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कक्षा 12 के बाद लघु अवधि के पाठ्यक्रम

July 7, 2017


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Short-term-Courses-after-Class-XII-hindiकक्षा 12 को उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के रूप में जाना जाता है। इसमें बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इस साल आने वाला रिजल्ट किसी के लिए बड़ी सफलता तो किसी के लिए असफलता साबित हुआ। जो छात्र पूरे देश के विभिन्न महाविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हुए हैं, वह अब अपनी रैंकिंग जानते हैं। कुछ छात्रों ने अपनी पसंद के कॉलेज में प्रवेश लिया है जबकि कुछ ने नहीं लिया है। कुछ छात्र कॉलेज में एडमिशन लेने के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जो उन्हें एक डिग्री प्राप्त करने के बाद जल्द से जल्द नौकरी प्रदान कराएं। भारत में शिक्षा प्रणाली वास्तव में नए रुझानों के उदय को देख रही है जिसमें छात्रों को डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के माध्यम से अध्ययन के अपने चुने हुए क्षेत्र में विशेषज्ञ होने का विकल्प चुनना है। ये पाठ्यक्रम छात्रों को अपने अध्ययन के क्षेत्र में एक विशेषज्ञता प्रदान करते हैं। यह पाठ्यक्रम बहुत प्रतिष्ठित होते हैं। इनमें से कुछ पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा भी देनी पड़ती है।

यहाँ उन छात्रों के लिए उपलब्ध विकल्पों की एक विस्तृत जानकारी है, जो भविष्य के लिए अपनी योजनाओं के आधार पर कक्षा 12 पास कर चुके हैं:

नौकरी दिलाने वाले डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की तलाश

एक डिग्री के बजाय डिप्लोमा चुनना सस्ती प्रवृत्ति है जिसमें बार-बार कॉलेज नहीं जाना पड़ता है और छात्रों का कम खर्च होता है। खैर, इन छात्रों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वर्तमान युग में डिप्लोमा कोर्सों के असंख्य विकल्प हैं जो भविष्य में आसानी से नौकरी मिलने में मदद करते हैं। इनमें से कुछ कोर्स यहाँ प्रस्तुत हैं:

  • डिप्लोमा इन कैटरिंग, बिजनेस मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी एन्ड ऐविएशन, फाइन आर्ट, इन्टीरियर डिजाइनिंग, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन और इंजीनियरिंग।
  • बीपीओ कौशल (टेलीफोन व्यापार और बातचीत) में ब्रिटिश काउंसिल द्वारा पाठ्यक्रम संचालित किये जाते हैं। इन पाठ्यक्रमों के पूरा होने पर, कॉल सेंटरों में आसानी से नौकरी मिल सकती हैं या फ्रीलांसर पर रचनात्मक लेखन के रूप में अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
  • फैशन डिजाइन आज भी प्रचलन में है यह कोई विशेष पाठ्यक्रम नहीं है। कोई भी फैशन टेक्नोलॉजी या डिप्लोमा कोर्स का विकल्प चुन सकता है।
  • कई लोग तो ऐसे भी हैं जिनको इस कोर्स के अस्तित्व के बारे में नहीं पता है, इसलिए इस कोर्स का एक ही संस्थान के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। भारत में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बारटेंडिंग (आईआईबीटी) है, जो इस विषय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इस कोर्स के बाद नौकरी का आश्वासन दिया जाता है।
  • एक विदेशी भाषा सीखना आपकी अनुवादक के रूप में नौकरी प्राप्त करने में काफी मदद करेगा। दुनिया भर के देशों के आपस में मिलने से अनुवादकों की मांग बहुत बढ़ गई है।
  • कुछ नए डिप्लोमा कोर्स हैं जिनका चयन छात्र कर सकते हैं। वे ज्योतिष, हस्तकला, ​​शारीरिक शिक्षा और योग में डिप्लोमा जैसे कोर्स हैं। फिटनेस का प्रचलन और भविष्य के बारे में जानने की लोगों की उत्सुकता के कारण, यह पाठ्यक्रम के अंत में एक नौकरी देने का वादा करते हैं।

इन्टरमीडिएट में लिये गये विषय के आधार पर

विज्ञान:

  • विज्ञान वर्ग से 12 वीं पास करने के बाद नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, मेडिकल लैब टेकनीशियन, रेडियोलोजी लैब टेकनीशियन, नेत्र विज्ञान में डिप्लोमा और इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल, सिविल, आईटी इंजीनियरिंग आदि डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश के द्वार खुल जाते हैं।

कॉमर्स

  • कामर्स वर्ग के छात्रों के पास डिप्लोमा इन बैंकिंग, इन्डस्ट्रियल अकाउंटेंसी, फाइनेन्सियल एकाउटिंग, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन इंश्योरेंस जैसे पाठ्यक्रम चुनने का विकल्प होता है।

कला

  • कला वर्ग के छात्रों के पास विभिन्न विकल्प हैं। जो इनमें मुख्य रूप से रत्न और आभूषण, आरजे, साउंड रिकॉर्डिंग, ब्रोडकॉस्ट जर्नलिज्म, संपादन और उत्पादन, फिल्म निर्माण और निर्देशन, हवाई अड्डा प्रबंधन आदि शामिल हैं। वास्तव में इन कोर्सों की सूची अनन्त है।

प्रवेश परिक्षा के लिये आराम से सोंचें

ऐसे कई छात्र हैं, जो पूरे साल मेहनत करते हैं, ताकि प्रवेश परीक्षा में पास हो सके और फिर अपनी पसंद के कॉलेज में प्रवेश पाने में सफल हो सकें। छात्रों को  सबसे पहले अच्छी तरह से यह समझने की जरूरत है कि स्कूल में बोर्ड की परीक्षा देने के बाद प्रवेश के लिए तैयारी करने के लिये पर्याप्त समय होगा या नहीं। वास्तव में, ज्यादातर मामलों में, बहुत अधिक समय हानिकारक हो सकता है। कुछ लधु पाठ्यक्रम हैं जिनको छात्र अपने खाली समय में कर सकते हैं जो न केवल उनके भविष्य में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें अपने विषयों में आराम प्रदान करेंगे और यह आपके सीवी (योग्यताओं और किये गये पाठ्यक्रमों की सूची, रिज्यूम) में एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम को बढ़ाते हैं।

  • छात्र कंप्यूटर कोर्सों में नामांकन कर सकते हैं और सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन सीख सकते हैं। ग्राफिक्स, 3 डी एनिमेशन एन्ड विजुअल इफेक्ट, मोशन ग्राफिक्स, फोटोग्राफी, इंटरनेट मार्केटिंग आदि जैसे विविध विकल्प हैं।
  • कोई भी अंग्रेजी बोलने और लिखने के कौशल पर एक संक्षिप्त कोर्स भी कर सकता है जो भविष्य में उपयोगी होगा।
  • सारे छात्र टीईएफएल और जीआरई जैसे कोर्स कर सकते हैं हालांकि अवधि केवल तीन साल के लिए वैध हैं, यह एक अभ्यास सत्र की तरह होगा।
  • कुछ पाठ्यक्रम मजेदार हैं जो तनाव को कम करने का काम करते हैं। जिनमें खाना बनाना, विदेशी भाषा सीखना, आवाज मोड्यूलेशन तथा फोटोग्राफी इत्यादि शामिल हैं।

असीमित

भारत में ऐसे पाठ्यक्रमों की कोई कमी नहीं है जो आपको नौकरी दिलवाने का वादा न करते होँ। छात्रों को सिर्फ यह पता होना चाहिए कि वे क्या करना चाहते हैं और उसके अनुसार अपनी पसंद के पाठ्यक्रम को चुन सकते हैं। वह दिन चले गये जब छात्र भविष्य में सिर्फ डॉक्टर, एकाउंटेंट, इंजीनियर और शिक्षक बनने के बारे में सोचते थे। वर्तमान युग में, विभिन्न विकल्पों के आधार पर छात्रों के माता-पिता अपने बच्चों को अंधानुकरण में भी शामिल नहीं होने देते हैं और वे खुद ही सफलता के लिए अपना रास्ता बनाते हैं। उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए कक्षा 12 के सभी छात्रों के लिए यह सबसे अच्छा तरीका होगा।