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अक्टूबर से मेजेंटा लाइन पर चालक रहित मेट्रो ट्रेनों का संचालन

June 30, 2017


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driverless-metro-train-hindiदिल्ली में मेट्रो यात्रियों के लिए एक बड़ा आश्चर्य है। बहुत जल्द ही दिल्ली की मेट्रो पहली चालक रहित ट्रेनें होंगी। लगभग 3 महीने के समय के बाद दिल्ली के मेट्रो यात्री ऐसी ट्रेनों के संचालन के साक्षी होंगे जो चालक रहित स्वचालित मोड पर चलेंगी।

अक्टूबर 2017 में, जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन तक की लाइन को कवर करने वाली मेट्रो ट्रेन, जिसे मेजेंटा लाइन भी कहा जाता है, चालकों के बिना अपनी गति निर्धारित करेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की रिपोर्ट के अनुसार, इस लाइन को आंशिक रूप से इस साल के अक्टूबर में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। एक बार मेजेंटा लाइन का कार्य पूरा होने पर पश्चिम दिल्ली से नोएडा की यात्रा, सीधे एक गलियारे के माध्यम से एक घंटे से भी कम समय में तय की जाएगी।

गलियारे के दो हिस्सों पर तीसरे चरण का परीक्षण कार्य पहले से ही चल रहा है।  यह मेट्रो कालकाजी स्टेशन से बॉटनिकल गार्डन और जनकपुरी पश्चिम से टर्मिनल 1 – आईजीआई एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन तक के क्षेत्र को कवर करती है। इनके बीच की दूरी क्रमशः 13 किलोमीटर और 10 किलोमीटर है।

मजलिस पार्क से लगाकर शिव विहार (पिंक लाइन) के बीच लाइन का कार्य पूरा हो जाने के बाद तीसरे चरण का विस्तार पूरा हो जाएगा। इसकी पूर्ण होने की अस्थायी तिथि मार्च 2018 तक है। कुछ दिनों पहले पिंक लाइन पर पहला परीक्षण किया गया था। अगस्त 2016 से कालिंदी कुंज और मेजेंटा लाइन के कालकाजी मंदिर के खंडों में परीक्षण चल रहा है।

चालक रहित मेट्रो ट्रेनें अत्यधिक स्वचालित ट्रेनें हैं, जो ट्रेन के संचालक के बिना या यूटीओ मोड पर चलेंगी। पिंक लाइन और मेजेंटा लाइन दोनों में आधिकारिक तौर पर चालक रहित मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। शुरू में, ट्रेनों को चालकों के द्वारा चलाया जाएगा, लेकिन डीएमआरसी के अनुसार धीरे-धीरे ट्रेनें यूटीओ मोड (चालक रहित मोड) पर चलने लगेंगी।

मेजेंटा लाइन के साथ, दक्षिण दिल्ली के कई क्षेत्रों को मेट्रो मानचित्र पर शामिल किया जाएगा। मेजेन्टा लाइन गुरूग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच यात्रा समय कम करने में काफी मदद करेगी। वर्तमान में, मेट्रो यात्रियों को गुरूग्राम और नोएडा के मध्य यात्रा करने कि लिये राजीव चौक तथा गुरूग्राम से फरीदाबाद के मध्य यात्रा करने के लिये मुख्य सचिवालय में ट्रेन को बदलना पड़ता है।

सफल सांकेतिक परीक्षण दौर के बाद, मेजेंटा और पिंक लाइनों पर चालक रहित मेट्रो ट्रेनों का आधिकारिक तौर पर मेट्रो रेलवे सुरक्षा (सीएमआरएस) के आयुक्तों द्वारा सुरक्षा का निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षण दौर में संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण (सीबीटीसी), ट्रैक प्रणाली के व्यवहार और इकाइयों पर विद्युतीकरण (ओएचई) के लिए कठोर परीक्षण शामिल हैं। एक बार सीएमआरएस से हरा संकेत मिल जाने पर, दिल्ली अक्टूबर 2017 में चालक रहित मेट्रो ट्रेनों की गवाह बन जाएगी।