण है। काम की व्यस्तता के कारण हमारे खराब भोजन के विकल्प और भोजन में अव्यवस्था हमारी भावनाओं को प्रतिकूल बना देता है और मूड स्विंग का कारण बनता है। इसके अलावा, जब आप भोजन के बिना बहुत लंबे समय तक चलते हैं तो रक्त शर्करा का स्तर गिरता है और घबराहट सी होने लगती है। इसलिए, नियमित ब्रेक पर हेल्थी भोजन करें।

तनाव पर नियंत्रण रखें- हर कोई किसी न किसी तरह के तनाव के कारण चिड़चिड़ा हो जाता है जिससे उसका मूड खराब हो जाता है। जब भी आप तनाव महसूस करते हैं, तो इससे निपटने का सबसे अच्छा उपाय है कि आप पहले अपने चिड़चिड़ेपन के कारण को जानें और बाद में उससे निपटें। एक बार जब आप चिड़चिड़ेपन से बचना सीख जाते हैं, तो आप निश्चित रूप से तनाव को नियंत्रित कर पाएंगे। आपको बस सब्र रखने और समाधान के बारे में सोचने की जरूरत है। यह महत्वपूर्ण है कि तनाव से निपटने के कौशल को पहले विकसित किया जाए, जिससे अगली बार जब आप उनका सामना कर रहे होंगे, तो आप मूड को नियंत्रित करने में मदद करेंगे। अपने क्रोध को काबू करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करें।

आत्म-देखभाल को अपनाएं – हमारे जीवन की आधी समस्याएं तभी कम होंगी जब हम खुद की देखभाल करना शुरू करेंगे। अपनी भावनाओं को किसी और के सामने रखने से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। पुस्तकों को पढ़ने, संगीत सुनने या किसी भी तरह की गतिविधि में शामिल होने के लिए नियमित रूप से समय निकालना चाहिए, जिससे आपको खुशी मिलती हो। अपने घर को एक शांत जगह बनाओ जहाँ आप रात में आराम कर सकते हैं। याद रखें, आप अपनी आत्मा हैं और आपका शरीर इसका घर है इसलिए इसकी बेहतर देखभाल करें। जागरुक रहें, सचेतन अभ्यास करें और शांत रहना शुरू करें।

नींद की आदतों में सुधार – अतिरंजित होना आपको उन्मत्त बनाता है। आप हर छोटी-छोटी बात पर चिढ़ने लगते हैं और हर छोटी-छोटी बात आपको प्रभावित करती है और आपकी शांति को बाधित करती है। देर रात तक फिल्में देखना, नेट सर्फिंग करना और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच जुगलबंदी करना जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। लेकिन, लोग यह भूल गए हैं कि अगले दिन की तैयारी के लिए अपने दिमाग और शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। आवेग और मूड स्विंग से बचने के लिए आपको गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए, अपने दिमाग को आराम देना चाहिए और एक अच्छी नींद लेनी चाहिए।

समस्याओं के बारे में बात करें – भावनाओं का अनुभव करना मानव व्यवहार का एक हिस्सा है। मूड स्विंग भी उन्हीं भावनाओं में से एक है। अगर आपके भीतर कोई चीज आपको परेशान कर रही है और आपको सामान्य जीवन जीने से रोक रही है तो समस्या के बारे में सोचने की जरूरत है। अपनी समस्याओं को दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें। इसके बारे में बात करें और इसे खत्म करने के उपाय निकालें। इससे आपको मूड के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से समायोजित करने में मदद मिलेगी।

याद रखें, हम इंसान हैं, हम सभी के दिल में भावनाओं का अंबार है। इसलिए, यदि आप इस समय चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं, तो घबराएं नहीं, उन्हें सर्वोत्तम तरीके से नियंत्रित करने का प्रयास करें।

 

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इस लेख में हमने कुछ वास्तविक सुझाव दिए हैं जो आपके मूड स्विंग को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेंगे। ये आपकी अच्छी जीवनशैली के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।