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‘स्वच्छता ही सेवा‘ – एक नई सरकारी पहल का शुभारंभ

September 17, 2018
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‘स्वच्छता ही सेवा‘ – एक नई सरकारी पहल का शुभारंभ

इस वर्ष, महात्मा गांधी की 150 वीं जयन्ती को मनाने के लिए 12 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “स्वच्छता ही सेवा” नामक एक अभियान के शुभारंभ की घोषणा की है। यह स्वच्छ भारत अभियान का ही एक हिस्सा है। यह अभियान दो सप्ताह (15 सितंबर-2 अक्टूबर) तक गांधी जयंती के साथ-साथ स्वच्छ भारत की चौथी वर्षगांठ तक चलता रहेगा।

क्या है ‘स्वच्छता ही सेवा‘ अभियान?

जब इस अभियान की शुरूआत हुई थी, तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि “आइए हम आज से लेकर 2 अक्टूबर तक स्वच्छ भारत के बापू के सपने को पूरा करने की दिशा में खुद को फिर से समर्पित करें।”

स्वच्छ भारत आंदोलन में लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा‘ को स्वच्छता और जागरूकता अभियान के रूप में पेश किया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत से एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 2,000 नागरिकों को पत्र भेजे, जिसमें इन्होंने उनके समर्थन को बढ़ाने को लेकर आग्रह किया है। इनमें पूर्व न्यायाधीश, सीडब्ल्यूजी और एशियाई खेलों के पदक विजेता इत्यादि शामिल हैं। अभियान पहले से ही कुछ प्रसिद्ध नामों जैसे अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, रतन टाटा आदि का समर्थन पाने में कामयाब रहा है।

यह अभियान पूरे देश में हर जगह मनाया जाएगा, इसके साथ पूरे भारत से लोग स्वच्छता अभियान में भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्वच्छता ही सेवा‘ को “बापू (महात्मा गांधी) को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक शानदार तरीका” बताते हुए आगे कहा कि स्वच्छता अभियान के लिए काम कर रहे लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह याद किया जाएगा।

एक संक्षिप्त सामयिकता

2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के कुछ ही महीने बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर उन्होंने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसके उद्देश्य में भारतीय सड़कों, गलियों और अधोसंरचना को साफ-सुथरा करना, यानी एक सर्व-समावेशी स्वच्छता मिशन शामिल है। यह पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रियता और समर्थन हासिल करने में कामयाब रहा है, इसलिए अब इसे भारत के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान के रूप में भी जाना जाता है।

“स्वच्छता ही सेवा” अभियान को स्वच्छ भारत के हिस्से के रूप में ही पुनःस्थापित किया गया था, दोनों का उद्देश्य अपनी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लोगों को स्वच्छता की तरफ और अधिक प्रोत्साहित करना है। जबकि पिछली बार 2017 में भारत के राष्ट्रपति राम नाथ गोविंद ने स्वच्छता को ही लेकर एक जन आंदोलन की भी शुरुआत की थी। इसने 2017 में 15 सितंबर-2 अक्टूबर के बीच, लोगों से स्वच्छता अभियान में भाग लेने के लिए आग्रह किया था।

स्वच्छ भारत अभियान और ‘स्वच्छता ही सेवा‘ ये दोनों अभियान भारत सरकार द्वारा अपने “स्वच्छ भारत” के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री के साथ, कई अन्य मशहूर लोग झाडू लेकर सड़कों पर आ गए, जिससे यह देशवासियों को साफ-सफाई के प्रति आकर्षित करने में काफी हद तक कामयाब रहा है।

 

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‘स्वच्छता ही सेवा‘ – एक नई सरकारी पहल का शुभारंभ
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स्वच्छ भारत अभियान के हिस्से के रूप में, 15 सितम्बर 2018 को मोदी सरकार ने एक नया अभियान "स्वच्छता ही सेवा" का शुभारंभ किया। पूरे देश में साफ-सफाई को लेकर यह अभियान लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। यहाँ पर आपको इसके बारे में जानने की आवश्यकता है।