Home / / भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने लॉन्च किया खेल प्रतिभा पोर्टल

भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने लॉन्च किया खेल प्रतिभा पोर्टल

August 29, 2017


Please login to rate

भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने खेल प्रतिभा पोर्टल लॉन्च किया

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने केंद्र सरकार की एक परियोजना के तहत 28 अगस्त को राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज पोर्टल का शुभारंभ किया। जिसकी प्रतीक्षा काफी समय से सभी को थी। यह पोर्टल भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में शुरू किया गया था। केन्द्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा– और शायद यही सही भी है, खेल क्षेत्र में भारत के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों में से एक यह है कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जैसे विभिन्न स्तरों पर उचित चयन की कमी है।

प्रतिभा में बाधा

जैसा कि खेल मंत्री ने ज्यादातर मामलों में बताया है कि यह भावना वास्तविक प्रतिभामुखी एथलीटों और खिलाड़ियों को प्रभावित करती है। यह भी प्रभावित करता है कि विभिन्न खेल स्पर्धाओं में राष्ट्रीय और राज्य टीमें विभिन्न कार्यक्रमों में कैसे प्रदर्शन करती हैं। गोयल ने कहा है कि वर्तमान सरकार इसे एक बड़ा मुद्दा मानती है और यही वजह है कि यह मुद्दा शीर्ष पर लाया जा रहा है। इस पोर्टल पर 8 वर्ष की उम्र का बच्चा या माता-पिता और उसके शिक्षक उसकी खेल उपलब्धियों को अपलोड कर सकते हैं। केंद्रीय खेल मंत्री ने यह भी कहा है कि उनके मंत्रालय और साथ ही साथ भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) द्वारा इन्हें सबसे अच्छे बच्चों की सूची में शामिल करते समय इस रिकॉर्ड को ध्यान में रखा जाएगा।

खेलो इंडिया कार्यक्रम

नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मन की बात के एक एपिसोड के दौरान एक अन्य कार्यक्रम ‘खेलो इंडिया’ का शुभारंभ किया। इस बारे में बताई गई नई वेबसाइट भारत के प्रधानमंत्री द्वारा अवधारित एक और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के एक भाग के रूप में लॉन्च की जा रही है। संयोगवश नई योजना शुरू होने के अगले दिन ही (29 अगस्त) को भारत के सबसे प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी के स्वर्ण युग के प्रमुख सदस्य ध्यान चंद का जन्मदिन होता है। 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

इस पोर्टल की विशेषताएं और यह कैसे मदद कर सकता है

विशेष रूप से  इच्छुक लोगों को इस पोर्टल का एक हिस्सा बनने के लिए तीन चरणों वाली एक सरल प्रक्रिया का पालन करना होगा। सबसे पहले उन्हें पंजीकरण करना होगा और फिर स्वयं की एक प्रोफाइल बनानी होगी। अन्तिम चरण में उन्हें अपनी आज तक की सभी खेल की उपलब्धियों को अपलोड करने की आवश्यकता होगी। गोयल ने आगे कहा है कि सभी प्रोफाइलों में से 1000 बच्चों का चयन किया जाएगा। चयनित बच्चों को आठ साल की अवधि तक प्रति वर्ष 5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

किसी भी तरह की भाषा के अवरोध को दूर करने के लिए  पोर्टल अंग्रेजी और साथ ही अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी पहुँचाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि किसी विशेष खेल में उत्कृष्ट क्षमता रखने वाले लड़के या लड़कियां किसी भी तरह की कठिनाई का सामना किए बिना ही भारत के किसी भी हिस्से से अपनी प्रोफ़ाइल अपलोड कर सकते हैं।

इच्छुक खिलाड़ियों के लिए स्मार्टफोन पर एक ऐप के रूप में आसानी से डाउनलोड किया जा सकने वाला पोर्टल उपलब्ध है। सभी पूर्ववर्ती सुविधाओं के लिए धन्यवाद और इस विशेष पोर्टल की पहुँच एक प्रभावी हवा की तरह होने की संभावना है।  इस प्रकार, निश्चित रूप से देश में यह खेल उन्नति की दिशा में उल्लेखनीय कदम के रूप में देखा जा सकता है और बाद में जल्द ही यह खेल-कूद की क्षमता को पूरा करने में संभावित मदद कर सकता है।