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भारतीय रेलवे ने ई-टिकट पोर्टल का हिंदी में किया शुभारंभ

August 10, 2017


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E-Ticketing_hindiभारतीय रेलवे ने 2011 में अपनी ई-टिकट सेवा की शुरूआत की थी। हालांकि, अभी तक यह सेवा केवल अंग्रेजी में उपलब्ध थी। एक ऐसे देश में जहाँ निसंदेह हिन्दी अधिक उपयोग की जाती है और अंग्रेजी अधिकतर शहरी क्षेत्रों (जनसंख्या) तक ही सीमित है, भारतीय रेल द्वारा शुरू की गई ई-टिकट सेवा का उच्च स्तर पर उपयोग नहीं किया जा रहा था।

भारतीय रेलवे ने, अधिकतम रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार और इसमें बढ़ावे के लिए तथा ई-टिकट सुविधा को लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता पर प्रतिक्रिया देते हुए, अपने सभी यात्रियों को यात्रा का बेहतर अनुभव प्रदान करने हेतु,अब ई-टिकट पोर्टल को हिंदी में लॉन्च किया है।

यह साधारण व्यक्तियों को दलालों और ट्रेवल एजेंटों द्वारा की जाने वाली ठगी या वसूले जाने वाले अधिक किराये से बचाने में मदद करेगा और साथ ही अधिक लोगों के लिए देश भर में नवीनता, पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित करेगा।

रेल मंत्रालय द्वारा ई-टिकट सेवा को हिंदी में शुरू करने से, ई-टिकट सुविधा का उपयोग करने वाले लोग टिकट बुकिंग में होने वाली समस्याओं से न केवल बच पायेगें बल्कि विभिन्न स्टेशनों पर उपलब्ध किराये और ट्रेनों के आवागमन को समझने तथा साथ-साथ ऑफरों और छूटों का लाभ लेने में भी सक्षम होंगें।

ई-टिकट और इसके लाभ

  • पारदर्शी रूप से टिकट की उपलब्धता
  • टिकट लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होने से मुक्ति
  • इसमें ट्रेवल एजेंसियों और व्यवसायिक संगठनों की कोई भूमिका नहीं हैं, इसलिए आयोग को कोई भी भुगतान नहीं किया जाना है।
  • ट्रैवल एजेंटों पर पहले से आईआरसीटीसी के पोर्टल पर बुक किये गए टिकटों को ब्लॉक करने के आरोप लगाये गए थे ताकि बाद में वह इन टिकटों को प्रीमियम (लाभ) पर बेच सकें। भारतीय रेल केवल उपयोगकर्ता को व्यक्तिगत तौर पर पोर्टल पर टिकट बुक (आरक्षित) करने की अनुमति देता है।
  • भुगतान करने में कोई परेशानी नहीं होगी और भुगतान करने में नकदी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • यह पूरा कार्य पेपर लेस और पर्यावरण के अनुकूल होगा यानी इसमें कागज की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा।
  • ई-टिकट सेवा indianrailways.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध है।

रेल मंत्रालय द्वारा किये गये प्रयास

रेल मंत्रालय ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के नेतृत्व में भारतीय नागरिकों हेतु रेल यात्रा को किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्त और आरामदायक बनाने के लिए बहुत सारे प्रयास किये हैं।

  • व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना की जा रही है ताकि यात्रियों को एक बेहतर रेल सेवा प्रदान की जा सके।
  • अगली पीढ़ी की टिकट प्रणाली को प्रभु के सामने पेश किया गया था, इस प्रणाली से जहाँ आईआरसीटीसी वेबसाइट एक साथ 2000 उपयोगकर्ताओं को संभालती थी वहीं अब इस वेबसाइट की क्षमता एक साथ लगभग 15000 उपयोगकर्ताओं को संभालने की हो गई है।
  • डिजिटलीकरण और ईआरपी के तहत की गई वन-आईसीटी (भारत और विदेशों से सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की मदद से सेवाओं और संचालन को उन्नत और आधुनिक बनाने का उद्देश्य) पहल से 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की गई है।
  • रेल मंत्रालय ने सभी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पूर्णतया ऑनलाइन भर्ती परीक्षा भी आयोजित की, यह विश्व की अब तक की सबसे बड़ी ऑलनाइन भर्ती परीक्षा है।
  • 8000 से ज्यादा स्टेशनों के साथ इस कार्यक्षेत्र में भारतीय रेलवे, रेल यात्रियों को एक आरामदायक और सहज यात्रा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
  • यात्रियों को अधिक आराम प्रदान करने के लिए नियमित अंतराल पर सुख-सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

भारतीय रेलवे के लिए यह एक बहुत ही अच्छी खबर है, खासकर उनके लिये जिससे यह गलत कारणों से खबरों में था, सीऐजी (कैग) ने खुलासा किया था कि ट्रेनों में परोसा जाने वाला भोजन मानव उपभोग के लिए योग्य नहीं था।