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भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की सूची (1954 – 2018)

November 21, 2018


भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की सूची (1954 – 2015)

भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं का संक्षिप्त अवलोकन

भारत रत्न, भारत सरकार द्वारा वर्ष 1954 में संस्थापित, देश के सबसे सर्वोच्च और प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों में से एक है और इस पुरस्कार की प्रधानता में गिनती, सातवें स्थान पर की जाती है। इस पुरस्कार को “देश के विशेष सेवा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन” के लिए प्रदान किया जाता है। भारत रत्न योग्यता आधारित पुरस्कार है और यह पुरस्कार विजेताओं को पद, जाति, लिंग या व्यवसाय जैसे किसी भी भेदभाव के बिना प्रदान किया जाता है।

वर्ष 2011 से पहले, यह पुरस्कार केवल विज्ञान, कला, साहित्य और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में उपलब्धियाँ प्राप्त लोगों को ही दिया जाता था। हालांकि, दिसंबर 2011 में, पुरस्कारों के मानदंडों के विस्तार में “मानव प्रयास के सभी क्षेत्रों” की उपलब्धियों को भी शामिल किया गया था। हर साल, अधिकतम तीन लोग ही भारत रत्न पुरस्कार पाने के हकदार होते हैं। भारत रत्न पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है; हालांकि, भारत रत्न पुरस्कार किसे प्रदान करना है, इसकी सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में राजनीति, व्यवसाय, खेल, संगीत, आदि क्षेत्रों में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नीचे हम भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की एक सूची पेश करते हैं।

सी राजगोपालाचारी (वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित)

सी राजगोपालाचारी वर्ष 1948 से वर्ष 1950 तक स्वतंत्र भारत के गवर्नर जनरल रहे। वह इस पद को अपने अधिकार में रखने वाले पहले और अंतिम भारतीय थे। ब्रिटिश शासन के दौरान वह वर्ष 1937 से वर्ष 1939 तक मद्रास प्रान्त के मुख्यमंत्री रहे। स्वतंत्र भारत में, उन्होंने वर्ष 1952 से वर्ष 1954 तक मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। सी राजगोपालाचारी ने स्वतंत्र पार्टी की स्थापना भी की थी।

सर्वपल्ली राधाकृष्णन (वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित)

सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक प्रसिद्ध दार्शनिक थे। वह वर्ष 1952 से वर्ष 1962 तक भारत के उपराष्ट्रपति भी रहे। वर्ष 1962 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया था। भारत में सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।राधाकृष्णन तुलनात्मक धर्म और दर्शन के सबसे प्रतिष्ठित विद्वानों में से एक थे। राधाकृष्णन ने मैसूर विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के पद पर कार्य किया था, कलकत्ता विश्वविद्यालय के किंग जॉर्ज पंचम चेयर में मानसिक और नैतिक विज्ञान तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के स्पैल्डिंग में पूर्वी धर्म और नैतिकता के प्रोफेसर पद पर कार्य किया। सर्वपल्ली राधाकृष्णन हिंदू धर्म की समझ को एक आकार प्रदान करने में प्रभावशाली रहे थे।

सी.वी. रमन (वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित)

सी.वी. रमन एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित वैज्ञानिक थे। रमन, जिनको वर्ष 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, उनकी यह खोज दुनिया भर में रमन प्रभाव के नाम से जानी जाती है, जो प्रकाश के प्रकीर्णन और प्रभाव की खोज से संबंधित है।

भगवान दास (वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित)

भगवान दास ने वर्ष 1921 में एक भारतीय थिओसोफिस्ट (ब्रम्हविद्यावादी) महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की सह-स्थापना की थी। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में मदन मोहन मालवीय की सहायता भी की थी।

एम विश्वेश्वरय्या (वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित)

एम विश्वेश्वरय्या एक मशहूर इंजीनियर थे और भारत में हर साल इनका जन्मदिन, 15 सितंबर को इंजीनियर दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया था और वह हैदराबाद की बाढ़ संरक्षण प्रणाली के प्रमुख डिजाइनर थे।

जवाहर लाल नेहरू (वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित)

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले जवाहर लाल नेहरू मुक्त भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। वह सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री के पद पर आसीन रहे और उन्होने वर्ष 1947 से वर्ष 1964 तक प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला था। देशभर में चाचा नेहरू के नाम से मशहूर जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गोविंद बल्लभ पंत (वर्ष 1957 में भारत रत्न से सम्मानित)

गोविंद बल्लभ पंत ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने ब्रिटिश शासन के साथ-साथ स्वतंत्र भारत की सरकार में भी में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उन्होंने संयुक्त प्रान्त के प्रमुख के रूप में दो बार वर्ष 1937 से वर्ष 1939 और वर्ष 1946 से वर्ष 1950 तक कार्यभार संभाला था। उन्होने वर्ष 1950 से वर्ष 1954 तक उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 1955 में, वह भारत के गृह मंत्री बने थे।

धोंडो केशव कर्वे (वर्ष 1958 में भारत रत्न से सम्मानित)

कर्वे एक समाज सुधारक और शिक्षक थे। उन्होंने देश की महिलाओं के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने हिंदू विधवाओं के पुनर्विवाह और महिलाओं के लिए, शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किया था। वह महिलाओं के विकास के लिए विधवा विवाह संघ और हिंदू विधवा घर जैसी कई संस्थाओं को शुरू करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 1916 में श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

बिधान चंद्र रॉय (वर्ष 1961 में भारत रत्न से सम्मानित)

बिधान चंद्र रॉय एक प्रतिष्ठित चिकित्सक के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थे। वह वर्ष 1948 से वर्ष 1962 तक बंगाल के मुख्यमंत्री भी रहे। आधुनिक पश्चिम बंगाल के निर्माता के रूप में मशहूर, बिधान चंद्र रॉय का जन्मदिन देश भर में, 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है।

पुरुषोत्तम दास टंडन (वर्ष 1961 में भारत रत्न से सम्मानित)

स्वतंत्रता सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन को राजर्षि का नाम दिया गया था। उन्हें हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के अभियान के लिए याद किया जाता है।

डा. राजेंद्र प्रसाद (वर्ष 1962 में भारत रत्न से सम्मानित)

डा. राजेंद्र प्रसाद वर्ष 1950 से वर्ष 1962 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होने असहयोग आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। वह एक महान विद्वान, एक वकील और राजनेता भी थे।

डा. जाकिर हुसैन (वर्ष 1963 में भारत रत्न से सम्मानित)

डा. जाकिर हुसैन वर्ष 1962 से वर्ष 1967 तक भारत के उपराष्ट्रपति और वर्ष 1967 से वर्ष 1969 तक राष्ट्रपति रहे। वह एक स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ वर्ष 1948 से वर्ष 1956 तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे।

पांडुरंग वामन काणे (वर्ष 1963 में भारत रत्न से सम्मानित)

काणे संस्कृत के विद्वान होने के साथ-साथ एक इंडोलोजिस्ट (भारत-विद) भी थे। उन्होंने अपने स्मारकीय कार्य धर्मशास्त्र के इतिहास में; भारत के प्राचीन और मध्यकालीन धार्मिक और नागरिक कानून का उल्लेख किया है।

लाल बहादुर शास्त्री (वर्ष 1966 में भारत रत्न से सम्मानित)

लाल बहादुर शास्त्री वर्ष 1964 से वर्ष 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने वर्ष 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में राष्ट्र का नेतृत्व किया था। वह अपने जय जवान जय किसान के नारे के लिए प्रसिद्ध हैं।

इंदिरा गाँधी (वर्ष 1971 में भारत रत्न से सम्मानित)

इंदिरा गाँधी वर्ष 1966 से वर्ष 1977 और वर्ष 1980 से वर्ष 1984 तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। इंदिरा गाँधी को भारत की आयरन लेडी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बांग्लादेश का विभाजन किया था।

वी वी गिरी (वर्ष 1975 में भारत रत्न से सम्मानित)

विख्यात स्वतंत्रता सेनानी वी वी गिरी भारत के पहले कार्यवाहक अध्यक्ष थे और वर्ष 1969 में उन्हें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।

के कामराज (वर्ष 1976 में भारत रत्न से सम्मानित)

स्वतंत्रता सेनानी कामराज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थे और यह तमिलनाडु राज्य के वर्ष 1954-57, वर्ष 1957-62 और वर्ष 1962-63 तक मुख्यमंत्री रहे।

मदर टेरेसा (वर्ष 1980 में भारत रत्न से सम्मानित)

मदर टेरेसा अपने दान के काम के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होने धर्म-प्रचारक दानी संस्था कैथोलिक नन की स्थापना की थी। वर्ष 1979 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला था। 19 अक्तूबर 2003 को पोप जॉन पॉल द्वितीय ने उन्हें धन्य घोषित (महान महिला) किया था। पोप फ्रांसिस ने 4 सितंबर 2016 को उन्हे संत की उपाधि प्रदान की थी।

विनोबा भावे (वर्ष 1983 में भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित)

विनोबा भावे स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक के साथ-साथ भूदान आंदोलन, जो भूमि-उपहार आंदोलन था, के लिए प्रसिद्ध हैं। विनोबा भावे को वर्ष 1958 में रमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

खान अब्दुल गफ्फार खान (वर्ष 1987 में भारत रत्न से सम्मानित)

एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान ने, वर्ष 1929 में खुदाई खिद्मतगार की स्थापना की थी। महात्मा गाँधी के कट्टर अनुयायी खान अब्दुल गफ्फार खान को, फ्रंटियर गाँधी के नाम से भी जाना जाता है।

एम जी रामचंद्रन (वर्ष 1988 में भारत रत्न से सम्मानित)

रामचंद्रन एक अभिनेता थे, जो बाद में राजनीति में शामिल हो गए थे। वह  वर्ष 1977 से 80 तक, वर्ष 1980 से 84 तक और वर्ष 1985 से 87 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री भी रहे।

बी आर अंबेडकर (वर्ष 1990 में भारत रत्न से सम्मानित)

दलित नेता, बी आर अंबेडकर ने दलितों के हित के लिए, सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उत्साहपूर्ण अभियान चलाया था। आजादी के बाद, अंबेडकर ने भारतीय संविधान का प्रारूपण किया था। अंबेडकर भारत के पहले कानून मंत्री थे।

नेल्सन मंडेला (वर्ष 1990 में भारत रत्न से सम्मानित)

मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने वर्ष 1994 से वर्ष 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में भी काम किया। मंडेला, जिन्हें दक्षिण अफ्रीका का गाँधी भी कहा जाता है, उन्हें वर्ष 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

राजीव गांधी (वर्ष 1991 में भारत रत्न से सम्मानित)

राजीव गांधी वर्ष 1984 से वर्ष 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। 40 वर्ष की उम्र में शपथ लेने वाले, वह भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे।

वल्लभभाई पटेल (वर्ष 1991 में भारत से सम्मानित)

स्वतंत्रता सेनानी वल्लभभाई पटेल ने भारतीय संघ में रियासतों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए उन्हें भारत के आयरन मैन की उपाधि प्रदान की गई थी।

मोरारजी देसाई (वर्ष 1991 में भारत रत्न से सम्मानित)

मोरारजी देसाई वर्ष 1977 से वर्ष 1979 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। देसाई ने पाकिस्तान की सरकार द्वारा प्रस्तुत निशान-ए-पाकिस्तान नामक सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार जीता था। वह इस सम्मान को पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं।

अब्दुल कलाम आजाद (वर्ष 1992 में भारत रत्न से सम्मानित)

स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कलाम आजाद, भारत के प्रथम शिक्षामंत्री थे। भारत में हर साल 11 नवंबर को कलाम का जन्मदिन, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जेआरडी टाटा (वर्ष 1992 में भारत रत्न से सम्मानित)

जेआरडी टाटा उद्योगपति के साथ-साथ समाज-सेवी थे। इनकी कई उपलब्धियों में से एक एयर इंडिया की स्थापना है, साथ ही इन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च आदि की भी स्थापना की है।

सत्यजीत रे (वर्ष 1992 में भारत रत्न से सम्मानित)

सबसे महान फिल्म निर्माताओं में से एक सत्यजीत रे को वर्ष 1984 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक पाथेर पांचाली है।

गुलजारीलाल नंदा (वर्ष 1997 में भारत रत्न से सम्मानित)

योजना आयोग के दो बार चयनित उपाध्यक्ष, नंदा ने वर्ष 1964 और वर्ष 1966 में भारत के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य किया।

अरुणा असफ अली (वर्ष 1997 में भारत रत्न से सम्मानित)

अरुणा असफ अली, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी, वह दिल्ली में वर्ष 1958 में चयनित पहली मेयर थीं।

ए पी जे अब्दुल कलाम (वर्ष 1997 में भारत रत्न से सम्मानित)

कलाम एक प्रशंसित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (एयरोस्पेस) और रक्षा वैज्ञानिक थे। वह इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्रामिंग के पितामह थे। कलाम वर्ष 2002 से वर्ष 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे।

एमएस सुब्बुलक्ष्मी (वर्ष 1998 में भारत रत्न से सम्मानित)

सुब्बुलक्ष्मी एक कर्नाटक शास्त्रीय गायक थीं। उन्होंने गायक में रमन मैगसेसे पुरस्कार जीता था और यह रमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली भारतीय थीं। सुब्बुलक्ष्मी को गीतों की रानी भी कहा जाता है।

चिदंबरम सुब्रमण्यम (वर्ष 1998 में भारत रत्न से सम्मानित)

सुब्रमण्यम वर्ष 1964 से वर्ष 1966 तक भारत के कृषि मंत्री रहे। उन्होंने हरित क्रांति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

जयप्रकाश नारायण (वर्ष 1999 में भारत रत्न से सम्मानित)

लोक नायक के रूप में मशहूर जयप्रकाश नारायण को वर्ष 1970 के दशक में इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ किए गए, उनके संघर्ष के लिए जाना जाता है। इसके लिए उन्होंने सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन शुरू किया था।

अमर्त्य सेन (वर्ष 1999 में भारत रत्न से सम्मानित)

अमर्त्य सेन एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं। सेन ने कई विषयों पर शोध किया है और इन्होंने वर्ष 1998 में आर्थिक विज्ञान में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार जीता था।

गोपीनाथ बोरदोलोई (वर्ष 1999 में भारत रत्न से सम्मानित)

बोरदोलोई वर्ष 1946 से वर्ष 1950 तक असम के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने विभाजन के दौरान असम को भारत के साथ एकजुट कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

रवि शंकर (वर्ष 1999 में भारत रत्न से सम्मानित)

रविशंकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रसिद्ध सितार-वादक थे। वह चार ग्रैमी पुरस्कारों को अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर काम किए हैं।

लता मंगेशकर (वर्ष 2001 में भारत रत्न से सम्मानित)

लता मंगेशकर को मधुर आवाज के कारण, भारत की कोकिला (कोयल) कहा जाता है। उन्होंने 36 से अधिक भाषाओं में गाने गाए हैं, जिसके कारण वे विशेष सम्मान की हकदार हैं। लता मंगेशकर वर्ष 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार को भी अपने नाम कर चुकी हैं।

बिस्मिल्लाह खाँ (वर्ष 2001 में भारत रत्न से सम्मानित)

शहनाई-वादक बिस्मिल्लाह खाँ ने न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्धि हासिल की है। उन्होंने शहनाई को लोकप्रिय बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।

भीमसेन जोशी (वर्ष 200 9 में भारत रत्न से सम्मानित)

भीमसेन जोशी कर्नाटक राज्य के एक प्रशंसित गायक थे। उन्होंने वर्ष 1998 में संगीत नाटक अकादमी से अनुदान भी प्राप्त किया था।

सीएनआर राव (वर्ष 2014 में भारत रत्न से सम्मानित)

सीएनआर राव प्राध्यपक के साथ-साथ एक रसायनशास्त्री भी थे और इन्होंने स्पेक्ट्रोस्कोपी, मॉलिक्यूलर  स्ट्रक्चर, सॉलिड स्टेट और रसायन विज्ञान में काफी काम किया है।

सचिन तेंदुलकर (वर्ष 2014 में भारत रत्न से सम्मानित)

विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक, सचिन तेंदुलकर ने 664 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने अपने दो दशक से अधिक के कैरियर में कई रिकॉर्ड बनाए हैं और वह एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज हैं।

मदन मोहन मालवीय (वर्ष 2015 में भारत रत्न से सम्मानित)

मदन मोहन मालवीय ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। वर्ष 1924 से वर्ष 1946 तक, वह हिंदुस्तान टाइम्स के अध्यक्ष भी रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी (वर्ष 2015 में भारत रत्न से सम्मानित)

अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1996 से 1998 और वर्ष 1999 से वर्ष 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वर्ष 1977 से वर्ष 1979 तक, वह विदेशमंत्री रहे। वर्ष 1994 में अटल बिहारी वाजपेयी को सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार से नवाजा गया था।

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1 criketar ko bhatar ratn ka purushkaar diya gaya lekin jisne sambidhan ki rakhna ki un mahapurush dene se katra rahe the hamare desh ke bharat neta.ant me Dena hi pada

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