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डब्ल्यूईएफ के यात्रा और पर्यटन रैंकिंग में भारत ने बनायी 12 स्थानों की बढ़त

May 31, 2017


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विश्व आर्थिक मंच की यात्रा और पर्यटन रैंकिंग में भारत को 40 वां स्थान मिला है। इस तरह भारत अब 12 अंक उपर चढ़ गया है। स्पेन लगातार दूसरी बार नंबर एक पर कब्जा बनाए हुए है। रैंकिंग में अगले तीन शीर्ष देश क्रमशः फ्रांस, जर्मनी और जापान हैं। वास्तव में, नई सूची में जापान ने पाँच अंकों की बढ़त हासिल की है। स्विट्जरलैंड, जो पारंपरिक रूप से यूरोप में पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा स्थलों में से एक है, इस सूची में 10 वें स्थान पर रहा। दक्षिण एशिया में भारत सबसे प्रिय पर्यटन स्थल है, इसके बाद भूटान और नेपाल को पसंद किया जाता है।

सूचकांक कैसे काम करता है?

निम्न कारकों से इस सूचकांक का निर्माण किया गया है-

  • हवाई परिवहन अवसंरचना
  • जमीन और बंदरगाह की बुनियादी सुविधायें
  • पर्यटन सेवा का बुनियादी ढांचा
  • यात्रा और पर्यटन की प्राथमिकता
  • मूल्य प्रतिस्पर्धा

इस रिपोर्ट का नाम “ट्रैवल एंड टूरिज्म कॉम्पेटेटिवनेस रिपोर्ट 2017” रखा गया है। यह स्थिर और समावेशी भविष्य के लिए एक रास्ता बनाती है 2017 में प्रकाशित इस रिपोर्ट का यह सातवाँ संस्करण है।

इस प्रकाशन के विषय से पता चलता है कि विश्व आर्थिक मंच यह सुनिश्चित करने के लिए अधिक जोर दे रहा है कि यह उद्योग एक सुरक्षित माहौल में स्थायी तरीके से बढ़ता है, सबसे अच्छा मान लेने पर यह अनिश्चित बना रहता है।

भारत की पर्यटन क्षमता

विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (डब्ल्यूईएफ) में दुनिया के शीर्ष 136 पर्यटन स्थल प्रदर्शित किये गये हैं। वास्तव में रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जहाँ तक कि कोई देश ​​शीर्ष 50 में अपनी जगह बनाता है तो यह उस देश की मेहनत का फल है। एक देश के रूप में भारत की सांस्कृतिक विरासत किसी भी रूप में समृद्ध और विविधतापूर्ण है और इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी बेमिसाल है। इसका मतलब यह है कि भारत में पर्यटन स्थल हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में एक सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या यह अपने महत्वपूर्ण वादे को पूरा करने में सक्षम होगा या नहीं?

क्या कहते हैं अंक?

संख्या वास्तव में एक बहुत जटिल कहानी बताती है। पिछले 17 सालों में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ती रही है केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का कहना है कि 2016 में भारत ने 8.89 मिलियन पर्यटकों की मेजबानी की जबकि सन् 2000 में यह संख्या 2.65 मिलियन थी। हालांकि, अन्य देशों की तुलना में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं है। इस संबंध में 2016 में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन था लेकिन यह प्रदर्शन अभी भी फ्रांस जैसे देशों के आस-पास भी नहीं था।

रिपोर्ट भारत के बारे में क्या कहती है?

रिपोर्ट ने भारत के संकेत और आह्वान पर पारंपरिक संसाधनों को सुधारने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस अवधि में भारत ने अपने सांस्कृतिक स्थलों की रक्षा की है और इसकी डिजिटल उपस्थिति में बहुत सुधार हुआ है। भारत के उदय में एक प्रमुख कारक अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों की खुलकर आने की इच्छा रही है। सरकार ने ई-वीजा प्रदान करने और आगमन पर वीजा प्रदान करने जैसी मजबूत नीतियाँ बनाई हैं। यहाँ परिवहन की बुनियादी सुविधाएं भी बढ़ी हैं और बदले में यात्रा और पर्यटन उद्योग को फायदा हुआ है।