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क्रिकेट के इतिहास में शीर्ष 10 तेज गेंदबाज

July 7, 2018


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fast-bowler-hindiपिछले कुछ वर्षों से क्रिकेट की लोकप्रियता में उत्तरी देशों का झुकाव ज्यादा देखा गया है। कुछ क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए क्रिकेट की लोकप्रियता धर्म से कम नहीं है। बल्लेबाजों के भड़कीले और त्रुटिहीन शॉट क्रिकेट के मैदान पर लोगों के आकर्षण का कारण बनते हैं। गेंदबाज खेल का अहम हिस्सा होते हैं। मजबूत गेंदबाजी टीम के लिए एक बड़ी ताकत साबित होती है। समय के साथ, गेंदबाजों की गेंदबाजी की कला में भी बहुत बदलाव आए हैं, जिसके परिणामस्वरूप तेज गति वाले गेंदबाजों ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। युवा गेंदबाजों और साथ ही अनुभवी गेंदबाजों ने तेज गेंदबाजी का अच्छा प्रदर्शन किया है।

विश्व क्रिकेट ने क्रिकेट मैच को कुछ शानदार गेंदबाजों के साथ संपन्न किया है। जिसमें गेंदबाजों ने अपनी गति और सटीक गेंदबाजी  के घातक मिश्रण कर अपनी एक छाप छोड़ी है। आइए क्रिकेट के इतिहास के शीर्ष 10 सबसे तेज गेंदबाजों पर नजर डालें:

शोएब अख्तर: शोएब अख्तर को ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है। इस पाकिस्तानी क्रिकेटर को अभी तक के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने 2003 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 100.2 मील प्रति घंटे (161.3 किमी प्रति घंटे) की गति से सबसे तेज गेंदबाजी कर के विश्व रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।

ब्रेट ली: ये अपनी गति और तकनीकों के लिए जाने जाते है, ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली को दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाजों की सूची में एक सम्मानजनक स्थान मिला है। 2005 में नेपियर की द्विपक्षीय सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 160.8 किमी प्रति घंटा की गति से सबसे तेज गेंदबाजी की थी। ब्रेट ली टेस्ट मैच में 310 और वनडे में 380 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। 38 वर्षीय ब्रेट ली ने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रीरूपों से संन्यास ले लिया था।

शॉन विलियम टेट: यह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और वर्तमान में ज्यादातर टी-20 प्रारूप में खेलते हैं। इनको “वाइल्ड थिंग” के नाम से भी जाना जाता है। टेट ने 2010 में पाकिस्तान के खिलाफ टी -20 मैच में 160.7 किमी प्रति घंटे की गति सें गेंदबाजी की थी। यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज गेंदबाज माने जाते हैं। इन्होनें 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान में 161.1 किमी प्रति घंटे की गति से सबसे तेज गेंदबाजी की थी और यह शोएब अख्तर के बाद दूसरे पायदान पर सबसे तेज गेंदबाज माने जाते हैं।

डेल विलियम स्टेन: यह दक्षिण अफ्रीका के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं जो आमतौर पर 145 से 150 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी करते हैं। डेल स्टेन ने 2010 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान 156.2 किमी प्रति घंटे की गति से सबसे तेज गेंदबाजी की थी। स्टेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज 155.7 किमी प्रति घंटे (96.8 मील प्रति घंटे) की गति से एक गेंद डाली थी। जहाँ उन्हें लसिथ मलिंगा के साथ सबसे तेज गेंदबाज का ओहदा मिला था।

लसिथ मलिंगा: केवल मलिंगा ही राउंड-आर्म गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, श्रीलंका के तेज गेंदबाज मलिंगा ने 2011 में मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ 155.7 किमी प्रति घंटे की तेज गति से गेंदबाजी की थी।

शेन बॉण्ड: यह न्यूजीलैंड के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज हैं। बॉन्ड गेंदबाजी में गति, नियंत्रण और सटीकता के कारण जाने जाते हैं। ये सभी गुण क्रिकेट की दुनिया में शीर्ष तेज गेंदबाजों की महानता के सूचक हैं। 2003 के विश्व कप में, इस दाएं हाथ के गेंदबाज की सबसे तेज गति 156.4 किमी प्रति घंटा में मापी गयी थी।

जेफरी रॉबर्ट थॉमसन: थॉमसन को क्रिकेट के इतिहास में भयंकर तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है, जेफरी थॉमसन को 1970 के दशक में सबसे आक्रामक क्रिकेटरों में से एक माना जाता था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1975 में 160.4 किमी प्रति घंटे की गति से गेंद डाली थी।

एंडी रॉबर्ट्स: सर एंडी रॉबर्ट्स को एक शानदार तेज गेंदबाज के रूप में जाना जाता है। यह एक टेस्ट मैच की एक पारी में दो बार 7-7 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने 1975 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 159.5 किमी प्रति घंटे की गति से तेज गेंदबाजी करने का एक नया आयाम हासिल किया था।

फिडेल एडवर्ड्स: वेस्ट इंडीज के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एडवर्ड्स को राउंड-आर्म गेंदबाजी के लिए, इनकी तुलना जेफरी थॉमसन के समान की गयी है। एडवर्ड्स ने 2003 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक मैच के दौरान लगभग 100 मील प्रति घंटे तक की गति से एक गेंद डाली थी, जिसके बाद उनको एक सफल गेंदबाज के रुप में जाना जाने लगा था।

मोहम्मद सामी: यह पाकिस्तान के एक दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और शोएब अख्तर के बाद इन्हे सबसे तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है। यह अपनी तेज गति और यॉर्कर्स के लिए जाने जाते हैं। सामी केवल गेंदबाजी करते हैं और ये  खेल के सभी प्रारूपों में हैट-ट्रिक ले चुके हैं। उन्होंने 2003 में शारजाह कप के आयोजन के दौरान, जिम्बाब्वे के खिलाफ 156.4 किमी प्रति घंटे की तीव्र गति से गेंदबाजी की थी।

क्रिकेट के इतिहास में उपरोक्त शीर्ष दस तेज गेंदबाजों के अलावा, भारत में भी ऐसे कुछ गेंदबाज हैं जो इन गेंदबाजों के करीब आ गए थे। उनमें से कुछ अभी भी सबसे बड़ी गेंदबाजों के संघ में शामिल होने की क्षमता रखते हैं। 1999 के विश्व कप में जवागल श्रीनाथ ने 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की थी, जिसके कारण ये भारत के सबसे तेज गेंदबाज बन गए थे। इशांत शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2008 में 152.6 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की थी। वरुण एरोन ने 2014 में भारत-श्रीलंका की श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्होंने 152.5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की थी, जिसके कारण यह भारत के तीसरे सबसे तेज गेंदबाज बन गए। श्रीलंका में एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान उमेश यादव ने लगभग 152.2 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से गेंदबाजी की थी। 2003 के विश्वकप के दौरान दक्षिण अफ्रीका में आशीष नेहरा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक गेंद 149.7 की गति से डाली थी।