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बॉलीवुड के 10 सर्वश्रेष्ठ सदाबहार निर्देशक

September 11, 2017


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बॉलीवुड के 10 सर्वश्रेष्ठ सदाबहार निर्देशक

भारत में सिनेमा, विशेषकर हिंदी सिनेमा, यहाँ के मानव जीवन और समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है। हम शानदार शहर के बारे में चमक-दमक, ग्लैमर और सब कुछ पसंद करते हैं। लेकिन जहाँ नायक, नायिकाएं और यहाँ तक कि खलनायक हमारी प्रशंसा और आदर प्राप्त करते हैं, वहीं निर्देशक जो इसके पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं अक्सर अनपेक्षित कर दिए जाते हैं। यहाँ हम ऐसे दस सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बॉलीवुड को सजाने में और श्रेष्ठ बनाने में मदद की है-

1.राज कपूर – “भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े शोमैन”, राज कपूर निश्चित रूप से सही मायने में इस सूची के शीर्ष पर उल्लेख करने योग्य हैं। 1940 के दशक के अंत और 1980 के दशक के प्रारंभ के बीच, राज कपूर का निर्देशन का कार्य पूरे देश में जोरों पर था और हिंदी सिनेमा उर्फ बॉलीवुड की तरफ दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए भी वह काफी जिम्मेदार थे। उनकी प्रसिद्ध निर्देशित फिल्मों में श्री 420, अवारा, बॉबी, मेरा नाम जोकर और सत्यम शिवम सुंदरम् आदि शामिल हैं।

2.बिमल रॉय – बिमल रॉय को उनके आस-पास के वास्तविक और यथार्थवादी जीवन चित्रण के लिए जाना जाने लगा। सशक्त पात्र, शक्तिशाली कथानक और शानदार संगीत उनकी फिल्मों की निशानियां थीं। कहा जाता है कि उनकी फिल्मों में प्रयुक्त शैली इटली की नयी-यथार्थवादी फिल्मों से प्रेरित थी। रॉय द्वारा निर्देशित सबसे अच्छी फिल्मों में परिणीता, दो बीघा जमीन, देवदास, मधुमती, सुजाता, बंदिनी एवं अन्य शामिल हैं। दो बीघा जमीन ने उन्हें कांन्स फिल्म महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जिताया।

3.ऋषिकेश मुखर्जीउनके द्वारा निर्देशित लगभग 42 फिल्मों के समूह के साथ, ऋषिकेश मुखर्जी को जनता के प्रिय निर्देशक के रूप में जाना जाने लगा। ऋषि-दा ने ग्लैमर पर आदर्शवाद का चयन, व्यर्थता पर मध्यवर्गीय नैतिकता और एक ही समय में बोहेमियन स्पर्श को बनाए रखना, मध्यवर्गीय फिल्म गोएर्स (विशेषकर प्रतिदिन सिनेमा जाने वाले) के दिलों को लुभाया है। ऋषिकेश मुखर्जी जी की सर्वश्रेष्ठ प्रेमपूर्ण फिल्में जैसे- आनंद, गुड्डी, सांज और सवेरा, बावर्ची, अभिमान और चुपके चुपके शामिल है।

4.गुरु दत्त – गुरु दत्त बॉलीवुड के महत्वपूर्ण निर्देशकों में से एक है जो कि संवेदनशील व्यक्तियों और विचारों वाले व्यक्ति थे और अपने समय में एक सबसे बेहतरीन निर्देशक थे। पारखी नजरों के मालिक और चमक एवं प्रतिबिंब के राजा, गुरु दत्त ने अपनी फिल्मों के माध्यम से कला को उच्चतम स्वरूप प्रदान किया, जिसकी अब हम केवल कल्पना ही कर सकते हैं। गुरु दत्त के उत्कृष्ट निर्देशक के क्षेत्र में, प्यासा, कागज के फूल, साहिब बीबी और गुलाम एवं चौदहवीं का चाँद फिल्में शामिल हैं।

5.श्याम बेनेगल – श्याम बेनेगल ने 1970 के शुरूआती दशक से लेकर 2010 तक एक (बॉलीवुड) डायरेक्टोरियल कैरियर के साथ, हिंदी सिनेमा के महानतम दूरदर्शी में से एक है। उन्होंने विशेष पक्ष वाली फिल्मों और डॉक्यूमेंटरीज वाली फिल्मों को पूरी तरह से नई शैली में बनाना शुरू किया – इन फिल्मों ने दर्शकों को दुनिया को बारीकी से देखने और उस पर प्रतिबिंबित करने के लिए मजबूर किया। उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों में सूरज का सातवाँ घोड़ा, मम्मो, सरदारी बेगम, ज़ूडीदा और अंकुर (ऑस्कर के लिए प्रविष्टि के बतौर चुनी गई) शामिल हैं।

6.यश चोपड़ा – यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित फिल्मों की वास्ताविक सीमा प्रशंसनीय है। 1959 में, अशोक कुमार, राजेंद्र कुमार, माला सिन्हा अभिनीत फिल्म “धूल का फूल ” से निर्देशन की शुरूआत की, 2012 में, शाहरुख खान, कैटरीना, अनुष्का अभिनीत फिल्म “जब तक है जान” चोपड़ा ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ अन्तिम निर्देशित फिल्म की है। यश चोपड़ा की सबसे अच्छी फिल्मों में धूल का फूल, वक्त, कभी कभी, सिलसिला, दीवार, लम्हे, चांदनी, डर, दिल तो पागल है और वीर जारा आदि शामिल हैं।

7.महेश भट्ट- 1980 और 1990 के दशक में अति यथार्थवादी फिल्मों के अपने ब्रांड के साथ भट्ट का बोलबाला रहा, जिनमें अर्थ, सारांश, नाम, डैडी, आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, हम है राही प्यार के, डुप्लीकेट, राज, जिस्म, कलयुग, हमारी अधूरी कहानी और अन्य बेहतरीन फिल्में शामिल है। उनकी फिल्में चहुँमुखी कला और वाणिज्यिक “मसाला” के अलावा और भी विभिन्न शैलियों की खोज के साथ देखने को मिलती है।

8.सुभाष घई – सुभाष घई शायद कुछ निर्देशकों में से एक हैं, जिनकी प्रत्येक फिल्म (हिचकॉक से भिन्न नहीं) सभी के द्वारा देखी जाती है। वैभवशाली सिनेमा, लेकिन मिट्टी से निकले स्वर ही उनके हस्ताक्षर हैं। उनकी फिल्में अपने लोकप्रिय संगीत के लिए भी जानी जाती हैं। कर्ज, हीरो, मेरी जंग, राम लखन, सौदागर, खलनायक, परदेश और ताल उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्में हैं।

9.मणिरत्नम यह एक और बॉलीवुड फिल्मों के दिग्गज निर्देशकों में से एक है, जिन्होंने अपने युग में काफी प्रगित की है। मणिरत्नम ने भारतीय सिनेमा को क्रांतिकारी और प्रभावशाली दृष्टिकोण से बदलना शुरू किया। उनकी फिल्में दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए जानी जाती है और वे हिंदी सिनेमा की कोई भी विचारधारात्मक अवधारणा तोड़ सकते हैं। 1980 के दशक के आरंभ में उन्होंने नायकन फिल्म (तमिल) के एक डब संस्करण के साथ हिन्दी फिल्मों में अपना रास्ता बनाया। लेकिन यह बहुत बाद में हुआ था, जब उन्होंने अच्छी तरह से रोज़ा, बॉम्बे, रावण, दिल से, साथी, युवा और गुरू जैसे बहुभाषी फिल्मों के साथ दर्शकों को एक नए जनसांख्यिकी से रूबरू कराया।

10.आशुतोष गोवारीकर – अब एक ऐसे निर्देशक की बात करते हैं, जिनको सिल्वर स्क्रीन पर बहुतायत प्यार मिला है और जो जिन्दगी से बढ़कर सिनेमा में विश्वास करते है – उस हस्ती का नाम आशुतोष गोवारीकर है। गोवारीकर द्वारा निर्देशित सबसे बेहतरीन फिल्मों की सूची में पहली नशा, बाजी, लगान, स्वदेश, जोधा अकबर और मोहनजोदड़ो शामिल हैं। हमें उम्मीद है कि गोवारीकर बड़ी स्क्रीन पर पारम्परिक फिल्में बनाएँगे।