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कला स्नातक के बाद नौकरी वाले पाठ्यक्रम

July 25, 2018


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कला स्नातक के बाद नौकरी वाले पाठ्यक्रम

इस तथ्य के बारे में कोई संदेह नहीं है कि आजकल नौकरियों के लिए बहुत मुश्किल हो रही है। केवल स्नातक की डिग्री पाना पर्याप्त नहीं है, जब पूरा विश्व प्रासंगिक नौकरी पाने के लिए व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के मामले में आगे बढ़ रहा हो। जब आप अपने स्नातक के दौरान कला या मानविकी लेते हैं, तब शिक्षा, मीडिया, वेश-भूषा, पर्यटन, जीवन शैली, आतिथ्य, सरकारी और निजी क्षेत्रों आदि में रोजगार पाने की अधिक उम्मीद की जाती है। पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के लिए और व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने के लिए आगे पढ़ना उचित है ताकि नौकरियों की प्रतियोगिता में आगे रह सकें।

कला वर्ग में रोजगार दिलाने वाले लोकप्रिय पाठ्यक्रम-

 रेगुलर पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम

मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए): कला से स्नातक होने के बाद सबसे संभावित कैरियर विकल्प मैनेजमेंट या मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है। किसी प्रतिष्ठित संस्थान से किया गया 2-वर्षीय प्रबंधन पाठ्यक्रम बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर की संभावना उत्पन्न करता है। प्रवेश परीक्षा, समूह चर्चा और साक्षात्कार को पास करने वाले स्नातक छात्र प्रबंधन पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं। सर्वोत्तम संस्थानों द्वारा आयोजित कुछ प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाएं कैट / मैट / एक्सएटी / एफएमएस / आईआईएफटी / एसएनएपी हैं।

मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए): प्रतिष्ठित संस्थान से एम.ए की डिग्री प्राप्त करने के बाद एम-फिल और पीएचडी कार्यक्रमों के लिए दरवाजे खुले रहते हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से शिक्षा और अनुसंधान में नौकरी के अवसरों को बढ़ाता है। इसके अंतर्गत आने वाले विशेष विषयों में कला, मानविकी और सामाजिक विज्ञान हैं। यह सभी विषय मास्टर ऑफ आर्ट्स श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

लोकप्रिय व्यावसायिक पाठ्यक्रम

होटल मैनेजमेंट: होटल उद्योग में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके लिए पात्रता स्नातक से नीचे 10+2 है। स्नातक कर चुके छात्र होटल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। डायटेटिक्स एंड हॉस्पिटल फूड सर्विस, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोनॉजी, सर्टिफिकेट कोर्स इन होटल केटरिंग मैनेजमेंट, एमबीए इन टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएशन इन प्रोग्राम मैनेजमेंट (पीजीपीएम) और इंटरनेशनल  डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट आदि स्नातक के बाद सबसे लोकप्रिय प्रबंधन पाठ्यक्रम हैं।

यात्रा और पर्यटन: पर्यटन उद्योग एक और क्षेत्र है जिसमें उज्ज्वल रोजगार की संभावनाएं हैं। स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद यात्रा और पर्यटन पाठ्यक्रम राज्य पर्यटन विभाग, आप्रवासन और सीमा शुल्क, ट्रैवल एजेंसियों आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के लिए उम्मीदवार योग्य बनाता है। पर्यटन उद्योग में स्नातक होने के बाद डिप्लोमा और सर्टीफिकेशन पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। मास्टर ऑफ टूरिस्म एडमिनिस्ट्रेशन (एमटीए) पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित दो साल का कोर्स है। यात्रा और पर्यटन के क्षेत्र में स्नातक होने के बाद कुछ अन्य लोकप्रिय पाठ्यक्रम हैं जिनमें डिप्लोमा इन डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, एडवांस डिप्लोमा इन ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टूरिज्म मैनेजमेंट तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टूरिज्म (पीजीडीटी) आदि शामिल हैं।

मास कम्युनिकेशन: प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विस्तार की प्रवृत्ति ने कई रास्ते खोल दिए हैं। मास कम्युनिकेशन में किया गया पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पत्रकारिता, फिल्म और विज्ञापन, जनसंपर्क, डिजिटल संचार, मनोरंजन प्रबंधन और मीडिया आदि में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाता है। इस उद्योग में किये जाने वाले लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में मास्टर ऑफ साइंस इन मास कम्यूनिकेशन, मास्टर ऑफ आर्ट इन मास कम्यूनिकेशन, मास्टर ऑफ आर्ट इन जर्नलिज्म, मास्टर ऑफ स्टडीज तथा मास्टर ऑफ कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज्म आदि हैं।

मल्टीमीडिया और 3 डी एनिमेशन: स्नातक के बाद मीडिया, मनोरंजन, शिक्षा, मोबाइल एप्लिकेशन या विज्ञापन की दुनिया में अपना कैरियर शुरू करने के लिए स्पेसिलाइजेशन इन मल्टीमीडिया एंड एनीमेशन एक आदर्श पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम आपको एक डिजिटल दुनिया बनाने में मदद करता है जो दर्शकों को ग्राफिक्स, इमेज, टैक्स्ट, वीडियो और साउंड के माध्यम से जोड़ता है। इसमें लोगो डिजाइनर, ग्राफिक्स डिजाइनर, गेम डिजाइनर, मल्टीमीडिया डिजाइनर, 3 डी आर्ट डायरेक्टर, गेमिंग आर्टिस्ट, एनीमेशन फिल्म मेकर आदि के रूप में बहुत सारे अवसर हैं।

बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) और नेट: यदि आप शिक्षण व्यवसाय में रुचि रखते हैं, तो स्नातक होने के बाद बीएड एक बहुत आवश्यक डिग्री है। बीएड. डिग्री के बाद आप सरकारी या निजी दोनों स्कूलों में नौकरी पाने योग्य हो जाते हैं। दूसरी तरफ, नेट के साथ पोस्ट ग्रेजुएट, आपको महाविद्यालयों या विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए विकल्प प्रदान करता है।

विदेशी भाषा: उचित कारोबारी लेनदेन के लिए आसान संचार की सुविधा के लिए विदेशी भाषा विशेषज्ञ या अनुवादकों की कॉर्पोरेट जगत और दूतावासों में काफी मांग है। विदेशी भाषा में कुछ प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम और पीजी डिप्लोमा कोर्स हैं। कुछ विदेशी भाषाओं में पीएचडी का चयन भी कर सकते हैं और ये भारत में चयनित विश्वविद्यालयों में उपलब्ध हैं। आप राजनयिक सेवा पेशेवर, अनुवादक, विदेशी भाषा प्रशिक्षक, इंटरप्रेटर आदि की भूमिका निभा सकते हैं।

फैशन और वस्त्र डिजाइनिंग: विश्वविद्यालय के आधार पर यह दो साल का नियमित पीजी कोर्स या 1 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स हो सकता है। फैशन और वस्त्र डिजाइनिंग में किये गये पोस्टग्रेजुएट मैनेजमेंट कोर्स से कपड़ा, परिधान, फुटवियर, एसेसरीज और फैशन तथा अन्य क्षेत्रों में कमाई के कई अवसर हैं। मार्केटिंग, रिटेलिंग, मर्चेंडाइजिंग, ब्रांड मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, एक्सपोर्ट मैनेजमेंट और मार्केट रिसर्च आदि विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त की जा सकती है। कुछ प्रमुख संस्थान जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) और पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन आदि इन पाठ्यक्रमों की पेशकश करते हैं।