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आशा भोंसले के जन्मदिन (8 सितंबर) पर विशेष: आशा भोंसले के सर्वोत्तम 10 प्रसिद्ध गीत

September 8, 2017


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आशा भोंसले

आज भी भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में आशा भोंसले की मधुर आवाज गूंजती है। हिंदी सिनेमा की एक अग्रणी आवाज की मालकिन आशा भोंसले ने फिल्म उद्योग में अपनी बहुमुखी आवाज की सहायता से अपने मार्ग की बाधाओं को दूर करके अपने लिए एक जगह बनाई। एक ज्वलंत उदाहरण यह है कि उनके गीत शास्त्रीय,  पॉप,  कैबरेट्स, गजल और पश्चिमी शैली आदि से प्रभावित होते हैं। उनके गीत सुंदर और आनंदमय हैं। आशा भोंसले ने हिंदी फिल्म चुनरिया (1948) के साथ अपना पार्श्वगायन आरंभ किया। असाधारण क्षमता वाली एक गायिका के रूप में पहचानी जाने वाली, आशा भोंसले ने बॉलीवुड में एक हजार से भी अधिक गीत गाए हैं और इन्हें आधिकारिक तौर पर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा 2011 में, संगीत इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित कलाकारा (गायिका) के रूप में स्वीकार किया गया था। आशा भोंसले को सन 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्रोतागण आज भी उनकी आवाज के आकर्षण से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं क्योंकि पिछले 60 वर्षों में उनकी आवाज़ में जरा सा भी परिवर्तन नहीं हुआ है।

हिंदी स्वर-साम्राज्ञी आशा जी के कुछ एकल गीत यहां दिए गए हैं-

आइए मेहरबाँ

यह सदाबहार गीत, शक्ति सामंत द्वारा निर्देशित फिल्म हावड़ा ब्रिज (1958)  से है, जिसने समय पर अपना सिक्का जमा लिया था। आशा भोंसले की मधुर आवाज़ से सुशोभित यह खूबसूरत समकालीन गीत आज भी लोकप्रिय है। इस फिल्म के गीत, प्रसिद्ध गीतकार और उर्दू रचनाकार कमल जलालाबादी द्वारा लिखे गए हैं। गीत आइए मेहरबाँ बैठिये जानेजाँ को मधु बाला और अशोक कुमार पर फिल्माया गया।

पिया तू अब तो आजा

यह मधुर गीत बॉलीवुड की एक रहस्यमयी फिल्म कारवाँ (1971) से है, जिसे आशा भोंसले ने गाया था। हेलेन के नृत्य और आशा ताई की मधुर आवाज के समायोजन ने इस गीत को हिट बनाया। नब्बे के दशक के दौरान इस नृत्य के बिना, पार्टी आयोजन की कल्पना कर पाना भी मुश्किल था। आशा भोंसले  को इस गीत में सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायन के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

दम मारो दम

यह गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित और आर.डी. बर्मन द्वारा संगीत-सुशोभित फ़िल्म हरे रामा हरे कृष्णा (1971) से है और शास्त्रीय तथा सांस्कृतिक रूप से परिपूर्ण है। गीत दम मारो दम को अभिनेत्री ज़ीनत अमान पर फिल्माया गया था। आर. डी. बर्मन और आशा भोंसले की टीम अपने दर्शकों को आकर्षित करने में कभी नाकाम नही रही और दम मारो दम इसी श्रेणी का एक ऐसा ही गीत था। यह गीत हिप्पी(नवीन) पीढ़ी का एक गीत माना जाता है जिसने आशा ताई को फिल्मफेयर अवॉर्ड जिताया।

चुरा लिया है तुमने जो दिल को

नब्बे के दशक के इस रोमांटिक समकालीन गीत ने सभी के  दिल के तारों को छू लिया है। नासिर हुसैन द्वारा निर्देशित 1973 में आई भारतीय फिल्म यादों की बारात से लिया गया। यह गीत चुरा लिया है तुमने जो दिल को एक शाश्वत गीत है। जब भी यह गीत बजाया जाता है तो आशाजी की प्रतिष्ठित आवाज़ अब भी दिल में गूँज उठती है। यह शास्त्रीय गीत, आर. डी. बर्मन के शानदार संगीत और आशा ताई की अनुपम आवाज़ का एक अनुकरणीय उदाहरण है।

दुनिया में लोगो को

आशा भोंसले ने दुनिया में लोगो को और पिया तू अब तो आजा जैसे खुशनुमा गीतों के साथ भारतीय संगीत उद्योग में स्थान प्राप्त किया और 1972 हिंदी फिल्म से यह साबित हुआ। इस फिल्म का निर्देशन जंबू ने किया था और संगीत आर.डी.बर्मन ने दिया था। फिल्म अपना देश बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी। फिल्म अपना देश(1972), तेलगू फिल्म कथनयकुड़ु की रीमेक थी।

खतूबा

फिल्म अली बाबा और चालीस चोर (1979) के गीत खतूबा में आशा भोंसले की आवाज़ नहले पर दहले का काम करती है। इस गीत में एक आकर्षक अरबी तड़का (मस्ती) है।

मेरा नाम है शबनम

1971 में आई फिल्म कटी पतंग में अभिनेत्री बिंदू पर फिल्माया गया गीत मेरा नाम है शबनम, बात-गीत की शैली में है। इस गीत को भारतीय संगीत उद्योग का पहला रैप गीत माना जाता है। इस प्रायोगिक गीत को जनता से भरपूर प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कटी पतंग, 1969 से 1974 के बीच राजेश खन्ना की 17 लगातार हिट फिल्मों में से एक थी।

जरा सा झूम लूँ मैं

राज और सिमैन की प्रतिष्ठित प्रेम कहानी अब भी नब्बे के दशक के लोगों के लिए एक प्रेरणा है। आशा भोंसले की शाश्वत आवाज़ के साथ यह चंचल गीत और भी आश्चर्यजनक हो जाता है। मधुबाला से काजोल तक की अभनेत्रियों के लिए गायन करके, आशा ताई निश्चित रूप से एक लंबा सफर तय कर रही हैं और दूसरों के लिए एक बड़ा लक्ष्य तैयार कर चुकी हैं। इस बहुमुखी गायिका द्वारा गाया गया यह गीत जतिन-ललित द्वारा बनाया गया था और शाहरुख खान तथा काजोल पर फिल्माया गया था। आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्देशित, डीडीएलजे अभी भी एक पसंदीदा है और बीस वर्षों की अवधि के बाद अब भी मुंबई में मराठा मंदिर थियेटर में दिखाया जा रहा है।

दीवाना हुआ बादल

1964 में आई फिल्म कश्मीर की कली, जिसमें शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर, प्राण, धूमल, नाजिर हुसैन और अनूप कुमार ने भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी। यह फिल्म वर्ष भर में सबसे अधिक कमाई करने वाली 6 फिल्मों में से एक थी। इस गीत को शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर पर फिल्माया गया था। इस फिल्म का संगीत ओ.पी.नैयर ने तैयार किया था और गीत एसएच बिहारी द्वारा लिखे गए थे।

मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा

यह मंत्रमुग्ध करने वाला गीत  1987 में जारी  फिल्म इज्जत का है जो आर.डी बर्मन द्वारा रचित, आशा भोंसले द्वारा गाया गया और नसीरुद्दीन शाह और अनुराधा पटेल पर फिल्माया गया है।