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बैडमिंटन – भारत में एक उभरता खेल

August 20, 2017


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Badminton an emerging sports in India

हालांकि, भारत में सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट है, इसके विपरीत अन्य खेलों ने भी अपना आकर्षण बनाना शुरू कर दिया है। इन सभी खेलों के बीच भारत में बैडमिंटन के भी बहुत सारे प्रशंसक हैं। भारत में शीर्ष पाँच सबसे लोकप्रिय खेलों में बैडमिंटन एक बेहद मनोरंजक और ऊर्जावान खेल के रूप में शामिल है। कई वर्षों से, कई  मान्यता प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ियों ने वैश्विक मान्यता हासिल की है और अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। बैडमिंटन की दुनिया में इस खेल को बुलंदियों पर पहुँचाने वाले कुछ खिलाड़ियों के बारे में बताया जा रहा है-

प्रकाश पादुकोण

प्रकाश पादुकोण एक पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी है। प्रकाश पादुकोण ने बैडमिंटन खेलने की बारीकियां अपने पिता रमेश पादुकोण से सीखकर, 1971 में मात्र 16 वर्ष की आयु में सीनियर चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई ट्राफियां जीती। उन्होंने कनाडा में आयोजित 1978 राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इन्होंने 1980 में “ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप” में स्वर्ण पदक जीता और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये थे। पादुकोण ने 1981 में कुआलालंपुर में आयोजित विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने दो साल बाद, कोपेनहेगन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

सैयद मोदी

जुलाई 1988 में सैयद मोदी को गोली मार दी गई, तब वह महज 26 साल के ही थे। हालांकि, वे भी कभी देश में सबसे अच्छे और सबसे ज्यादा आशाजनक बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक के रूप में देखे जाते थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने कई पुरस्कार और ट्राफियां जीतीं।1980 से 1987 के बीच वह आठ बार राष्ट्रीय बैडमिंटन के चैंपियन रहे। वर्ष 1982 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक, 1983 और 1984 में ऑस्ट्रियन इंटरनेशनल में स्वर्ण पदक और 1982 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता तथा इसी प्रकार के कई और पदक भी अपने नाम किए।

अपर्णा पोपट

अपर्णा पोपट बैडमिंटन में भारत की राष्ट्रीय चैंपियन थीं, उन्होंने 1997 से 2006 के बीच 9 बार चैंपियन रहकर रिकॉर्ड बनाया था। इन्होंने कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ हासिल की जिनमें 1996 में डेनमार्क में आयोजित होने वाले विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, 1998 कुआलालंपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक तथा फ्रेंच ओपन खिताब जीतना शामिल था, इसके साथ ही इनको देश में ऐसा करने वाली पहली महिला होने का सम्मान भी प्राप्त है।

चेतन आनंद बुरादागुंटा

चेतन 2004, 2007, 2008 और 2010 में एक राष्ट्रीय बैडमिंटन के चैंपियन रहे और उन्हें 2004 में फ्रांस में टूलौस ओपन जीतने के बाद इस तरह की उपलब्धियां मिलीं, 2005 में आयरिश और स्कॉटिश ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में विजयी हुए और इस तरह के कई खिताब जीते।

पुल्लेला गोपीचंद

वर्ष 2001 में एक महान खिलाड़ी गोपीचंद की रैकिंग 5 वें स्थान पर थी। इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने 1999 में अर्जुन पुरस्कार, 2001 में राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार, 2005 में पद्म श्री, 2009 में द्रोणाचार्य पुरस्कार और 2014 में पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त किया।

साइना नेहवाल

साइना शीर्ष रैंकिंग महिला खिलाड़ियों में से एक है, वर्ष 2012 में लंदन में आयोजित होने वाले ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। वह 2008 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और 2009 में सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी का सम्मान प्राप्त किया।

पी वी सिंधु

भारत को गौरवांवित करने वाली नवीनतम खिलाड़ी पी.वी. सिंधु एक असाधारण प्रतिभा वाली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। 2016 के रियो ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता। इसी जीत के साथ वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। उन्होंने बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भी एक पदक जीता है।

भारत में बैडमिंटन कोचिंग अकादमियां

ये कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने न केवल भारत की प्रतिष्ठा में वृद्धि की बल्कि देश में बैडमिंटन की लोकप्रियता को भी बढ़ावा दिया है। आज भी कई ऐसे युवा हैं, जो इन प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के कदमों पर चलकर देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं। बैडमिंटन खेल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, देश कई बैडमिंटन अकादमियों का गवाह रहा है। शीर्ष पर पहुंचने के लिए एक अटूट दृढ़ संकल्प और दृढ़ता की आवश्यकता होती है और यह बैडमिंटन अकादमियां युवाओं को सकारात्मक बढ़ावा दे सकती हैं। कुछ प्रसिद्ध अकादमियां बैडमिंटन में अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करती हैं और युवाओं को इस खेल में अपना करियर बनाने के लिए मदद करती हैं –

प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी

प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार और विवेक कुमार द्वारा 1994 में शुरू की गई, प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी ने शीर्ष रैंकिंग वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के निर्माण में अपनी एक शानदार जगह बनाई है। यह अकादमी बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।

अर्डोर बैडमिंटन अकादमी

रोहिणी, दिल्ली में स्थित, अर्डोर बैडमिंटन एकेडमी शीर्ष पेशेवरों द्वारा चलाई जाती है, जो उचित प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। अकादमी में अच्छी बुनियादी सुविधाएं और चार कोर्ट हैं।

सुरजीत सिंह बैडमिंटन अकादमी

पीतमपुरा में स्थित, सुरजीत सिंह बैडमिंटन अकादमी सुरजीत सिंह द्वारा चलाई जाती है, जो कई सालों से भारत के खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ कोच के तौर पर काम कर चुके हैं। 1995 में स्थापित, इस अकादमी ने कई शीर्ष खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है।

गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी

गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी गोपीचंद द्वारा चलाया जाती है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ अकादमियों में से एक है। हैदराबाद में स्थित गोपीचंद बैडमिंटन अपने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है और साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु और श्रीकांत किदंबी आदि जैसे कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी तैयार कर चुकी है।

बैडमिंटन में प्रशिक्षण देने वाले अन्य लोकप्रिय अकादमी डीके अकादमी दिल्ली, यूनाइटेड शटलर्स बैडमिंटन एकेडमी दिल्ली, भारतीय खेल प्राधिकरण के बैडमिंटन प्रशिक्षण केन्द्र इत्यादि हैं।