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रवि शास्त्री होंगे भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच

July 14, 2017


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ravi-shastri-is-the-new-coach-for-indian-team-hindiरवि शास्त्री भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के नए कोच बन गये हैं, कई दिनों से भारतीय क्रिकेट टीम को नये कोच का इंतजार था। उन्होंने रिचर्ड पाइबस, टॉम मूडी और लालचंद राजपूत जैसे अन्य उम्मीदवारों पर जीत हासिल की। फिलहाल शास्त्री को केवल दो साल के लिए, 2019 के विश्व कप तक का कोच बनाया गया है। गेंदबाजी सलाहकार के रूप में जहीर खान रवि शास्त्री की मदद करेंगे, जो उस समय गेंदबाजी सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका निभायेंगे और राहुल द्रविड़ विदेशों में बल्लेबाजी के कोच के रूप में अपनी सेवा प्रदान करेंगे। यह राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम के शीर्ष क्रम में शास्त्री का दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले वह 2014 से 2016 तक टीम में निर्देशक के रूप में कार्य कर चुके हैं।

चयन का कारण

शास्त्री को कोच बनाने का मुख्य कारण यह है कि वह निर्देशक के रूप में टीम में रह चुके हैं। 2014 में एक मुश्किल अवधि के बाद उन्होंने टीम को नियंत्रित किया था। उनका कार्यकाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक शानदार प्रदर्शन से शुरू हुआ, जहाँ श्रृंखला में हारने के बावजूद भारतीय टीम आक्रामक ढंग से खेली थी। ऐसा तब हुआ था जब कोहली टेस्ट में कप्तान बने, उसके बाद टीम ने आगामी त्रि-सीरीज के फाइनल तक प्रगति की और टीम 2015 के विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुँच गई। टीम ने न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को उन्हीं के देश में हराया, वहीं भारत ने एक दिवसीय मैच में आस्ट्रेलिया को भी हराया, एशिया कप टी -20 का फाइनल भी जीता और फिर भारतीय टीम अपने होम ग्राउंड पर टी -20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची। उनकी मौजूदगी में 2016 में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में 8 वें नम्बर पर थी जो अब पहले स्थान पर पहुंच गई है।

यह भी गौर करने वाली बात है कि शास्त्री कोच पद के लिये कोहली की पहली पसंद हैं इन दोनों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, जिन्होंने शास्त्री को कोच के रूप में शामिल करने के लिए एक जोरदार दबाव डाला था। वास्तव में, कोहली अपनी टीम में कोच के रूप में शास्त्री को देखना चाहते थे इसलिए वह क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की बात भी नहीं सुनना चाहते थे, जो अनिल कुंबले को ही कोच बनाये रखना चाहती थी। शास्त्री को एक महान प्रबंधक माना जाता है इसलिए कोहली उनके पक्ष में चले गये थे।

कोच के रूप में चुनौतियां

भारत दो साल के बाद होने वाले विश्व कप 2019 की ओर बढ़ रहा है, यह दो  साल की अवधि भारत के लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण है। भारत हाल ही में श्रीलंका के साथ एक पूर्ण सीरीज खेलेगा उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक दिवसीय सीरीज उसके होमग्राउंड पर ही खेलेगा। वर्ष 2018 जनवरी और फरवरी में, भारतीय टीम पूर्ण सीरीज खेलने के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी और उसके बाद श्रीलंका के खिलाफ एक पूर्ण सीरीज उसके होम ग्राउंड पर ही खेलेगी। वर्ष 2018 के जून में, भारतीय टीम एशिया कप खेलेगी और इसके बाद इंग्लैंड का पूर्ण दौरा करेगी। भारतीय टीम वेस्टइंडीज के होम ग्राउंड पर एक पूर्ण सीरीज के लिए मेजबानी करेगी और फिर चार टेस्ट मैच खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया जायेगी। 2019 के विश्व कप से पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू मैदान पर एक छोटी सी सीरीज खेलेगी और फिर एकदिवसीय मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगी। इसलिए, जैसा कि देखा जा सकता है कि टीम द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी कोच की होती है।

कोच के रूप में भूमिकाएं और जिम्मेदारियां

विराट कोहली के द्वारा कुंबले के खिलाफ शिकायत की गई कि वह बहुत सख्त और तंग करने वाले हैं, शायद टीम भी कुंबले के खिलाफ थी। कई बार जब वह टीम के प्रदर्शन या किसी विशेष खिलाड़ी के प्रदर्शन से असंतुष्ट होते थे तो अपनी नाराजगी को बेवजह तरीके से जाहिर नहीं करते थे। वास्तव में, एक बोर्ड अधिकारी ने यह भी कहा, कि चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्‍तान से मिली हार के कारण वह बेहद दुखी थे इसके लिए अनिल कुंबले ने भारतीय खिलाड़ियों को जमकर डाँट लगाई थी। यह वह जगह है जहाँ शास्त्री को कुछ नए तरीके से टीम का उत्साहवर्धन करने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि उन्हें खिलाड़ियों को सिखाने के लिए अच्छी प्रकार से जाना जाता है, वह एक सुविधादाता और प्रोत्साहित पिता के रूप में कार्य करेंगे। कोहली का मानना ​​है कि भारतीय कोच से टीम की भावना को बनाए रखने की उपेक्षा है, इस स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने के बजाय, खिलाड़ियों से उचित व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण है। उन्हें लगता है कि उन्हें और टीम को भावनाओं की आवश्यकता है जिसे शास्त्री द्वारा टीम में की जाने की उम्मीद होगी, शायद कुंबले के युग में ड्रेसिंग रूम खुशमिजाज नहीं था जिसके कारण भारत संकट में आ गया था।